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कोनेरू हम्पी एक शतरंज खिलाड़ी हैं। अक्टूबर २००७ मैं, वह जुडित पोल्गर के बाद दूसरी महिला बनी, जिन्होंने २६०० की ईलो रेटिंग अंक पार कर के २६०६ का रेटिंग बनाया था। २००२ में हम्पी ने केवल १५ साल,१ महीने और २७ दिन के उम्र में ही सबसे छोटी ग्रैंडमास्टर का खिताब पाया था। उन्होंने जूडित पोल्गर को इस में तीन महीने से हराया था। पर हू यीफान ने इन्का रिकॉर्ड २००८ में तोड़ दिया था।

कोनेरू हम्पी
HumpyKoneru.jpg
Humpy in 2012
पुरा नाम कोनेरू हम्पी
देश इंडिया
जन्म 31 मार्च 1987 (1987-03-31) (आयु 34)
विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश, इंडिया
शीर्षक ग्रैंडमास्टर (2002)
फिडे रेटिंग 2607 (सितंबर 2021)
शीर्ष रेटिंग 2623 (July 2009)

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

कोनेरू हम्पी ने १९९७,१९९८ और २००० में विश्व युवा शतरंज चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पथक जीते थे। १९९९ में हम्पी ने अहमदाबाद में आयोजित एशियाई युवा शतरंज चैम्पियनशिप में लड़को के साथ प्रतिस्पर्धा करके वह अंडर १२ सेक्शन में जीती थी। हम्पी ने २००१ में विश्व जूनियर महिला चैम्पियनशिप को जिता था। अगले वर्ष के संस्करण में उन्होंने चीन के ज़ाओ के साथ पहला स्थान हासिल किया था। पर टाईब्रेक के बाद हम्पी ने दूसरा स्थान जीता था। २००४ में हम्पी ने विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में लड़्को के साथ प्रत्योगिता में खेला। उस प्रत्योगिता को पेंटाला हरिकृष्णा ने जिता था और और हम्पी ने पाँचवे स्थान को हासिल किया। वह ८/१३ के साथ दसवी नंबर पे आई। कोनेरू ने २००० में और २००१ में ब्रिटिश महिला चैम्पियनशिप को जिता था। २००३ में उन्होंने दसवी एशियाई महिला व्यक्तिगत चैम्पियनशिप को और भारतीय महिला चैम्पियनशिप को जीत लिया था। २००४ में पहली बार कोनेरू ने विश्व महिला शतरंज चैप्मियनशिप में भाग लिया था। तब से, उन्होंने नॉकआउट प्रारूप के साथ आयोजित कार्यक्रम के हर संस्करण में भाग लिया था। २००९ में उन्होंने तीन और लोगो के साथ १-४ का स्थान पाया था।

ए ई सी एफ पे आरोप[संपादित करें]

२००९ में कोनेरू ने ऑल इंडिया शतरंज फेडरेशन पे आरोप लगाया था। आरोप यह था कि उनहे टूरिन में आयोजित ३७ वे शतरंज ओलंपियाड में हिस्सा लेने से रोक दिया गाया था। उनके पिता, कोनेरू अशोक जो उन्हें प्रशिक्षित कर रहे थे, उन्हें कोनेरू के साथ टूर्नामेंट के समय यात्रा करने कि इजाज़त नहीं दीया गया था। इस विशय पे अभी भी विवाद कम नहीं हुआ हैं। कोनेरू ने एफआईडी महिला ग्रैंड प्रिक्स २००९-२०११ में हिस्सा लिया था। उस्मे कुल मिलाकर दूसरी स्थान को हासिल किया था। बदले में कोनेरू कि २०११ की महिला विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में चैलेंजर के रूप में हिस्सा लेने का मैका मिला था। हू यिफान ने मैच जीता था। हू तीन मैच कुल मिलकर जीते और पाँच मैच को ड्रो किया था। कोनेरू ने २०११-१२, २०१३-१४ और २०१५-१६ संस्करणों में भी एफआईडी महिला ग्रैंड प्रिक्स श्रृंखला में रनर-अप समाप्त किया। उन्हें २००३ में अर्जुन पुरस्कार और २००७ में पद्म श्री पुरस्कार दिया गया था। १९९९ में एशिया की सबसे छोटी महिला अंतर्राष्ट्रीय मास्टर का खिताब और २००१ में भारत की सबसे छोटी महिला ग्रैंडमास्टर का खिताब मिला था। वह ६ साल की उम्र से खेल रही है और उन्होंने विजयावाड़ा में अपना पहला टूर्नामेंट खेला था।

२०१५ और उसके बाद का जीवन[संपादित करें]

उन्होंने चेंगदू जो चीन का एक शहर हैं,वहा पे २०१५ में आयोजित किया गया महिला विश्व टीम शतरंज चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था। उस प्रत्योगिता में भारत ने चौथा स्थान हासिल किया था। भारत सिर्फ चीन से एक कदम पीछे था जिसने तिसरे स्थान को जीता था। हम्पी के पिता का नाम कोनेरू अशोक हैं और उनके माता का नाम श्रीमती लता अशोक हैं। उन दोनो ने अपने बेटी का नाम हम्पी रखा क्योन कि उसका अर्द "चैंपियन" हैं। हम्पी ने २०१४ में दासरी अन्वेश से शादि किया था। वह अब ओएनजीसी में काम करती हैं। वह ३१-०३-१९८७ को आंध्र प्रदेश के गुडिवाडा में उनका जनम हुआ था। वह चंद्र हौसा कोनेरू की बडी बहन हैं। १९९० के दशक में कोनेरू दुनिया के सबसे अच्छे खिलाडियों में एक थी। उनका सबसे बडीया रैंकिग पोलगार के पिछें दुसरे स्थान का था। २०१३ में हू के बाद आज उनका स्थान तीसरा हैं। उन्होंने २००७ में वैज़ाग चैलेंजर ट्रॉफी जीता था और तब उन्होंने दीपण चक्रवर्ती जे को ५-२ से हराया था।

दूसरे शौक[संपादित करें]

शतरंज खेलने के अलावा, वह फिल्में देखना पसंद करती है, रोजाना एक घंटे तक व्यायाम करती है और अपने दोस्तों के साथ समय बिताती है। हालिया रिकॉर्ड के अनुसार कोनेरू की रैंक दुनिया में ५ वें स्थान पर है। जुलाई (२००६) के महीने में कोनेरू ने महिलाओं की रैंकिंग में २५४५ के एलो स्कोर के साथ दूसरी स्थान पर कब्जा कर लिया था। कोनेरू हम्पी को "दा ग्रैंड चेसमास्टर" बुलाया जाता हैं और विश्वनाथन आनद के बाद भारत देश के सबसे बडियां खिलाड़ी माना जाता हैं। शीर्ष शतरंज चैंपियन कोनेरू हम्पी ने अपने संकल्प और ईमानदारी से भक्ति से महिमा हासिल की हैं।

संदर्भ[संपादित करें]

https://www.mapsofindia.com/who-is-who/sports/koneru-humpy.html

https://chess24.com/en/read/players/humpy-koneru