शहबाज़ शरीफ़

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शाहबाज़ शरफ़
Mian Shehbaz Sharif.JPG

पदस्थ
कार्यालय ग्रहण 
8 जून 2013
राष्ट्रपति ममनून हुसैन
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़
राज्यपाल मोहम्मद सर्वर
पूर्वा धिकारी नजम सेठी
बहुमत पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़)
पद बहाल
8 जून 2008 – 26 मार्च 2013
राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़र्दारी
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी
राजा परवेज़ अश्रफ़
मीर हज़र खान खोसो
राज्यपाल मख़दूम अहमद महमूद
लतफ़ खोसा
सलमान तसीर
पूर्वा धिकारी दोस्त मुहम्मद खोसा
उत्तरा धिकारी नजम सेठी
पद बहाल
20 फ़र्वरी 1997 – 12 अक्टूबर 1999
राष्ट्रपति मुहम्मद रफ़ीक़ तरार
फ़ारूक़ लेघारी
वसीम सज्जाद
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ
राज्यपाल शाहिद हामिद
ज़ुल्फ़िकार अली खोसा
पूर्वा धिकारी मियाँ मुहम्मद अफ़ज़ल हयात
उत्तरा धिकारी चौधरी परवेज़ एलाही

पद बहाल
30 सितंबर 2009 – 27 जुलाई 2010
उप राष्ट्रपति घौस अली शाह
पूर्वा धिकारी चौधरी निसार अली खान
उत्तरा धिकारी नवाज़ शरीफ़

जन्म 23 सितम्बर 1951 (1951-09-23) (आयु 66)
लाहौर, पंजाब, पश्चिमी पाकिस्तान
राष्ट्रीयता पाकिस्तानी
राजनीतिक दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़)
जीवन संगी बेग़म नुस्रन शाहबाज़
तहमिना दुर्रैनी
बच्चे हम्ज़ा शाहबाज़ शरीफ,
सलमान शाहबाज़ शरीफ
राबिया इमरान
पेशा व्यापार


मियां मोहम्मद शाहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रसिद्ध राजनेता, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज समूह) के प्रमुख सदस्य और पाकिस्तान प्रधानमंत्री मियां मोहम्मद नवाज शरीफ के भाई हैं। 1950 में लाहौर में पैदा हुए। वह पाकिस्तान के सबसे घनी आबादी वाले प्रांत पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। शाहबाज शरीफ 20 फरवरी 1997 से 12 अक्टूबर 1999 तक भी पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। 1999 में मुशर्रफ सरकार पर कब्जा कर लेने के बाद वह सऊदी अरब, में निर्वासित रहे। 11 मई 2004 को उन्होंने पाकिस्तान वापस आने की कोशिश की मगर लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उन्हें वापस भेज दिया गया।

परिवार[संपादित करें]

शाहबाज शरीफ प्रसिद्ध कश्मीरी निर्माता I [1] मियां मोहम्मद शरीफ के बेटे और मियां मुहम्मद नवाज शरीफ प्रधानमंत्री पाकिस्तान के भाई हैं। उनकी पहली शादी उनके पिता अनुमति 1973 में उनके चचेरे भाई बेगम नुसरत शाहबाज से हुई जिनसे उनके दो बेटे हमजा ​​शाहबाज और सलमान शाहबाज और तीन बेटियां हैं। हमजा शाहबाज राजनीतिज्ञ है और एनए के सदस्य भी हैं। सलमान शाहबाज ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय लंदन से अध्ययन किया और उनका अधिक प्रवृत्ति व्यापार की ओर है। उन्होंने 1993 में दूसरी शादी सदा हनी से जिनसे उनकी एक बेटी खदीजा हैं। उन्होंने अपनी सदा हनी को निर्वासन के दौर में सऊदी अरब में तलाक दे दिया। यह भी कहा जाता है कि शाहबाज शरीफ ने तीसरी शादी तहमीना दुर्रानी से जिसका वे स्वीकार नहीं करते, यह दोनों की तीसरी तीसरी शादी है। [2]

इतिहास[संपादित करें]

  • राष्ट्रपति सदन उद्योग और व्यापार लाहौर (लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) 1985
  • सदस्य पंजाब विधानसभा (एमपीए पंजाब) 1988-1990
  • सदस्य नेशनल असेंबली (एम एन ए) 1990-1993
  • सदस्य पंजाब विधानसभा (एमपीए पंजाब) और नेता विपक्ष 1993-1996
  • सदस्य पंजाब विधानसभा (एमपीए पंजाब) और मुख्यमंत्री पंजाब 20 फरवरी 1997 से 12 अक्टूबर 1999
  • राष्ट्रपति मुस्लिम लीग नवाज़ समूह अगस्त 2002 ताकि हाल
  • फरवरी 2008 के चुनाव के बाद उपचुनाव में जीत पंजाब के मुख्यमंत्री बने।
  • मई 2013 के चुनाव के बाद आप फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने, और अभी भी उसी पद पर हैं।

मंत्रालय उच्च पंजाब[संपादित करें]

मियां मोहम्मद शाहबाज शरीफ 20 फरवरी 1997 से 12 अक्टूबर 1999 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। उनका दूर नहायत सख्त प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध है जिसमें उन्होंने लाहौर प्रारूप बदलने की कोशिश की। केवल अवैध अतिक्रमण से बेशुमार को खत्म किया। उन्होंने पंजाब के ऐसे स्कूलों के खिलाफ भी कदम उठाए जो उर्फ ​​आम में भूत स्कूल या भूत स्कूल कहलाते हैं यानी संसाधनों का उपयोग करते हैं, लेकिन वहाँ शिक्षकों नहीं होते या फिर से स्कूल ही नहीं होता। उन्होंने ढाई साल के दौरान भाई-भतीजावाद और सिफारिश के खिलाफ भी काफी प्रदर्शन किया और बूटी माफिया के खिलाफ काम किया। अपने दौर के खर्च अपनी जेब से भुगतान किए। और इस दौरान पूरे पंजाब में कोई नई कार नहीं खरीदी गई। पुलिस में पहली बार पढ़े लिखे युवा लड़कों की भर्ती मेरिट के आधार पर करवा गई۔[3]

फरवरी 2008 के चुनाव के बाद उपचुनाव में जीतकर दोबारा पंजाब के मुख्यमंत्री चुने गए। मई 2013 के चुनाव के बाद आप फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने, और अभी भी उसी पद पर हैं।

निर्वासन[संपादित करें]

12 अक्टूबर 1999 को पाकिस्तान सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया और अन्य लोगों के साथ शाहबाज शरीफ भी जेल में रहे। बाद में उन्हें सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया। सरकार के अनुसार यह एक अनुबंध के तहत हुआ मगर इससे शरीफ परिवार इनकार करता है और सरकार भी कोई सबूत भी पेश नहीं कर सकी। लाहौर हाईकोर्ट ने जब फैसला दिया कि वह पाकिस्तान आने के लिए स्वतंत्र हैं तो वह 11 मई 2004 को उन्होंने पाकिस्तान वापस आने की कोशिश की मगर लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे) में उन्हें गिरफ्तार कर वापस सऊदी अरब भेज दिया गया। सऊदी अरब फिर वह ब्रिटेन की राजधानी लंदन चले गए हैं और वहां से राजनीति करते थे। इसके बाद वह नवाज शरीफ के साथ लंदन चले गए। हाल ही में ऑल पार्टी सम्मेलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है।

मुस्लिम लीग की अध्यक्षता[संपादित करें]

सऊदी अरब में प्रवास के दौरान 3 अगस्त 2002 को पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज समूह का अध्यक्ष चुना गया। 2 अगस्त 2006 को उन्हें फिर अगली अवधि के लिए चुना गया। नवाज शरीफ के अनुसार पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें अपने भाई नवाज शरीफ से घृणा करने की कोशिश भी की मगर नाकाम हुई। शाहबाज शरीफ के अनुसार वह नवाज शरीफ को अपने पिता की जगह समझते हैं।

एफआईआर[संपादित करें]

क्रांति मार्च के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल रअहील शरीफ के हस्तक्षेप से त्रासदी मॉडल टाउन के दौरान शहीद होने वाले 14 लोगों की हत्या और 90 से अधिक के घायल होने वालों को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब मियां मोहम्मद शाहबाज शरीफ समेत 9 लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई। [4]

और देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ARAIN BROTHERS
  2. [http: //www.dailytimes.com.pk/default.asp? page = story_24-2-2005_pg1_5 "Shahbaz Confirms marriage to Tehmina"]. Daily Times. 24 February 2005. http: //www.dailytimes.com.pk/default.asp? page = story_24-2-2005_pg1_5. अभिगमन तिथि: 9 April 2013. 
  3. जंग 4 मई 2007
  4. शरीफ बंधुओं के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]