सुजाता चौधरी

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डॉ. सुजाता चौधरी प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. मृदुला मुखर्जी के साथ

सुजाता चौधरी (English : Sujata Chaudhary) वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार, सम्पादक तथा लोकोपकारक हैं, इनका लेखन नाम सुजाता है | इनके द्वारा अधिकांश पुस्तकें महात्मा गाँधी के विचारों तथा कार्यों पर लिखी गयी हैं |

प्रारम्भिक जीवन[संपादित करें]

सुजाता चौधरी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, हंगरी में

सुजाता चौधरी का जन्म पटना के एक शिक्षित परिवार में 06 जनवरी 1964 को हुआ था | इनके पिता डॉ. इन्द्रदेव शर्मा समस्तीपुर कॉलेज के प्राचार्य थे, उनकी स्मृति में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा राजनीति शास्त्र का स्वर्ण पदक दिया जाता है | इन्होंने डॉक्टरेट सहित राजनीति शास्त्र और इतिहास में दो स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है | इन्होने कुछ वर्षों तक महाविद्यालय में अध्यापन भी किया |

लेखन[संपादित करें]

इनके अधिकांश लेखन की पात्र ग्रामीण महिलाएँ हैं | गाँधीवादी लेखन के साथ-साथ ये धर्म, राजनीति, इतिहास और स्त्री अधिकारों पर लिखती हैं | इन्होंने उपन्यास, कहानी-संग्रह, जीवन चरित, यात्रा वृतान्त, पटकथा आदि कई विधाओं में लिखा है | इनकी कुछ प्रकाशित पुस्तकें हैं :

  • दुःख भरे सुख
  • कश्मीर का दर्द
  • दुःख ही जीवन की कथा रही
  • प्रेमपुरुष
  • मर्द ऐसे ही होते हैं
  • सच होते सपने
  • संक्षिप्त श्रीमद्भागवतम
  • श्री चैतन्यदेव
  • बापू और स्त्री
  • महात्मा का अध्यात्म
  • गाँधी की नैतिकता
  • गाँधी और सुभाष
  • गाँधी और भगत सिंह
  • चालू लड़की
  • बापू कृत बालपोथी
  • सौ साल पहले : चम्पारण का गाँधी
  • मैं पृथा ही क्यों न रही
  • चम्पारण सत्याग्रह

ये अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन द्वारा प्रकाशित पत्रिका आधारशिला, एचटी मीडिया समूह द्वारा प्रकाशित कादम्बिनी, प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित आजकल समेत कई पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिखती हैं | इनकी सैकड़ों कहानियाँ आकाशवाणी से भी प्रसारित हो चुकी हैं |

फिल्म तथा शोध[संपादित करें]

महात्मा गाँधी को बिहार लाने वाले चम्पारण जिले के नील की खेती करने वाले एक किसान राजकुमार शुक्ल पर लिखा गया उपन्यास "सौ साल पहले" इसी वर्ष प्रकाशित हुआ है | जिसका विमोचन महात्मा गाँधी के प्रपौत्र तुषार गाँधी तथा सामाजिक कार्यकर्त्ता मेधा पाटेकर आदि ने चम्पारण में किया था | विमोचन के छह माह से भी कम अवधि में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में इस उपन्यास को शोध के लिए चुना गया | "बापू और स्त्री" नामक किताब पर डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म भी बन रही है |

लोकोपकार[संपादित करें]

सुजाता चौधरी लोकोपकार के विभिन्न कार्य करती रही हैं | वे श्री रास बिहारी मिशन न्यास की संस्थापक प्रबन्धन्यासी हैं, यह न्यास महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, ग्रामीण बच्चों के लिए न्यूनतम शुल्क सीबीएसई विद्यालय का संचालन, विधवा तथा परित्यक्ताओं को पूँजीगत अनुदान, वृन्दावन में धर्मार्थ गृह आश्रय का संचालन आदि करता है | वे तथा उनके चिकित्सक पति डॉ. अमरेन्द्र नारायण चौधरी वंचित वर्गों तक उन्नत शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुँच के लिए काम करते हैं | इन्होंने बिहार के बाँका जिले के एक सुदूर पिछड़े गाँव में शिक्षा तथा स्वरोजगार की उपलब्धता के उद्देश्य से निःशुल्क महात्मा गाँधी विद्या संस्थान तथा गाँधी आश्रम स्थापित करने के लिए अपनी 13 बीघे जमीन दान कर दी है |

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://www.thenews24x7.in/news-details.php?nid=7431&catid=16,21&meta=Ang-Mahila-Sammelan-
  2. http://www.prabhatkhabar.com/news/bhagalpur/story/873204.html
  3. http://sssprakashan.com/bookstore/index.php?main_page=product_info&products_id=188
  4. http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0:_%E0%A4%8F%E0%A4%95_%E0%A4%B8%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%A7_%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7_/_%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5_%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0
  5. http://www.jagran.com/bihar/bhagalpur-gandhi-dham-14804486.html
  6. https://www.jagran.com/bihar/katihar-12122222-18956888.html
  7. https://www.navjivanindia.com/news/to-understand-humanity-youth-should-read-gandhi-literature
  8. https://www.bhaskar.com/bihar/bhagalpur/news/25-years-ago-left-jewelry-school-running-for-children-024503-2870585.html
  9. http://pahalpatrika.com/frontcover/getrecord/204
  10. http://ubindianews.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF/


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