पासी

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पासी
पासी पल्टन 1857
पासी पल्टन 1857, (बेगम हज़रत महल को सुरक्षित नेपाल पहुंचाया)
धर्म हिन्दू
भाषा हिंदी,भोजपुरी
वासित राज्य भारतीय उपमहाद्वीप, मुख्यतः उत्तर भारत, बिहार,मध्यप्रदेश आदि राज्यों

पासी प्रमुखतः एक भारत की जाति है , पासी जाती को वर्ण,आदिम जाति या नस्ल के रूप में वर्णित किया जाता है,[1] राजपासी पासी जाति की ही एक शाखा हैं जो अवध में शासक थे । [2] इनकी पासी पल्टन भी थी , जिनका 1857 में बड़ा महत्व था । [3]

भारत देश के आज़ादी के बाद पासी जाति जो उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी है, जिसे भारतीय संविधान में 'अनुसूचित जाति' का दर्जा प्राप्त है। [4]

शब्दार्थ[संपादित करें]

पासी नाम के कई संभावित मूल हैं; एक तो संस्कृत शब्द 'पशिका' के अर्थ पाश यानि "एक फंदे का उपयोग करने वाला", और पाशी का हिंदी रूप पासी होता है जिसका हिंदी में अर्थ हिंदी शब्दों के 'पा' (पकड़) और 'असि' (एक तलवार) से बना है पासी ,जिसका अर्थ हाथ में तलवार धारण करने वाला,यानी एक योद्धा से होता है।

1857 स्वतंत्रता संग्राम[संपादित करें]

पासी जुझारू योद्धा हुआ करते थे राजपाट खत्म होने के बाद इन लोगों ने अपनी सेवाएं भारतीय सेनाओं में देना शुरू की ,लड़ाई लड़ने व् राजपाट संभालने की वजह से यह लोग अपने को क्षत्रिय उसके समकक्ष मानते थे । 16वीं और 17वीं सदी के आते आते पासी जाति जो कि एक लड़ाकू कौम थी ,ये अवध के ज्यादातर राजा ,रियासतों के यहाँ सैनिक पद पर तैनात रहते थे, और जो कोई राजा किसी भी राजा का तख्तापलट करना होता था तो इन पासी सैनिको पर ही आश्रित रहते थे,ये पासी धनुषधारी होते थे ,और 100 गज़ की दूरी से अचूक निशाना लगाते थे। [5]

निवास क्षेत्र[संपादित करें]

इस जाति के लोग मुख्यत: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों और बिहार, मध्य प्रदेश ,झारखण्ड ,उत्तराखण्ड ,पंजाब, महाराष्ट्र आदि राज्यो में निवास करते हैं। भारत के अन्य प्रदेशों में पासी जाति को पासी, राजपासी, सरोज, रावत, बहोरिया,चौधरी,राय,कैथवास, ताड़मालि...इत्यादि नाम से जाना जाता हैं।

व्यवसाय[संपादित करें]

पासी समाज मूलतः उत्तर प्रदेश के साथ साथ देश के अन्य ५२ जिलों में भी बहुतायत में पाया जाता है। पासी समाज ने अलग अलग राज्यों में जरूरत के अनुसार व्यवसाय अपनाया और देश की मुख्य धारा से खुद को जोड़े रखा। लघु उद्योग के साथ ही साथ समाज ने सरकारी और गैर सरकारी उपक्रमों में भी सम्मलित है

संदर्भ[संपादित करें]

  1. डॉ नवल वियोगी और मो. अनवर अंसारी द्वारा संपादित पुस्तक ( शिल्पकार आंदोलन का इतिहास=पेज न•86
  2. https://books.google.com/books/about/Census_of_India_1971_no_17_of_1961_serie.html?id=LCbjAAAAMAAJ
  3. {{|title= the people of india volume-3 |authorlink=b.v bhanu |year=2004 |isbn =81-7991-102-0 |url=https://books.google.com/books/about/People_of_India.html?id=4bfmnmsBfQ4C |publisher=popular prakshan.pvt. ltd |page=1683-1684}}
  4. census report 1961
  5. [[स्लीमन डायरी |a journey through the kingdom of awadh |chpater=pasi of oudh]]