प्रेम ग्रंथ

From विकिपीडिया
Jump to navigation Jump to search
प्रेम ग्रंथ
प्रेम ग्रंथ.jpg
प्रेम ग्रंथ का पोस्टर
निर्देशक राजीव कपूर
निर्माता राजीव कपूर
रणधीर कपूर
ऋषि कपूर
लेखक जैनेन्द्र जैन
अभिनेता शम्मी कपूर,
ऋषि कपूर,
माधुरी दीक्षित,
अनुपम खेर,
ओम पुरी,
प्रेम चोपड़ा
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
संपादक राजीव कपूर
प्रदर्शन तिथि(याँ) 24 मई, 1996
देश भारत
भाषा हिन्दी

प्रेम ग्रंथ राजीव कपूर द्वारा निर्देशित और आर. के. फिल्मस द्वारा निर्मित 1996 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। फिल्म में ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित मुख्य सितारें हैं और ये फिल्म बलात्कार के विषय से संबंधित है। फिल्म एक व्यावसायिक विफलता थी।[1]

संक्षेप[edit]

मुख्य पुजारी स्वामी धर्म भूषण महाराज (अनुपम खेर) का वकील पुत्र सोमेन (ऋषि कपूर) एक दृढ़ चरित्र, दृढ़ विश्वास और साहस वाला व्यक्ति है। वह समानता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों में विश्वास करता है और अक्सर सामाजिक न्याय और धर्म के मुद्दों पर अपने पिता से बहस करता है। वह विशेष रूप से केदार नाथ (प्रेम चोपड़ा) से असहमत है, जो मंदिर में खजाने का शोषण करने के लिए उसके पिता का उपयोग करता है। उसके चाचा नंदलाल (शम्मी कपूर) एक समृद्ध डेयरी फार्म के मालिक हैं और अन्यायपूर्ण और पुराना मानते हुए धर्म और सामाजिक दायित्वों के मामलों से खुद दूर रहते हैं।

सोमेन वार्षिक त्यौहार में एक सुंदर युवा महिला कजरी (माधुरी दीक्षित) से मिलता है और उससे पहली नजर में ही खिंचा चला जाता है। उसके निचले सामाजिक स्तर के बावजूद उनके प्यार की शुरुआत हो जाती है। वे अप्रत्याशित रूप से अलग होते हैं। वह कजरी को खोजने के लिए अपनी पूरी कोशिश करता है, लेकिन सब व्यर्थ में जाता है। कजरी और उसके पिता बलिराम अपने गांव बंसिपुरा वापस जा रहे होते हैं, जहां मार्ग में कजरी का अपहरण कर लिया जाता है और एक शराबी रहस्यमय आदमी द्वारा बलात्कार किया जाता है। कजरी उस आदमी के बच्चे के साथ गर्भवती हो जाती है। कजरी की मां की बहन उसे जूते बनाने वाले से विवाहित करना चाहती है, लेकिन तब कजरी गुप्त रूप से गाँव छोड़ देती है और उस आदमी के बच्चे को जन्म देती है जिसने उसके साथ बलात्कार किया। उसने लोगों को खाना देने के लिए आग्रह किया ताकि वह बच्चे को दूध पिला सके और वह जीवित रहे। बच्चा तब मर जाता है और कजरी बच्चे के अंतिम संस्कार के लिये स्वामी धर्म भूषण से मिलती है, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कजरी बच्चे को दफना देती है।

एक साल गुजरता है और वे फिर से मिलते हैं। सोमेन ने कजरी को अपने चाचा नंदलाल के खेत पर काम करते हुए पाया और दोनों का प्यार फिर उमड़ता है। वह उसके प्रति अपना प्यार व्यक्त करने की कोशिश करता है, लेकिन वह टाल-मटोल करती है। वह सोमेन को एक पत्र लिखती है कि वह बलात्कार पीड़िता है, एक अविवाहित मां थी, और अपने समाज से अन्यायपूर्ण ढंग से बहिष्कृत है। वह भी सोमेन से प्यार करती है, लेकिन हर पल में उसके अतीत का दुर्भाग्य उसके दिमाग पर होता है। इस बीच, केदारनाथ ने एक महिला को जीवित जला दिया क्योंकि वह रूप सहाय (गोविंद नामदेव) नामक एक शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती थी।

कजरी और सोमेन नंदलाल के डेयरी फार्म में व्यस्त हैं, लेकिन धर्म भूषण वहाँ आता है और बताता है कि कजरी अपने मृत बच्चे का अंतिम संस्कार करने का अनुरोध कर रही थी, लेकिन वह बच्चे के पिता को नहीं जानती थी। तब सोमेन चाला जाता है, लेकिन नंदलाल सच बताता है कि कजरी के साथ बलात्कार किया गया था और यह उसकी गलती नहीं है। कजरी की चाची से पता चलता है कि जिस व्यक्ति ने उसके साथ बलात्कार किया वह रूप सहाय है, जिसने एक बार उसकी चाची से भी बलात्कार किया था।

कजरी श्रीपुर जाती है और सोमेन को बताती है कि रूप सहाय वो शराबी आदमी था जिसने उसके साथ बलात्कार किया था। कजरी, सोमेन और बलिरम फिर रूप सहाय और केदारनाथ को दशहरा पर जलाते हैं और फिर सोमेन कजरी से शादी करता है।

मुख्य कलाकार[edit]

संगीत[edit]

सभी गीत आनंद बख्शी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."बाजू बंध"अलका याज्ञनिक, सुरेश वाडकर7:36
2."दिल देने की रुत"अलका याज्ञनिक, विनोद राठौड़7:55
3."इस दुनिया में प्रेम ग्रंथ"अलका याज्ञनिक, विनोद राठौड़6:05
4."जंगल में शेर"अलका याज्ञनिक, विनोद राठौड़8:32
5."तेरी कसम में हूँ"विनोद राठौड़5:26
6."मैं कमजोर औरत"लता मंगेशकर9:23

सन्दर्भ[edit]

  1. "बचपन में ऐसी दिखती थीं माधुरी दीक्षित, तब से अब तक के चुनिंदा PHOTOS". दैनिक भास्कर. 15 मई 2017. अभिगमन तिथि 27 अक्टूबर 2018.

बाहरी कड़ियाँ[edit]