मलयज

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

मलयज (जन्म : १५ अगस्त १९३५ , मृत्यु : २६ अप्रैल १९८२) जिनका पूरा नाम भरत जी श्रीवास्तव है, हिंदी के प्रतिष्ठित कवि, लेखक और आलोचक हैं। मलयज का रामचन्द्र शुक्ल की आलोचना दृष्टि को पुनर्व्याख्यायित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान है, जिसके कारण हिंदी आलोचना जगत में वे विशेष उल्लेखनीय माने जाते हैं।[1]

संक्षिप्त जीवनी[संपादित करें]

प्रमुख रचनाएँ[संपादित करें]

कविता संग्रह[संपादित करें]

  • जख़्म पर धूल
  • अपने होने को अप्रकाशित करता हुआ
  • हँसते हुए मेरा अकेलापन

आलोचना[संपादित करें]

डायरी[संपादित करें]

पत्र[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]