राजस्थानी वेशभूषा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

राजस्थानी वेशभूषा (राजस्थानी पहनावा) बहुत अनोखा है क्योंकि राजस्थान में अनेक जातियाँ निवास करती हैं इनके कारण वस्त्र भी जातियों के हिसाब से पहने जाते है। राजस्थान के लोग ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहते हैं। इसलिए औरतें-घाघरा कुर्ती तथा पुरुष- धोती,कुर्ता पेंट पहनते हैं।

औरतों के पहनावे vasim[संपादित करें]

राजस्थान में बिश्नोई समाज की औरतें सब जातियों से अलग वस्त्र पहनती है तथा दूसरे समाज की औरतें तो लगभग एक जैसे ही वस्त्र पहनती है। विवाह के अवसर पर कुछ अलग किस्म के वस्त्र पहनती है तथा मृत्यु पर काले तथा हरे रंग के वस्त्र पहनती है। कुर्ती :-महिलाओं के कमर के उपर पहले जाने वाले बिना बाहों का वस्त्र। कास्ली:- महिलाओं के कमर के उपर पहने जाने वाला बाहों वाला (अंगिया)वस्त्र।

पुरुषों के पहनावे[संपादित करें]

आज पश्चिमी संस्कृति के कारण ज्यादातर पुरुष -जीन्स-पेंट तथा टीशर्ट पहने नजर आते है। बुजुर्ग धोती , पायजामा और साफा(पगड़ी) पहनते है।आजकल वो पुराना पहनावा का चलन बहुत कम हो गया है .अब धीरे धीरे ये भी लुप्त हो रहा है,क्यों कि बाहरी पहनावा जयादा पहन रहे है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

[1] [2][3] [4] [5]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 14 मई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 अप्रैल 2017.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 मई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 अप्रैल 2017.
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 4 मई 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 अप्रैल 2017.
  4. "संग्रहीत प्रति". मूल से 13 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 अप्रैल 2017.
  5. "संग्रहीत प्रति". मूल से 23 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 अप्रैल 2017.