वागडी भाषा
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| वागड़ी | |
|---|---|
| भिलोदी | |
| मूल स्थान | भारत |
| क्षेत्र | वागड़ क्षेत्र, राजस्थान |
| समुदाय | भील |
मातृभाषियाँ | (२५ लाख cited 2001 census) |
भारोपीय
| |
| भाषा कोड | |
| ISO 639-3 | wbr |
वागड़ी एक बोली है जो मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान के डुंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में बोली जाती है। यह साथ ही यह उदयपुर एवं प्रतापगढ़ के भी कुछ स्थानों में बोली जाती है। यहां मुख्यतः भील जनजाति निवास करती है।
वागड़ी की कई उपबोलियाँ हैं : आसपुर, खेरवाडा, सागवाडा, गलियाकोट, नादिया, और आदिवासी वागड़ी।
वागड़ी की लिपि देवनागरी है।
व्याकरण
[संपादित करें]संज्ञाओं
[संपादित करें]- दो वचन : एकवचन और बहुवचन
- दो लिंग : पुरुष और स्त्री
क्रिया
[संपादित करें]- तीन काल, चार विभाग में हैं।