सेल्युकसी साम्राज्य

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सेल्युकसी साम्राज्य
Βασιλεία τῶν Σελευκιδῶν

312 ईसा पूर्व–63 ईसा पूर्व

सेल्युकस प्रथम का टेट्राद्राच्म, जो दर्शाता है कि सेल्युकसी साम्राज्य के राजचिह्न सिंह वाला घोडा, हाथी तथा लंगर थे।[1][2]

साम्राज्य का अधिकतम विस्तार क्षेत्र तथा सेल्युकस प्रथम के मृत्यु के समय विस्तार क्षेत्र, 281 ईसा पूर्व
राजधानी
भाषाएँ
धर्म
शासन राजवंश
बेसिल्यूस
 -  305–281 ईसा पूर्व सेल्युकस प्रथम (प्रथम)
 -  65–63 पूर्व फिलिप द्वितीय (अंतिम)
ऐतिहासिक युग हेलिनिस्टिक काल
 -  दियादोची के युद्ध 312 ईसा पूर्व
 -  इप्सस का युद्ध 301 ईसा पूर्व
 -  रोमन-सेल्युकसी युद्ध 192–188 ईसा पूर्व
 -  अपमेया की सन्धि 188 ईसा पूर्व
 -  मैकाबीन विद्रोह 167–160 ईसा पूर्व
 -  रोम का कब्ज़ा 63 ईसा पूर्व
क्षेत्रफल
 -  303 ईसा पूर्व[5] 30,00,000 किमी ² (11,58,306 वर्ग मील)
 -  301 ईसा पूर्व[5] 39,00,000 किमी ² (15,05,798 वर्ग मील)
 -  270 ईसा पूर्व[5] 32,00,000 किमी ² (12,35,527 वर्ग मील)
 -  240 ईसा पूर्व[5] 26,00,000 किमी ² (10,03,866 वर्ग मील)
 -  175 ईसा पूर्व[5] 8,00,000 किमी ² (3,08,882 वर्ग मील)
पूर्ववर्ती
अनुगामी
मेसिडोनियाई साम्राज्य
सीरिया प्रान्त
पहलवी साम्राज्य
यूनानी-बैक्ट्रियाई साम्राज्य
हस्मोनियाई साम्राज्य
ओस्रोइन

सेल्युकसी साम्राज्य (प्राचीन यूनानी : Βασιλεία τῶν Σελευκιδῶν, बैसिलिया टोन सेल्युकिडोन) हेलिनिस्टिक काल का एक साम्राज्य है, जिसपर सेल्युकसी वंश ने शासन किया। इस साम्राज्य का कालखंड 312 ईसा पूर्व से 63 ईसा पूर्व तक रहा। इसकी स्थापना सेल्युकस प्रथम निकेटर ने मेसिडोनियाई साम्राज्य, जिसका सिकंदर महान ने अत्यधिक विस्तार किया था, के विभाजन के पश्चात की थी।[6][7][8][9] साम्राज्य के अधिकतम विस्तार के समय यह अनातोलिया, फ़ारस (पर्शिया), लेवांट, मेसोपोटामिया तथा वर्तमान में कुवैत, अफ़ग़ानिस्तान तथा आंशिक रूप से पाकिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान तक विस्तृत था।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. गेटज़ेल एम॰ कोहेन; The Hellenistic Settlements in Syria, the Red Sea Basin, and North Africa, pp. 13.
  2. लेनेट जी॰ माईकल; Every Inch a King: Comparative Studies on Kings and Kingship in the Ancient and Medieval Worlds, page 123.
  3. रिचर्ड एन॰ फायर, द हिस्ट्री ऑफ़ एनशियेंट ईरान, (बैलेनटाइन लिमटेड, 1984), 164.
  4. Julye Bidmead, The Akitu Festival: Religious Continuity and Royal Legitimation in Mesopotamia, (Gorgias Press, 2004), 143.
  5. Taagepera, Rein (1979). "Size and Duration of Empires: Growth-Decline Curves, 600 B.C. to 600 A.D." Social Science History. 3 (3/4): 121. डीओआइ:10.2307/1170959. अभिगमन तिथि 14 September 2016.
  6. Jones, Kenneth Raymond (2006). Provincial reactions to Roman imperialism: the aftermath of the Jewish revolt, A.D. 66-70, Parts 66-70. University of California, Berkeley. पृ॰ 174. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-542-82473-9. ... and the Greeks, or at least the Greco-Macedonian Seleucid Empire, replace the Persians as the Easterners.
  7. Society for the Promotion of Hellenic Studies (London, England) (1993). The Journal of Hellenic studies, Volumes 113-114. Society for the Promotion of Hellenic Studies. पृ॰ 211. The Seleucid kingdom has traditionally been regarded as basically a Greco-Macedonian state and its rulers thought of as successors to Alexander.
  8. Baskin, Judith R.; Seeskin, Kenneth (2010). The Cambridge Guide to Jewish History, Religion, and Culture. Cambridge University Press. पृ॰ 37. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-68974-8. The wars between the two most prominent Greek dynasties, the Ptolemies of Egypt and the Seleucids of Syria, unalterably change the history of the land of Israel…As a result the land of Israel became part of the empire of the Syrian Greek Seleucids.
  9. Glubb, John Bagot (1967). Syria, Lebanon, Jordan. Thames & Hudson. पृ॰ 34. OCLC 585939. In addition to the court and the army, Syrian cities were full of Greek businessmen, many of them pure Greeks from Greece. The senior posts in the civil service were also held by Greeks. Although the Ptolemies and the Seleucids were perpetual rivals, both dynasties were Greek and ruled by means of Greek officials and Greek soldiers. Both governments made great efforts to attract immigrants from Greece, thereby adding yet another racial element to the population.