पासी

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चित्र:Pasi 1868 photo.jpg
पासी समूह 1868

पासी उत्तर भारत में निवास करने वाली एक जाति है। ये लोग विमुक्त जाति में गिने जाते हैं और कुछ राज्यों में इन्हें अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है।[1]

निवास क्षेत्र[संपादित करें]

इस जाति के लोग मुख्यत: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों और बिहार में निवास करते हैं। भारत के अन्य प्रदेशों में पासी जाति को पासी, बौरासी,राजपासी, सरोज, रावत, बहोरिया, कैथवास, ताड़मालि, मोठी इत्यादि नाम से जाना जाता हैं इन की भाषा हिंदी ,मराठी, 'पंजाबी' भोजपुरी होती है ।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

समाज में स्थान[संपादित करें]

शब्द पासी की एक व्युत्पत्ति संस्कृत के पाशिका से भी बताई जाती हैँ ।[2]



पासी समुदाय के उल्लेखनीय लोगों मे लाखन पासी, सोहेल देव पासी बिजली पासी, गंगा बक्स रावत, अमन राजपीयू जपला और ऊदा देवी का नाम आता है।[3][4][5]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950" (PDF). socialjustice.nic.in. मूल से 11 जुलाई 2019 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2020.
  2. Singh, Kumar Suresh; Bhanu, B. V.; India, Anthropological Survey of (2004). Maharashtra (अंग्रेज़ी में). Popular Prakashan. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7991-102-0. मूल से 3 नवंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2020.
  3. Narayan, Badri (2009). Fascinating Hindutva: Saffron Politics and Dalit Mobilisation (अंग्रेज़ी में). SAGE Publications. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7829-906-8.
  4. Connerney, Richard D. (2009). The Upside Down Tree: India's Changing Culture (अंग्रेज़ी में). Algora Publishing. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-87586-650-5. अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2020.
  5. "Another first by Yogi Adityanath: Chapters on Pasi community icons to be included in UP school books". The Financial Express. 1 अप्रैल 2018. मूल से 6 अप्रैल 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 अप्रैल 2020.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]