वार्ता:हरियाणा

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यह पृष्ठ हरियाणा लेख के सुधार पर चर्चा करने के लिए वार्ता पन्ना है। यदि आप आप अपने संदेश पर जल्दी सबका ध्यान चाहते हैं, तो यहाँ संदेश लिखने के बाद चौपाल पर भी सूचना छोड़ दें।

लेखन संबंधी नीतियाँ

लेख में लिखी गयी सामग्री[संपादित करें]

लेख में मेरे सम्पादन को पूर्ववत करने से सम्बंधित चर्चा:

  1. विकिपीडिया पर लेखों में अनुभागों के शीर्षक के लिए == अनुभाग शीर्षक == तथा उप-अनुभाग के लिए "=" का तीन अथवा चार बार प्रयोग किया जाता है। इस लेख में "जलवायु" नामक अनुभाग में केवल एक ही "=" का प्रयोग किया गया है। क्या इसका कोई ज्ञात कारण है?
  2. जलवायु अनुभाग में भाषा भी कम अतिरंजित नहीं है: इसमें " क्योंकि प्रकृति प्रदत्त हर ऋतु का आनन्द यहाँ मिलता है।" जैसे वाक्य शामिल हैं और न ही इसका कोई सन्दर्भ दिया गया है।
  3. "सांग" नामक अनुभाग में पंक्ति => "हरियाणा में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण भारतवर्ष...." => इस वाक्य में कोई सन्दर्भ नहीं दिया गया है और यह प्रचार की श्रेणी में आता है। मैंने रामचरित मानस के बारे में बहुत सुना है लेकिन ये खेमचन्द जी कौन हैं? इस वाक्यों के स्थान पर पहले स्रोतहीन होने की चिप्पि लगी थी जिसे भी हटा दिया गया है। क्या इसका कोई ज्ञात कारण है?
  4. "लोकगीत" नामक उप-अनुभाग में कहाँ गीत चल रहा है और कब उसका विवरण आरम्भ हो गया? इसमें ही "लोकगीत मनोरंजक ही नहीं बल्कि शिक्षाप्रद भी होते हैं। " जैसे वाक्य भी लिखे हैं। क्या सभी गीत शिक्षाप्रद हैं? यदि ऐसा है तो सन्दर्भ सहित उस गीत में दी गयी शिक्षा बताई जाये! इस अनुभाग में भी कोई सन्दर्भ नहीं है।
  5. "हरियाणवी नृत्य" एवं "प्रहसन" नामक अनुभागों को उप-अनुभाग से बदलकर मूल शीर्षक में क्यों बदला गया? इसके अतिरिक्त क्या इन अनुभागों में लिखी हुई सामग्री ज्ञानवर्धक प्रतीत होती है?

यहाँ मेरे सम्पादन को पूर्ववत करने से अच्छा होता कि लेख को सुधालेख में नामांकित किया होता क्योंकि लेख का ट्रैफिक अच्छा है। कृपया मेरे प्रश्नों के उत्तर दें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:44, 15 जनवरी 2015 (UTC)

यहाँ पर मैं संजीव जी के साथ हूँ। वो सामग्री ज्ञानकोश के लायक नहीं है।--पीयूष (वार्ता)योगदान 12:22, 15 जनवरी 2015 (UTC)
u:संजीव कुमार - एक नया सदस्य योगदान करने का प्रयास कर रहा है। योगदान निरर्थक, बर्बर अथवा विध्वंसक नहीं है। उसका स्वागत होना चाहिए। आपका संपादन पूर्ववत करने पर आपको बुरा लग रहा है। आपको तो फिर भी समझाया जा सकता है, जो नया सदस्य है वो दोबारा नहीं आएगा। यहाँ नए सदस्यों की भयंकर आवश्यकता है। दो बुराइयोम में से एक चुननी थी सो मैंने आपका संपादन पूर्ववत कर दिया। आगे जैसा आप ठीक समझें। पीयूष जी, आप भविष्य के प्रबंधक हैं। लंबी छलांग मारनी हो तो दो कदम पीछे भी हटना पड़ता है। थोड़ा सब्र रखें। --मनोज खुराना 04:31, 16 जनवरी 2015 (UTC)
@Manojkhurana: मनोज जी, नये सदस्य की बात समझ सकता हूँ। मुझे मेरे सम्पादन को पूर्ववत करने की बार बुरी नहीं लगती और कई बार मेरे सम्पादन को पूर्ववत करने वाले को मैं धन्यवाद भी देता हूँ। लेकिन यहाँ पर लेख को बिगाड़ा गया है। नये सदस्य को खुश करना हो तो उसके सम्पादन को वैसा का वैसा रखकर नहीं किया जा सकता बल्कि उसके सम्पादनों में सुधार किया जा सकता है। आपको मेरे शुरुआती अनुभव बताता हूँ। मैंने एक लेख बनाया था और उसमें न्यूटोनियन शब्द लिखा हुआ था। अनुनाद जी ने उसे न्यूटनीय किया था और मुझे यह बहुत अच्छा लगा था लेकिन यदि वो ऐसा सुधार नहीं करते तो मेरा उत्साहवर्धन नहीं होता। अतः इस अवस्था में आप सम्बंधित सदस्य का उत्साहवर्धन नहीं कर पावोगे। यदि वास्तव में आपको उत्साहवर्धन करना है तो इसमें उचित सुधार करो और इसी क्रम में मैंने आपको "सुधालेख" नामांकन का सुझाव दिया था।☆★संजीव कुमार (✉✉) 05:43, 16 जनवरी 2015 (UTC)
न मनोज जी, ऐसा न कहे! मैं इतने में ही खुश हूँ। प्रबंधक बनने के लिये मैं कोई जद्दोजहद नहीं कर रहा हूँ। विकिपीडिया में योगदान और सुधार करने में मन लगता है तो लगा हुआ हूँ। विकिपीडिया की राजनीति से मैं वाक़िफ़ नहीं हूँ, और मेरा इरादा सीखने का भी नहीं है! धन्यवाद।--पीयूष (वार्ता)योगदान 06:54, 16 जनवरी 2015 (UTC)