यूसुफ़
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| यूसुफ़ | |
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यूसुफ़ फ़िरौन के भंडार का रखवाला (1874), लॉरेंस ऐल्मा-टडेमा द्वारा चित्रकला | |
| जन्म | पद्दनराम, अराम-नहरैम |
| मौत | प्राचीन मिस्र |
| समाधि |
यूसुफ़ का मक़बरा, नाबुलुस, पश्चिमी तट (विवादित) 32°12′47″N 35°16′58″E / 32.2130268°N 35.2829153°E |
| उपनाम | सापनत पानेह |
| जीवनसाथी | आसनत |
| बच्चे | |
| संबंधी |
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यूसुफ़ का मक़बरा, नाबुलुस, पश्चिमी तट (विवादित) 32°12′47″N 35°16′58″E / 32.2130268°N 35.2829153°E | |
यूसुफ़ (बाइबिली इब्रानी: יוֹסֵף, प्राचीन यूनानी: Ἰωσήφ, अरबी: يُوسُف) बाइबिल की उत्पत्ति पुस्तक में एक महत्तवपूर्ण व्यक्ति है, जो यूसुफ़ के गोत्र का संस्थापक है।
यूसुफ़ याक़ूब और राहेल का पहला बेटा तथा याक़ूब का पसंदीदा बेटा था। इस कारण, यूसुफ़ के भाई उसे दास बनाकर मिस्र में बेचते हैं, जहाँ उसे बाद में गिरफ़्तार किया जाता है। फ़िरौन के सपनों का फल कहने के बाद, उसे मिस्र का प्रधानमंत्री बनाया जाता है और देश को अकाल से बचाता है। जब याक़ूब और उसका परिवार अकाल से बचने के लिए मिस्र पहुँचते हैं, वह यूसुफ़ के मदद से गोशेन में बसते हैं।