रेवाड़ी

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रेवाड़ी
Rewari
रेवाड़ी Rewari is located in हरियाणा
रेवाड़ी Rewari
रेवाड़ी
Rewari
हरियाणा में स्थिति
निर्देशांक: 28°11′N 76°37′E / 28.18°N 76.62°E / 28.18; 76.62निर्देशांक: 28°11′N 76°37′E / 28.18°N 76.62°E / 28.18; 76.62
प्रांत और देशरेवाड़ी ज़िला
हरियाणा
 भारत
जनसंख्या
 • कुल1,43,021
भाषा
 • प्रचलित भाषाएँहरियाणवी, पंजाबी, हिन्दी

रेवाड़ी (Rewari) भारत के हरियाणा राज्य के रेवाड़ी ज़िले में स्थित एक नगर है।[1][2][3]

नामोत्पत्ति और इतिहास[संपादित करें]

रेवाड़ी अपने आप में बहु आयामी प्रतिभाओ, महान कलाकारों, कवियों, साहित्यकारों, शूरवीरो, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक प्रतिष्ठानों, प्रकृतिं सौंदर्य से ओतप्रोत दक्षिणी हरियाणा का एक ऎसा स्थान है जहाँ आकर मन को सुकून और पवित्रता का बोध होता है। प्राचीन भारत में महाभारत काल के दौरान, रेवत नामक एक राजा था जिसकी पुत्री का नाम रेवती था।उसे सब रेवा कहकर बुलाते थे और उसके नाम पर एक शहर 'रेवा वाडी' नामक एक शहर की स्थापना की थी। वाडी और वाडा का मतलब हिंदी में पड़ोस (छोटे और बड़े, क्रमशः) और कई अन्य भारतीय भाषाओं में है। जब रेवा ने श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी से शादी की, तब राजा ने अपनी बेटी को 'रेवा वाडी' दान दिया। समय के दौरान, 'रेवा वाडी' का नाम रेवाड़ी बन गया। मन्यता है कि बलराम भगवान की राजधानी और उनके बाद कृष्ण भगवान के प्रपौत्र महाराज बज्रभान नेे आभीर शासन को आगे बढ़ाया।

रेवाड़ी एक ऐतिहासिक शहर है। हालाँकि यह शहर अपनी पुरानी छवि खोता जा रहा है। खाने के हिसाब से यहाँ की रेवड़ियाँ बहुत मशहूर हैं। यहाँ पर भारत की सबसे पहली गौशाला सन1882 में बनाई गई थी जो कि राजा राव युधिष्ठिर यादव द्वारा बनाई गई थी।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "General Knowledge Haryana: Geography, History, Culture, Polity and Economy of Haryana," Team ARSu, 2018
  2. "Haryana: Past and Present Archived 2017-09-29 at the Wayback Machine," Suresh K Sharma, Mittal Publications, 2006, ISBN 9788183240468
  3. "Haryana (India, the land and the people), Suchbir Singh and D.C. Verma, National Book Trust, 2001, ISBN 9788123734859