पी॰ऍस॰आर॰ बी1257+12

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पी॰ऍस॰आर॰ बी१२५७+१२ पल्सर के इर्द-गिर्द परिक्रमा करते ग़ैर-सौरीय ग्रहों का काल्पनिक चित्रण
इस पल्सर के 'ए', 'बी' और 'सी' ग्रहों का काल्पनिक चित्रण

पी॰ऍस॰आर॰ बी१२५७+१२ (अंग्रेज़ी: PSR B1257+12) पृथ्वी से लगभग २,००० प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक पल्सर है। आकाश में यह कन्या तारामंडल के क्षेत्र में स्थित है। सन् २००७ में ज्ञात हुआ के इसके इर्द-गिर्द ३ ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा कर रहें हैं। वैज्ञानिकों को एक चौथे ग्रह की मजूदगी पर भी शक है।

पल्सर की खोज[संपादित करें]

पी॰ऍस॰आर॰ बी१२५७+१२ को आलॅक्सान्डॅर वॉल्ष्टषान (Aleksander Wolszczan) नामक पोलिश खगोलशास्त्री ने १९९० में आरेसीबो रेडियो दूरबीन से ढूँढा था। यह अन्य पल्सरों की तरह तेज़ी से घूर्णन कर रहा है। हर मिनट में यह ९,६५० घुमाव पूरे कर लेता है, यानि हर ६.२२ मिलीसैकिंड में एक। पल्सर होने के नाते यह बहुत की घना है और अनुमानित किया जाता है कि यह सूरज के द्रव्यमान का १.५ गुना द्रव्यमान (मास) रखता है लेकिन इसका व्यास (डायामीटर) सूरज के व्यास का केवल ०.००००२ गुना है। इसकी आयु ३ अरब वर्ष अनुमानित की गई है।

ग्रहीय मण्डल[संपादित करें]

१९९२ में पहले वैज्ञानिकों को केवल दो ग्रहों के अस्तित्व के बारे में पता चला। उस समय सोच यह थी कि ग्रह केवल मुख्य अनुक्रम तारों के इर्द-गिर्द ही मिलेंगे। जब पल्सर के साथ ग्रह मिले तो खगोलशास्त्रियों में हैरानी हुई। अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यहाँ ग्रह एक महानोवा विस्फोट या किसी क्वार्क नोवा के मलबे से बने हैं।[1][2] ग्रह इस प्रकार हैं:[3][4]

  • (A) - पृथ्वी के ०.०२ गुना द्रव्यमान वाला यह ग्रह लगभग हर २५.२६ दिनों में पल्सर कि परिक्रमा पूरी करता है। यह पल्सर के सब से समीप है।
  • बी (B) - पृथ्वी के ४.३ गुना द्रव्यमान वाला यह ग्रह लगभग हर ६६.५४ दिनों में पल्सर कि परिक्रमा पूरी करता है। यह पल्सर से दूसरा सब से समीप है।
  • सी (C) - पृथ्वी के ३.९ गुना द्रव्यमान वाला यह ग्रह लगभग हर ९८.२१ दिनों में पल्सर कि परिक्रमा पूरी करता है। यह पल्सर से तीसरा सब से समीप है।
  • डी (D) - इस ग्रह के अस्तित्व का पक्का पता नहीं है लेकिन बहुत से खगोलशास्त्री विश्वास करते हैं कि यह मौजूद है। पृथ्वी के ०.०००४ गुना द्रव्यमान वाला, यानि यम (प्लूटो) के द्रव्यमान के २०% से भी कम वाला, यह ग्रह लगभग हर १,२५० दिनों में पल्सर कि परिक्रमा पूरी करता है।[5] यह पल्सर से सब से दूर है।

इन ग्रहों के आलावा वैज्ञानिकों को इस बात के भी कुछ प्रमाण मिले हैं कि शायद इस ग्रहीय मण्डल में एक क्षुद्रग्रह घेरा या काइपर घेरा मौजूद है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Podsiadlowski, P. (1993). "Planet Formation Scenarios". Planets around pulsars; Proceedings of the Conference, California Inst. of Technology, Pasadena, Apr. 30-May 1, 1992: 149-165. Bibcode 1993ASPC...36..149P. http://adsabs.harvard.edu/abs/1993ASPC...36..149P. 
  2. Planets orbiting Quark Nova compact remnants. arXiv:astro-ph/0301574. Bibcode 2003A&A...407L..51K. doi:10.1051/0004-6361:20030957. 
  3. "Pulsar Planets". http://www.astro.psu.edu/users/alex/pulsar_planets.htm. 
  4. Wolszczan, A., Frail, D. (1992). "A planetary system around the millisecond pulsar PSR1257 + 12". Nature (journal) 355 (6356): 145–147. Bibcode 1992Natur.355..145W. doi:10.1038/355145a0. 
  5. PSR 1257+12 d