सुखोई एसयू-३० एमकेआई

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एसयू-३० एमकेआई
भारतीय वायिसेना का एसयू-३० एमकेआई।
प्रकार Air superiority fighter
उत्पत्ति का देश रशिया / भारत
उत्पादक हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड under licence from Sukhoi)
प्रथम उड़ान भारतीय वायिसेना एसयू-30: 1 जुलै 1997
एसयू-३० एमकेआई: 2000
आरंभ 27 सितंबर 2002
स्थिति उत्पादन में
प्राथमिक उपयोक्ता भारतीय वायुसेना
निर्मित 2000–अबतक
निर्मित इकाई 120[1]
इकाई लागत भारतीय रुपया1.61 बिलियन (US$23.51 मिलियन)[2]
से विकसित किया गया सुखोई एसयू-३०
अंतरण Sukhoi Su-30MKK
Sukhoi Su-30MKM

सुखोई ३० एमकेआई भारतीय वायुसेना का अग्रिम पन्क्ति का लड़ाकू विमान है। यह बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई तथा भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बना है। इस के नाम में स्थित एम के आई का विस्तार मॉडर्नि रोबान्बि कॉमर्स्कि इंडिकि (модернизированный коммерческий индийский) है यानि आधुनिक व्यावसायिक भारतीय (विमान)

इसी श्रृंखला के सुखोई ३०-एमकेके तथा एमके२ विमानों को चीन तथा बाद में इण्डोनेशिया को बेचा गया था। इसके अलावा एमकेएम, एमकेवी तथा एमकेए संस्करणों को मलेशिया, वेनेजुएला तथा अल्जीरिया को भी बेचा गया है। विमान ने सन १९९७ मे पहली उड़ान भरी थी। सन २००२ मे इसे भारतीय वायुसेना मे सम्मिलित कर लिया गया। सन २००४ से इनका निर्माण भारत मे ही हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह एक ४++ पीढ़ी का लडाकू विमान है।

अकतूबर २००९ मे ऐसे १०५ विमानो की ६ स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की सेवा मे थी। ऐसे कुल २८० विमान हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाये जाने की योजना है। यह विमान ३००० किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसे शक्ति इसके दो एएल-३१ तर्बोफैन इन्जनो से मिलती है जो इसे २६०० किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान मे अलग अलग तरह के बम तथा प्रक्षेपास्त्र ले जाने के लिये १२ स्थान है। भविष्य मे इसे ब्रह्मोस प्रक्षेपास्त्र से लैस किया जायेगा। इसके अतिरिक्त इसमे एक ३० मिमि की तोप भी लगी है।

संदर्भ[संपादित करें]

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