वर्ग माध्य मूल

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गणित में वर्ग माध्य मूल (root mean square / RMS or rms), किसी चर राशि के परिमाण (magnitude) को व्यक्त करने का एक प्रकार का सांख्यिकीय तरीका है। इसे द्विघाती माध्य (quadratic mean) भी कहते हैं। यह उस स्थिति में विशेष रूप से उपयोगी है जब चर राशि धनात्मक एवं ऋणात्मक दोनों मान ग्रहण कर रही हो। जैसे ज्यावक्रीय (sinusoids) का आरएमएस एक उपयोगी राशि है।

'वर्ग माध्य मूल' का शाब्दिक अर्थ है - दिये हुए आंकड़ों के "वर्गों के माध्य का वर्गमूल (root)".

परिभाषा[संपादित करें]

वर्ग माध्य मूल की गणना अलग-अलग मान दिये होने पर (discrete values) की जा सकती है ; या किसी सतत परिवर्तनशील फलन के लिये की जा सकती है।

किसी दिये हुए मानों का आरएमएस निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है-

इसी तरह किसी सतत फलन , जो कि समयान्तराल के लिये परिभाषित है, के लिये वर्ग माध्य मूल का सूत्र इस प्रकार है-

तथा किसी सतत फलन के लिये सम्पूर्ण समय के लिये RMS इस प्रकार निकाला जा सकता है-

किसी आवर्ती फलन के लिये सम्पूर्ण समय पर निकाला गया RMS का मान उस फलन के एक आवर्तकाल के लिये निकाले गये RMS के मान के बराबर ही होगा।

उदाहरण[संपादित करें]

निम्नलिखित उदाहरण से चार प्रकार के माध्यों की तुलना देखी जा सकती है:

माना दी हुई चार संख्याएँ हैं:   10, 12, 14, 20
हरात्मक माध्य:     
गुणोत्तर माध्य:    
समान्तर माध्य:   
द्विघाती माध्य:    

कुछ सर्वसामान्य तरंगरूपों के वर्ग माध्य मूल (RMS of common waveforms)[संपादित करें]

Waveform Equation RMS
Sine wave
Square wave
Modified square wave
Sawtooth wave
Notes:
t is time
f is frequency
a is amplitude (peak value)
c % d is the remainder after floored division

उपयोग[संपादित करें]

RMS अत्यन्त उपयोगी है। यह भौतिकी एवं विद्युत प्रौद्योगिकी में खूब प्रयोग की जाती है। जैसे किसी प्रतिरोध में धारा बहने पर उसमें उत्पन्न उष्मा की मात्रा उसमें से प्रवाहित धारा के RMS के वर्ग के समानुपाती होता है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]