शासन

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शासन संचालन की गतिविधि को शासन कहते हैं, या दूसरे शब्दों में कहें तो, राज करने या राज चलाने को शासन कहा जाता है। इसका संबंध उन निर्णयों से है जो उम्मीदों को परिभाषित करते हैं, शक्ति देते हैं, या प्रदर्शन को प्रमाणित करते हैं। यह एक अलग प्रक्रिया भी हो सकती है या प्रबंधन अथवा नेतृत्व प्रक्रिया का एक खास हिस्सा भी हो सकती है। कभी कभी लोग इन प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के संचालन के लिए सरकार की स्थापना करते हैं।

किसी कारोबार अथवा गैर-लाभकारी संगठन के सन्दर्भ में, शासन का तात्पर्य अविरुद्ध प्रबंधन, एकीकृत नीतियों, मार्गदर्शन, प्रक्रियाओं और किसी दिए गए क्षेत्र के निर्णायक-अधिकारों से संबंधित है। उदाहरण के लिए, कॉर्पोरेट स्तर पर प्रबंधन के लिए गोपनीयता, आंतरिक निवेश, तथा आंकड़ों के प्रयोग संबंधी नीतियाँ बनाना शामिल हो सकता है।

अगर सरकार और शासन शब्दों में अंतर किया जाए, तो जो निकलकर सामने आएगा वो यह है कि एक सरकार जो करती है वही शासन है। यह कोई भी भू-राजनीतिक सरकार (राष्ट्र-राज्य), कॉर्पोरेट सरकार (कारोबारी संस्था), सामाजिक-राजनीतिक सरकार (जाति, परिवार इत्यादि) या किसी भी अन्य प्रकार की सरकार हो सकती है। लेकिन शासन शक्ति और नीति के प्रबंधन की गतिज प्रक्रिया है, जबकि सरकार वह माध्यम (आमतौर पर सामूहिक) है जो इस प्रक्रिया को अंजाम देती है। वैसे सरकार शब्द का इस्तेमाल शासन के पर्यायवाची शब्द के तौर पर भी किया जाता है, जैसा कि कनाडाई नारे के तहत "शांति, व्यवस्था और अच्छी सरकार " है। 1947 ई. में जाकर अंग्रेजों का भारत पर शासन समाप्त हुआ।

शब्द की उत्पत्ति[संपादित करें]

शासन शब्द यूनानी क्रिया कुबेरनाओ (κυβερνάω [kubernáo ]) से लिया गया है जिसका मतलब परिचालन है और इसे पहली बार प्लेटो ने सांकेतिक रूप से इस्तेमाल किया था। फिर यह शब्द लैटिन भाषा में प्रसारित हुआ और वहां से कई भाषाओं में पहुंच गया।[1]

प्रक्रियाएं और शासन[संपादित करें]

एक प्रक्रिया के रूप में, शासन किसी भी आकार के संगठन में काम कर सकता है: एक अकेले व्यक्ति से लेकर पूरी मानव जाति तक; और यह किसी भी उद्देश्य के लिए काम कर सकता है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा और फायदे के लिए हो अथवा नहीं. वैसे शासन का तर्कसंगत या बुद्धिसंगत उद्देश्य (कभी-कभी दूसरों की ओर से) तो यह होना चाहिए कि कोई संगठन खराब परिस्थितियों से बचते हुए सार्थक नतीजे देने की कोशिश करे.

जो शासित होते हैं उनकी तरफ से बात करें, तो नैतिक और प्राकृतिक रूप से शासन का उद्देश्य संभवतः उन्हें अवांछनीय पैटर्न से परहेज योग्य शासन व्यवस्था मुहैया कराना होना चाहिए. जाहिर है आदर्श उद्देश्य बिना बुरे के अच्छे पैटर्न के लिए आश्वस्त किया जाना होना चाहिए. एक सरकार शासन करने वाली आपस में जुड़ी विभिन्न अवस्थाओं से मिलकर बनी होती है, जो अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करती हैं, विशेषकर बल-आधारित शक्तियों का.

इसी विचार को आगे बढ़ाएं, तो एक अच्छी सरकार में बलपूर्वक सत्ता का इस्तेमाल करने वाले कई अंतर-संबंधित पद शामिल हो सकते हैं जो अपेक्षाओं को परिभाषित, शक्ति प्रदान करने वाले और प्रदर्शन की पुष्टि करने वाले निर्णयों द्वारा शासित व्यक्तिओं के लिए अवांछित परिस्थितियों से बचते हुए अच्छे परिणामों का आश्वासन देते हैं।

राजनीति शासन को संचालित करने का एक माध्यम है। उदाहरण के लिए, राजनीतिक गतिविधियों द्वारा लोग अपनी आकांक्षाओं का चयन कर सकते हैं; राजनीतिक गतिविधि के माध्यम से वे शक्ति प्रदान कर सकते हैं और राजनीतिक व्यवहार से वे प्रदर्शन को परख सकते हैं।

इस तरह शासन की कल्पना कर कोई व्यक्ति इस अवधारणा को राज्यों, निगमों, गैर-लाभकारी, गैर-सरकारी संगठनों, साझेदारियों और दूसरी संस्थाओं, परियोजना-दलों या किसी खास उद्देश्य वाली गतिविधि में संलग्न लोगों पर लागू कर सकता है।

विभिन्न परिभाषाएं[संपादित करें]

विश्व बैंक ने शासन को कुछ इस तरह परिभाषित किया है

समाज की समस्याओं और मामलों के प्रबंधन के लिए राजनीतिक अधिकार और संस्थागत संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना शासन है।[2]

विश्व बैंक की द वर्ल्डवाइड गवर्नेंस इंडिकेटर्स परियोजना शासन को कुछ इस तरह से परिभाषित करती है

किसी देश में परंपराएं और संस्थाएं जिन अधिकारों से संचालित होती हैं।[3] यहां उन प्रक्रियाओं को शामिल किया जाता है जिनसे सरकारों का चयन, निगरानी और परिवर्तन किया जाता है; प्रभावी ढंग से अच्छी नीतियां बनाना और उन्हें लागू करने की सरकार की क्षमता, साथ ही नागरिकों का सम्मान और उनके बीच आर्थिक व सामाजिक मेल-मिलाप के लिए संस्थाएं तैयार करना.

शासन की एक वैकल्पिक परिभाषा कुछ इस तरह हो सकती है

संस्थाओं, प्राधिकारों के ढांचे का इस्तेमाल और यहां तक कि संसाधनों को आवंटित करने की साझेदारी और समाज या अर्थव्यवस्था में गतिविधियों को संचालित या नियंत्रित करने को शासन कहा जा सकता है।[4]

अंग्रेजी भाषी व्यक्ति कभी-कभी शासन शब्द को सरकार शब्द से भ्रमित करते हैं।

दक्षिणी अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तहत स्थानीय शासन के लिए चलाई जा रही क्षेत्रीय परियोजना के मुताबिक :

शासन को इस तरह परिभाषित किया गया है कि यह राजनीतिक प्रक्रिया के वे नियम हैं जिनसे लोगों के बीच मतभेदों को खत्म किया जाता है और फैसला (वैधता) लिया जाता है। इसका इस तरह से भी वर्णन किया गया है कि संस्थाएं सही तरीके से कार्य करें और लोग उन्हें स्वीकार करें (तर्कसंगत). और इसका इस्तेमाल सरकार की क्षमता के आह्वान और लोकतांत्रिक तरीके से बहुमत की उपलब्धि के तौर पर भी किया गया है (सहभागिता).[5]

राज्य और राजनीति[संपादित करें]

कुछ लोग शासन और राजनीति की अवधारणाओं में स्पष्ट अंतर का सुझाव[कृपया उद्धरण जोड़ें] देते हैं। राजनीति में वे प्रक्रियाएं शामिल होती हैं जिनसे लोगों का एक समूह शुरुआत में विभिन्न मतों और स्वार्थों के साथ किसी सामूहिक फैसले पर पहुंचता है, जो आमतौर पर पूरे समूह के लिए जरूरी होता है और जिसे सार्वजनिक नीति के तौर पर लागू किया जाता है। वहीं दूसरी ओर शासन इसकी विरोधी चीजों के बजाए शासन करने वाले प्रशासनिक और क्रिया-मूलक तत्वों के बारे में है। राजनीति और प्रशासन के बीच पारंपरिक अलगाव को लेकर इस तरह तर्क की संभावना हमेशा ही बनी रहती है। वर्तमान में शासन जिस तरह से व्यवहार और नीति में है, वे कभी-कभी इस भेद पर सवाल खड़े करते हैं, जो यह बताता है कि शासन और राजनीति दोनों में ही सत्ता के पहलू शामिल हैं।

सामान्य तौर पर शासन तीन बड़े तरीकों से होता है :

  1. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के नेटवर्कों को शामिल कर या सामुदायिक संगठनों की साझेदारी से
  2. बाजार प्रक्रियाओं के इस्तेमाल से जहां सरकार के नियमों के तहत काम करते हुए बाजार की प्रतियोगी नीतियों से संसाधनों का आवंटन होता है
  3. टॉप-डाउन पद्धति के माध्यम से जिसमें मुख्य रूप से सरकारें और राज्य के नौकरशाह शामिल होते हैं

शासन के ये तरीके अक्सर वर्गीकरण, बाजार और नेटवर्कों में दिखते हैं।

कॉर्पोरेट संगठन[संपादित करें]

कार्पोरेट संगठन शासन शब्द का प्रयोग निम्न दोनों बातों के लिए करते हैं:

  1. कानून और नियम (नियमों) जो उस मामले में लागू होते हैं
  2. एक तरीके से जिसमें बोर्ड्स या उनके जैसी दूसरी संस्थाओं को निगम निर्देश देते हैं

निष्पक्ष शासन[संपादित करें]

एक निष्पक्ष शासन का तात्पर्य एक ऐसी व्यवस्था से है जहां इस तरह काम होता है जिसमें लोकतंत्र की भावना के तहत अधिकारियों को हितग्राहियों के अधिकारों और हितों की रक्षा करने में आसानी हो.

शासन के प्रकार[संपादित करें]

वैश्विक शासन[संपादित करें]

विस्तृत विवरण के लिए वैश्विक शासन पर मुख्य लेख को देखें

शासन के पारंपरिक अर्थ के विपरीत, जेम्स रोसेनाओ जैसे कुछ लेखकों ने एक सर्वव्यापी राजनीतिक सत्ता के अभाव में अन्योन्याश्रित संबंधों के नियमों को निरुपित करने के लिए "वैश्विक शासन" शब्द का प्रयोग किया है।[6] इसके सबसे अच्छे उदाहरण को अंतरराष्ट्रीय प्रणाली या स्वतंत्र राज्यों के बीच के संबंधों में देखा जा सकता है। वैसे इस शब्द का इस्तेमाल वहां किया जा सकता है जहां समान अधिकार वाले स्वतंत्र लोग कोई नियमित संबंध बनाना चाहते हों.

कॉरपोरेट शासन[संपादित करें]

कार्पोरेट शासन का मुख्य लेख देखें

कार्पोरेट शासन में वे प्रक्रियायें, नियम, नीतियां, कानून और संस्थायें शामिल होती हैं जो लोगों द्वारा किसी कंपनी को चलाने, व्यवस्थित रखने या नियंत्रण को प्रभावित करती हैं। कार्पोरेट शासन में सभी संबंधित व्यक्तिओं (स्टेकहोल्डर्स) के बीच के संबंध और कार्पोरेट लक्ष्य भी शामिल होते हैं। इसके प्रमुख कर्ताओं में शेयरधारक, प्रबंधन और निदेशक मंडल शामिल हैं। अन्य हितधारकों में कर्मचारी, आपूर्तिकर्ता, ग्राहक, बैंक और दूसरे देनदार, नियामक, पर्यावरण और बड़े पैमाने पर समुदाय शामिल हैं।

"कार्पोरेट शासन" शब्द का पहली बार प्रलेखित इस्तेमाल रिचर्ड ईल्स (1960, पृष्ठ 108) ने "कार्पोरेट व्यवस्था की बनावट और कार्य" को दर्शाने के लिए किया था। हालांकि "कार्पोरेट सरकार" की अवधारणा काफी पुरानी है और 20वीं सदी की शुरुआत में वित्तीय पाठ्यपुस्तकों (बेच्ट, बॉल्टन, रोएल 2004) में इसका इस्तेमाल हो चुका था। ये उत्पत्तियां कार्पोरेट शासन के विभिन्न हितग्राहियों की परिभाषा का समर्थन करती हैं।

परियोजना शासन[संपादित करें]

परियोजना शासन का मुख्य लेख देखें

उद्योग (खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में) में शासन शब्द का इस्तेमाल उन प्रक्रियाओं के वर्णन के लिए होता है जिनकी मौजूदगी एक परियोजना की कामयाबी के लिए आवश्यक होती है।

सूचना प्रौद्योगिकी शासन[संपादित करें]

सूचना प्रौद्योगिकी शासन का मुख्य लेख देखें

आईटी शासन मुख्य रूप से बिजनेस फोकस और आईटी प्रबंधन के बीच संबंधों पर काम करता है। स्पष्ट शासन का लक्ष्य निवेश को आश्वस्त करना है जिससे कारोबारी क्षमता पैदा हो और आईटी परियोजनाओं के साथ जुड़े खतरे भी कम किए जा सकें.[7]

सहभागितापूर्ण शासन[संपादित करें]

सहभागितापूर्ण शासन राज्य के साथ-साथ शासन प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से लोकतांत्रिक क्रियाओं को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। विचार यह है कि नागरिकों को सार्वजनिक तौर पर लिए जाने वाले फैसलों में ज्यादा और सीधी भूमिका निभानी चाहिए या फिर कम से कम राजनीतिक मुद्दों से और गहराई से जुड़ना चाहिए. सरकारी अधिकारियों को भी इस तरह की गतिविधियों के प्रति ज्यादा उत्तरदायी होना चाहिए. व्यवहार में सहभागितापूर्ण शासन में सीधे तौर पर शामिल होकर नागरिक मतदाता या निगरानी रखने वाले के तौर पर अपनी भूमिका निभा सकते हैं।[8]

गैर-लाभकारी शासन[संपादित करें]

गैर-लाभकारी शासन मुख्य रूप से बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (जिन्हें कभी-कभार निदेशक भी कहा जाता है) द्वारा जनता के स्पष्ट विश्वास पर अपने अधिकार का इस्तेमाल करने संबंधी जिम्मेदारी पर केंद्रित होता; ऐसा माना जाता है कि जनता का यह विश्वास संगठन के मिशन तथा उसके द्वारा सेवित लोगों के बीच मौजूद रहता है।[9]

इस्लामी शासन[संपादित करें]

इस्लामी शासन में निजी और सार्वजनिक दोनों तरह के जीवन में अल्लाह की इच्छा के सामने समर्पण शामिल है। कुरान और सुन्नाह के मुताबिक शासन किया जाए तो अल्लाह की इच्छा के सामने समर्पण को हासिल किया जा सकता है। (पैगंबर मोहम्मद के कार्य व कथन).

शासन को मापना[संपादित करें]

पिछले दशक में दुनिया भर के देशों में शासन की गुणवत्ता को परखने और मापने के लिए अध्ययन और अंतर्राष्ट्रीय विकास समुदाय द्वारा प्रयास किये गए हैं।

शासन को मापना स्वाभाविक रूप से एक विवादास्पद और राजनीतिक कार्य है। इसलिए बाहरी आकलन, साथियों के आकलन और खुद के आकलन के बीच इस मामले में स्पष्ट भेद किया जाता है। बाहरी आकलन के उदाहरण डोनर असेसमेंट या अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों द्वारा किए गए तुलनात्मक आकलन के सूचकांक हो सकते हैं। साथियों के आकलन का एक उदाहरण अफ्रीकन पीयर रिव्यू मेकेनिज्म हो सकता है। देशों के आकलन जिसकी अगुवाई सरकार, नागरिक समाज, अध्ययनकर्ताओं और या दूसरे लाभकारियों द्वारा देश को लेकर किए जाने वाले आकलन आत्म-आकलन के उदाहरण हो सकते हैं।

इन कोशिशों में से एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शासन को तुलनात्मक रूप से मापने के तरीके को इजाद करना है और बाहरी आकलन का एक उदाहरण विश्व बैंक के सदस्यों और विश्व बैंक संस्थान द्वारा विकसित वर्ल्डवाइड गवर्नेंस इंडिकेटर्स प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में 200 से ज्यादा देशों के शासन की आवाज और जवाबदेही, राजनीतिक स्थिरता और हिंसा में कमी, सरकार की प्रभावशीलता, नियामक की गुणवत्ता, कानून का शासन और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जैसे छह अलग-अलग आयामों का संपूर्ण और व्यक्तिगत सूचकांक शामिल है। व्यापक स्तर पर देशों में किए गए इस वर्ल्डवाइड गवर्नेंस इंडिकेटर्स की मदद के लिए विश्व बैंक संस्थान ने वर्ल्ड बैंक गवर्नेंस सर्वे विकसित किया है, जो कि देश के स्तर पर शासन के आकलन की पद्धति है जो माइक्रो या सब-नैशनल स्तर पर काम करती है और देश के नागरिकों, कारोबारी लोग और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों से प्राप्त सूचनाओं का इस्तेमाल शासन की खामियों का निदान करने और भ्रष्टाचार से मुकाबला करने के ठोस उपाय भी सुझाती है।

एक नया वर्ल्ड गवर्नेंस इंडेक्स (WGI) विकसित किया गया है और इसमें सुधार के लिए इसे लोगों की भागीदारी के लिए खुला रखा गया है। WGI का विकास हासिल करने के लिए संकेतकों और समग्र सूचकांकों के रूप में निम्नलिखित क्षेत्रों का चयन किया गया है: शांति और सुरक्षा, कानून का शासन, मानवाधिकार और भागीदारी, सतत विकास और मानव विकास.

इसके अतिरिक्त 2009 में बर्टेल्समैन फाउंडेशन ने सस्टेनेबल गवर्नेंस इंडिकेटर्स (SGI) प्रकाशित किया था, जो कि ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) देशों में व्यवस्थित तरीके से सुधार की जरूरत और सुधार की क्षमता की माप करता है। यह परियोजना इस बात की जांच करती है कि सरकारें किस हद तक समाज को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार करने और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने वाले प्रभावी सुधारों की पहचान करके उन्हें निरुपित तथा कार्यान्वित करती हैं। [1][10]

राष्ट्रों के नेतृत्व में किये गए आकलन के उदाहरणों में शामिल हैं - इंडोनेशियन डेमोक्रेसी इंडेक्स, मिलेनियम डेवलपमेंट गोल 9 ऑन ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेटिक गवर्नेंस इन मंगोलिया की निगरानी और ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस इंडेक्स इन भूटान.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://ec.europa.eu/governance/docs/doc5_fr.pdf Archived 14 अक्टूबर 2017 at the वेबैक मशीन. पर यूरोपीय आयोग द्वारा तैयार एटिमोलॉजी पर दस्तावेज़ को देखें.
  2. वर्ल्ड बैंक, प्रबंध विकास - शासन परिमाण, 1991, वाशिंगटन डी.सी. http://www-wds.worldbank.org/external/default/WDSContentServer/WDSP/IB/2006/03/07/000090341_20060307104630/Rendered/PDF/34899.pdf Archived 16 सितंबर 2011 at the वेबैक मशीन.
  3. ए डिकेड ऑफ मेजरिंग दी क्वालिटी ऑफ गवर्नेंस Archived 8 अप्रैल 2008 at the वेबैक मशीन..
  4. बेल, स्टीफन, 2002. आर्थिक शासन और संस्थागत गतिशीलता, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया।
  5. यह बहुत ही व्यापक रूप से परिभाषा में उद्धृत है, एपलबोघ, जे. (रैपोर्टर), "गवर्नेंस वर्किंग ग्रुप", पावर-पोइंट प्रजेंटेशन, नेशनल डिफेन्स यूनिवर्सिटी एंड आईएसएएफ, 2010, स्लाइड 22 Archived 24 जुलाई 2011 at the वेबैक मशीन..
  6. जेम्स एन. रोसेनू, "टूवार्ड्स एन ऑनटोलॉजी फॉर ग्लोबल गवर्नेंस", मार्टिन हेव्सन और थॉमस सिंक्लेर में, आदि., एप्रोचेस टू ग्लोबल गवर्नेंस थ्योरी, सनी प्रेस, एल्बनी, 1999.
  7. स्मॉलवुड, डेब. टेक डिसीजन सीआईओ इनसाइट्स. "आईटी शासन: एक साधारण मॉडल." मार्च 2009. http://www.ebizq.net/blogs/insurance/2009/02/it_governance_a_simple_model.php Archived 23 नवम्बर 2010 at the वेबैक मशीन.
  8. 'ट्रिम्फ़, डेफिसिट और कंटेस्टेंट्स? Archived 5 जून 2011 at the वेबैक मशीन.डिपेनिंग दी 'डिपेनिंग डेमोक्रेसी' डिबेट' Archived 5 जून 2011 at the वेबैक मशीन. अध्ययन विकास के संस्थान (आईडीएस) वर्किंग पेपर 264 जुलाई 2006.
  9. बोर्डसॉर्स के दी हैंडबुक ऑफ नॉनप्रोफिट गवर्नेंस, जोसे-बास, 2010, पी.15.
  10. एम्प्टर स्टेफेन और जोसेफ जेनिंग (2009): सतत शासन के संकेतक 2009 - एक परिचय, में: बेर्टेल्समन स्टिफटन्ग (एड.): सतत शासन के संकेतक 2009. ओईसीडी में नीति प्रदर्शन और कार्यकारी क्षमता. ग्यूटरस्लोह: वेर्लग बेर्टेल्समन स्टिफटन्ग, 2009.

साहित्य[संपादित करें]

मार्सेल सेन सोवरेन्टी - सम क्रिटिकल रिमार्क्स ऑन दी जिनियोलॉजी ऑफ गवर्नेंस में: यूरोपीय इतिहास के नियम पर पत्रिका, लंदन: एसटीएस साइंस सेंटर, वॉल्यूम 1, संख्या 2, पीपी. 9-13, (आईएसबीएन 2042-6402).

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]