रक्तबीज

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हिन्दू पौराणिक कथाओं में, रक्तबीज एक असुर था जिसने शुम्भ-निशुम्भ के साथ मिलकर देवी दुर्गा और काली देवी के साथ युद्ध किया।

धार्मिक मान्यता[संपादित करें]

धार्मिक मान्यता के अनुसार वह एक ऐसा दानव था जिसे यह वरदान था की जब जब उसके लहू की बूंद इस धरती पर गिरेगी तब तब हर बूंद से एक नया रक्तबीज जन्म ले लेगा जो बल , शरीर और रूप से मुख्य रक्तबीज के समान ही होगा।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 अक्तूबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अक्तूबर 2018.