वार्ता:अहीर

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अवांछित सामाग्री[संपादित करें]

प्रस्तुत लेख मे गैर जिम्मेदाराना सम्पादन कर बिना संदर्भों के ही बहुत सारी जानकारी भर दी गयी है। प्रशासकों से अनुरोध है कि कृपया समीक्षा कर बिना संदर्भ की सामग्री हटा देवे।-- महेन प्रताप सिंह (वार्ता) 17:18, 3 नवम्बर 2016 (UTC)

Right Kumar Aditya (वार्ता) 15:51, 17 मार्च 2021 (UTC)

This information provided in this article is not correct. Kumar Aditya (वार्ता) 15:52, 17 मार्च 2021 (UTC)

अनुरोध[संपादित करें]

user:सत्यम् मिश्र जी आपसे सादर अनुरोध है की जैसा की आपको भलीभाँति विदित है कि अहीर एक सुपरिभाषित भारतीय जाति है। किसी भी अन्य जाति मे अहीर नमक गोत्र मात्र के पाये जाने से प्रस्तुत लेख की विषय वस्तु परिपूर्ण नही मानी जा सकती है। फिर भी यदि आप इसका उल्लेख करना जरूरी समझते है तो आपका स्वागत है। परंतु साथ ही आपसे निवेदन है की विकिपीडिया की नीतियों के तहत निर्धारित प्रणाली के अनुसार कृपया संदर्भित विषय सामग्री को अकारण ही न मिटाये। वार्ता प्रष्ठ पर आपसे चर्चा बहुप्रतीक्षित है, क्रपया चर्चा करे। एतिहासिक तथ्यों पर आधारित किसी भी मसले को परस्परिक चर्चा व सहयोग से सुलझा कर भारत से संबन्धित लेखो को श्रेष्ठ रूप मे विश्व के सामने प्रस्तुत करने मे कृपया अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करे। आपसे आशाए रहेगी।--☆★महेंन सिंह (✉✉) 18:29, 17 अगस्त 2015 (UTC)

कृपया "अहीर" और "यादव" के सर्वत्र पर्याय होने के पहलू पर ग़ौर करें। इनसे सम्बद्ध अंग्रेज़ी वाले लेखों को देखकर मुझे ऐसा ही प्रतीत हुआ कि दोनों समानार्थी नहीं हैं। इस लेख को सही संदर्भो के साथ विस्तार की आवश्यकता है। अपनी राय दें। --त्यम् मिश्र बातचीत 18:38, 17 अगस्त 2015 (UTC)
संदर्भ जोड़े बिना मैंने अभी तक कुछ भी नही लिखा है, मिश्र जी। परंतु अङ्ग्रेज़ी संस्करण के कटु अनुभवो के चलते अभी तो मे दोनों लेखो के प्रथक विस्तार का पक्षधर हु। कालांतर मे यदि आप बहुमत सहमति पा सके तो मे आपके उक्त विचारो से सहमत हु। विषम रात्री समय है अभी, बाद मे विस्तृत चर्चा अवश्य करेगे। आपके विचारों की आतुरता से प्रतीक्षा मे। --☆★महेंन सिंह (✉✉) 19:32, 17 अगस्त 2015 (UTC)

आभीर के साथ प्रस्तावित विलय[संपादित करें]

प्रस्तुत लेख पूर्णतया संदर्भहीन है। आभीर शब्द हिन्दी शब्द अहीर का समानार्थी है। अतः इसका अहीर लेख मे विलय तर्कसंगत है। ☆★महेंन सिंह (✉✉) 18:37, 3 अक्टूबर 2015 (UTC)

विलय[संपादित करें]

महेंन जी, अगर आप इसपर ध्यान रखें हुए हैं, तो विलय करने या न करने पर आपका वर्तमान में क्या विचार है? अन्य भाषा में यह दो लेख अलग-अलग हैं। धन्यवाद। --Hunnjazal (वार्ता) 16:24, 13 अप्रैल 2016 (UTC)

Hunnjazal महोदय, अन्य भाषाओं में से एक अङ्ग्रेज़ी भाषा के स्रोतों को यदि गौर से देखा जाए तो उनके स्रोत भी इन दोनों शब्दों पर बहुदा भ्रमित दिखते हैं। वहाँ 2 लेख होना स्वाभाविक है। परंतु यदि हिन्दी मूल के स्रोतों को देखा जाए तो उनमें आभीर व अहीर शब्द परस्पर समानार्थी या पर्यायवाची माने गए हैं। अधिकांश हिन्दी स्रोत इस तथ्य पर सहमत हैं। भारतीय पुरातन शास्त्रों को अङ्ग्रेज़ी इतिहासकार सम्पूर्ण मिथक करार देते हैं परंतु भारतीय इतिहासकार भारतीय व समकालीन विदेशी पुरातन ग्रन्थों को भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत मानते हैं। अन्य भाषाओं की विकिपीडिया पर अन्य भाषाओं व संस्कृतियों से संबन्धित लोग सम्पादन कार्य करते हैं परंतु हिन्दी विकिपीडिया पर संभवतः सभी लोग भारतीय मूल से हैं और यह तथ्य जानते हैं की अहीर या आभीर एक ही समुदाय है। बंगाल व महाराष्ट्र के साहित्यों में आज तक अहीरों को आभीर कहा जाता है तथा आभीर शब्द अहीर का संस्कृत रूप है। भारत में आभीर नाम की कोई भी पृथक जाति नहीं है। अतः 2 लेख प्रासंगिक नही प्रतीत होते हैं। इसी कारण मैंने यह प्रस्ताव रखा व संपादक समुदाय का ध्यान इस तथ्य पर आकर्षित करने की चेष्टा की। आपका बहुत बहुत आभार जो आपने इस पर ध्यान दिया। धन्यवाद।--☆★म॰ प्र॰ सिंह (✉✉) 18:06, 13 अप्रैल 2016 (UTC)

महेंन जी, ऐसी बात है तो विलय कर दीजिये। मेरे विचार में विलय का टैग लगाये हुए पार्याप्त समय बीत चुका है। यदि इसमें कोई कठिनाई हो तो मैं सहायता कर सकता हूँ। यह सराहनीय बात है कि आपने टैग लगाकर अन्य सदस्यों को टिप्पणी करने का पार्याप्त अवसर दिया। धन्यवाद। --Hunnjazal (वार्ता) 05:20, 14 अप्रैल 2016 (UTC)

महेंन जी अहीर, आभीर और यादव में कोई अंतर है अथवा नहीं? कृपया स्पष्ट करें कि इस बारे में आपकी राय क्या है और आप जिन भारतीय विद्वानों की बात कर रहे हैं उनकी राय क्या है? --त्यम् मिश्र बातचीत 08:59, 15 अप्रैल 2016 (UTC)
सदस्य:सत्यम् मिश्र जी, अभिवादन। अहीर व आभीर शब्दों के भारतीय शब्दकोषो के हिसाब से शब्दार्थ तथा इतिहासकारों के मत से संबन्धित तथ्य लेख अहीर में मौजूद हैं। अधिकांश संदर्भों के लिंक (यूआरएल) भी मौजूद हैं। परंतु जहाँ तक यादव शब्द का सवाल है, यादव शब्द भारत की अनेक पशुपालक या कृषक जातियों को आच्छादित करता है। प्रयोगात्मक रूप से हम जानते हैं कि अहीर, गोप, ग्वाला सभी यादव नाम से जाने जाते हैं। यह भी सच है कि किसी भी राजपूत वर्ग द्वारा यह शब्द प्रयोग में नहीं है। परंतु लिखित प्रमाणों मे कई जगह मतभेद है। लुकिया की बहुचर्चित ताज़ा रिसर्च में भी यह माना गया है कि अहीर जाति प्राचीन काल से यादव समूह का हिस्सा है। परंतु इस रिसर्च में भी यही लिखा गया है कि यादव कई जतियों का समूह है ओर अहीर इस समूह के प्रमुख अंग हैं।[1] आपके अवलोकनार्थ इस रिसर्च का लिंक भेज रहा हूँ।
महेंन जी आपके द्वारा दी गयी कड़ी देखा, पूरी थीसिस पढ़ने में वक़्त लगेगा। परंतु जैसा आप कह रहे हैं - यादव एक बड़ी संज्ञा है - यानि सारे अहीर यादव हैं किंतु सारे यादव अहीर नहीं। क्या इसी तरह आप यह स्पष्ट करेंगे की अहीर और आभीर का क्या सम्बन्ध है। ऊपर आपने लिखा है की बंगाल और महाराष्ट्र में आभीर कहा जाता है। तो क्या उन्हें हिंदी में अहीर कहा जा सकता है? क्या सारे आभीरों को (बंगाल और महाराष्ट्र के भी) हम अहीर कह सकते हैं??--त्यम् मिश्र बातचीत 20:29, 15 अप्रैल 2016 (UTC)
हाँ, श्रीमान, हिन्दी व संस्कृत के शब्दकोश तो यही कहते हैं। तथा ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो पुराणों, संहिताओं आदिग्रंथों में भी आभीरदेश का भौगोलिक क्षेत्र मध्य प्रदेश का वही इलाका है जिसका वर्णन समुद्रगुप्त काल मे भी है और इसी इलाके को आज भी अहीरवाड़ा कहा जाता है। बंगाल व महाराष्ट्र में भी यह लोग अहीर कहे जाते हैं परंतु बंगाली व मराठी साहित्य व शिलालेखों मे इनके लिए आभीर शब्द का प्रयोग होता है। --☆★म॰ प्र॰ सिंह (✉✉) 06:43, 16 अप्रैल 2016 (UTC)
महेंन जी माफ़ी चाहूँगा परन्तु आपने मुझे {{ping}} नहीं किया इसलिए मुझे आपके ऊपर के कमेंट का पता ही नहीं चला (आजकाल सक्रियता काफ़ी कम है अतः recent changes पूरा नहीं देख पाता)। आगे यह कि अंग्रेजी विकि के लेख में "आभीर" नामक ब्राह्मण जाति का भी किंचित उल्लेख दिखा मुझे। यानि सारे आभीर अहीर हों, इससे अलग भी हो सकता है। यह भी स्पष्ट नहीं कि प्राचीन काल में जिन्हें आभीर कहा जाता था वे सारे अब अहीर कहे जाते हैं। यदि मेरी राय मानें तो इन्हें अलग ही रहने दें। आगे आप जैसा चाहें। चाहें तो बाकी सदस्यों की राय भी ले सकते हैं, चौपाल पर सन्देश छोड़ कर। -- त्यम् मिश्र बातचीत 18:07, 26 अप्रैल 2016 (UTC)
@सत्यम् मिश्र: जी, अभिवादन। मेरी आपको पिंग न करने की गलती के लिए मुझे क्षमा करें। अङ्ग्रेज़ी विकि पर आभीर ब्राह्मण के लिए यह भी वर्णित है कि अहीरों के पुरोहित होने के कारण यह संभावित है कि उन्हे आभीर ब्राह्मण कहा गया है।[2] यह कथन इतिहासकर गंगाराम गर्ग जी के स्पष्टीकरण पर आधारित है। जिससे सहमति की वजह साफ है कि प्राचीन आभीर ब्राह्मण विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे इसी कारण बृत्य (आचरणहीन या दुराचारी) क्षत्रिय कहे गए हैं व म्लेच्छों व दस्युओ के साथ वर्गीकृत किए गए थे। ब्राह्मणों को इतिहास मर्यादा का प्रतीक मानता है व उनके ऐसे आचरण का साक्ष्य नहीं है। तथा ब्राह्मण, ब्राह्मण विरोधी कैसे? ब्राह्मण व क्षत्रिय तथा ब्राह्मण व म्लेच्छ विरोधाभासी है मैंने काफी पहले सिर्फ विलय का प्रस्ताव रखा था परंतु उपरोक्त वार्ता में अन्य गणमान्य प्रतिभागी के ज़ोर देने पर विलय प्रतिपादित किया था फिर भी यदि आप को उचित प्रतीत न हो रहा हो तो आप इसे पूर्ववत कर दें। मुझे आपत्ति नहीं है। प्रस्ताव व सहमति भिन्न भिन्न प्रकरण हैं, मैं समझ सकता हूँ। धन्यवाद--★★म॰ प्र॰ सिंह (✉ वार्ता ✉) 22:36, 26 अप्रैल 2016 (UTC)

यादव और अहीर पर चर्चा[संपादित करें]

 References
  1. http://etheses.lse.ac.uk/2106/1/U613338.pdf
  2. Garg, Gaṅga Ram, संपा॰ (1992). Encyclopaedia of the Hindu world. 1. Concept Publishing Company. पपृ॰ 113–114. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7022-374-0. अभिगमन तिथि 2012-12-03.

अहीर पर चर्चा किया जाय[संपादित करें]

पूर्ण लेख बदलने से पहले चर्चा हो ! धन्यवाद Arun singh Yaduvanshi (वार्ता) 13:12, 1 जुलाई 2020 (UTC)

लेख में बहुत दिन तक वि:संश्लेषण रह गया था। उसी का भाग है कि पुनर्लेखन किया जा रहा है। --हिंदुस्थान वासी वार्ता 13:16, 1 जुलाई 2020 (UTC)

जी, अवश्य लेकिन जब दो स्रोत एक बात को बल दे रहे है तो सभी स्रोतो को शामिल किया जाना चाहिए ना की सेलेकटीव अनुवाद अपनाना चाहिए है, कुछ स्रोत है जो प्राचीन से होते हुए आधुनिकता को भी जोड़ते है, उनके द्वारा किया गया आधुनिक स्रोत भी सेलेकटीव अनुवाद में लिये जा रहे स्रोतों से मेल खाता है परंतु सेलेकटीव अनुवाद में जिस स्रोत को लिया जा रहा है केवल वह आधुनिक दशा की बात कर रहा है किसी जाती के तो केवल उसके विचारों को न स्थान दे । बल्कि सभी को स्थान दे । मैने कुछ सुधार किया है इन्हीं मापदंडो के अनुसार । बहुत बहुत धन्यवाद आपका । Arun singh Yaduvanshi (वार्ता) 18:41, 1 जुलाई 2020 (UTC)

मुझे लगता है लेख का मुख्य उद्देश्य वर्तमान यादवों को पुराने यादवों से अलग बताने का है , कोई भी लेख वर्तमान या प्राचीन कैसे हो सकता है , वह सम्पूर्ण होना चाहिये चूंकि इस तरह तो सभी जातियों के अलग लेख बनाए जाएंगे क्योंकि सभी जातियों की वर्तमान स्थिति प्राचीन स्थिति से अलग है। इतिहास विश्लेषण (वार्ता) 02:46, 2 जुलाई 2020 (UTC)