मछलीशहर

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मछलीशहर
मछलीशहर
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला जौनपुर
जनसंख्या 26,107 (2011 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 84 मीटर (276 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: idealcare.blog.com

निर्देशांक: 25°41′N 82°25′E / 25.68°N 82.42°E / 25.68; 82.42

मछलीशहर, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख नगर और व्यापारिक स्थान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित मछलीशहर को तहसील का दर्जा प्राप्त है। नेशनल हाइवे 31 मछलीशहर से होकर गुजरता है जो पश्चिमी तरफ प्रतापगढ़ रायबरेली और लखनऊ को मछलीशहर से जोड़ता है तो पूर्वी तरफ जौनपुर और बनारस से मछलीशहर को जोड़ता है। मछलीशहर सुरक्षित लोकसभा सीट है जिसके तहत पांच विधानसभा आती हैं। मछलीशहर - जंघई - भदोही चार-लेन हाईवे निर्माणाधीन है, जिससे इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

उद्गम[संपादित करें]

== इतिहास ==जौनपुर से २० किलोमीटर दूर बसा शहर जिसे आज मछलीशहर के नाम से जाना जाता एक ऐतिहसिक शहर है जिसके तार बोद्ध समाज से जुड़े हुए हैं | मछलीशहर आज जौनपुर जिले का हिस्सा है जिसका बौध समय में नाम मछिका खंड था और यह बौध मोंक और गौतम बुध के आने जाने वाला स्थान था और उन्हें बहुत प्रिय था | मछलीशहर को लोग घिसुआ के नाम से भी जानते हैं और यह ना वहाँ के एक मशहूर व्यक्ति घेसू के नाम पे पडा था जिसने उस समय में वहाँ एक कोट बनवाई थी | सूफियों की यहाँ पे आमद के निशाँ अब भी मिला करते हैं और मशहूर है की एक सूफी फ़कीर ने शार्की बादशाह को एक मछली भेंट की जो उसके लिए शुभ साबित हुयी और जब उसने शार्की राज्य स्थापित कर दिया तो इसका नाम मछलीशहर रखा | सुलतान हुसैन शाह शार्की की बनवाई एक जामा मस्जिद यहाँ आज भी मौजूद है | यहाँ अच्छी हालत में मौजूद हैं । अट्ठारवीं शताब्दी इस्स्वी में महल के रहने वाले फ़तेह मुहम्मद जो मंगली मियाँ के नाम से मशहूर थे यहाँ आये और इसे अपने अधिकार में ले लिया | मगली मियाँ ने यहाँ ईदगाह बनवाई जो आज भी मौजूद है और कटाहत नमक स्थान पे एक किला बनवाया जिसके खंडहर आज भी देखे जा सकते हैं | यहाँ पे छोटी छोटी और भी कई मस्जिदें हैं जिनका निर्माण १८५७ में मौलवी अब्दुशाकूर ने करवाया या अन्य मस्जिदें भी हैं जिनका निर्माण वहाँ के ज़मींदार मुहमद नूह ने करवाया। यहाँ सूफियों की आमद की निशानियाँ क़ब्रों और मजारों की शक्ल में मिला करती है । यहाँ पे मुस्लिम समाज के शिया और सुन्नी दोनों मिल जुल के रहते हैं । इमामबाड़ा क़दीमी यहाँ है जिसमे रखी जारी बहुत मशहूर है और माना जाता है की इसी के नक़्शे पे जौनपुर का छोटा इमामबाड़ा बना है । यहाँ के लोग और उनका समाज जौनपुर के समाज जैसा ही है लेकिन यहाँ के लोगों को रेलवे स्टेशन बनाने का सपना जिसे पंडित जवाहर लाल नेहरु ने दिखाया आज भी सपना ही बना हुआ है क्यूँ की यहाँ के लोगों को २०-२५ किलोमीटर जंघई स्टेशन से ट्रेन पकडनी पड़ती है । अधिकतर लोग छोटे सफ़र के लिए बसों का इस्तेमाल करते हैं ।

भूगोल[संपादित करें]

जलवायु[संपादित करें]

अर्थ-व्यवस्था[संपादित करें]

चुंगी चौराहे से लेकर सुजानगंज चौराहे तक मछलीशहर बाजार फैला हुआ है। यहां पर अधिकतर घरों में प्रथमतल पर दुकानें हैं। इसी कारण से मछलीशहर का नगरीकरण वर्टिकल है। यहां जनसंख्या घनत्व दिल्ली की तरह ही काफी ज्यादा है।

नगर प्रशासन[संपादित करें]

यातायात[संपादित करें]

उपयोगिता सेवाएं[संपादित करें]

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

2011 की जनगणना के अनुसार, मछलीशहर की जनसंख्या 26,107 है जिसमें 51% पुरूष तथा 49% महिलाएं हैं। यहां की साक्षरता दर 77.43% है जोकि राष्ट्रीय औसत (59.5%) से ज्यादा है। पुरुष साक्षरता दर जहां 83.85% है,वहीं महिलाओं की साक्षरता दर 70.86% है। यहां की 18% आबादी छः साल से कम की है।

संस्कृति[संपादित करें]

मछलीशहर हिन्दू और मुसलमान में आपसी सौहार्द के लिए विख्यात है। यहां होली, दिपावली तथा ईद बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

मीडिया[संपादित करें]

शिक्षा[संपादित करें]

क्रीड़ा[संपादित करें]

चित्र दीर्घा[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]