वार्ता:पासी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

यह पृष्ठ पासी लेख के सुधार पर चर्चा करने के लिए वार्ता पन्ना है। यदि आप आप अपने संदेश पर जल्दी सबका ध्यान चाहते हैं, तो यहाँ संदेश लिखने के बाद चौपाल पर भी सूचना छोड़ दें।

लेखन संबंधी नीतियाँ

पासी समाज के राजनेता[संपादित करें]

राम विलास पासवान,जुगुल किशोर,वी पी सरोज'प्रेमचंद सरोज, सुशीला सरोज,प्रियांश सरोज

Lavkush Pasi

Lavkush Sonepat Haryana (वार्ता) 14:50, 28 नवम्बर 2017 (UTC)

Uday narayan Chaudhary ex.Bihar bidhan sabha spekar Chaudharyworldweb (वार्ता) 16:16, 2 अप्रैल 2018 (UTC)

पासी संदर्भ[संपादित करें]

पासी भारत का एक क्षत्रिय जाति समुदाय है, जिसे भारशिव नागवंशी के रूप में भी संदर्भित किया जाता है। [1]राजपासी पासी जाति की ही एक शाखा हैं जो अवध में शासक थे । [2]

पासी भारत की एक जाति है, जिसे भारतीय संविधान में 'अनुसूचित जाति' का दर्जा प्राप्त है। [3] Adolf bijili (वार्ता) 06:12, 2 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी भारत का एक क्षत्रिय जाति समुदाय है, जिसे भारशिव नागवंशी के रूप में भी संदर्भित किया जाता है। [4]राजपासी पासी जाति की ही एक शाखा हैं जो अवध में शासक थे । [5]

देश के आज़ादी के बाद पासी जाति जो उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी है, जिसे भारतीय संविधान में 'अनुसूचित जाति' का दर्जा प्राप्त है। [6] Adolf bijili (वार्ता) 06:33, 2 अप्रैल 2019 (UTC)

ref>{{ |first=B.V |last=bhanu |AuthorLink= B.V bhanu |Year=2004 |ISBN=81-7991-102-0 |Url=https://books.google.com/books/about/People_of_India.html?id=4bfmnmsBfQ4C |Publisher=popular prakashan.pvt.ltd. |Page=1683 }}</ref> Adolf bijili (वार्ता) 07:07, 2 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी पल्टन 1857
Adolf bijili (वार्ता) 11:29, 11 अप्रैल 2019 (UTC)

इतिहास[संपादित करें]

पासी जाती की उत्पत्ति बड़े विद्वनो ने पासियों की उत्पति नागवंशी भारशिवा के तच्छक (टाकवंश) से माना है पासी नागवंशी छत्रिय है ,जो शिव के उपासक है [7][8]

945 - 1370 तक पासियो का अवध में एक छ्त्र राज था ,जिनका संघर्ष तुर्को ,खिलजियों, राजपूतो से हुवा निरन्तर हुवे मुस्लिमऔर राजपूती आक्रमण से छतिग्रस्त हो गए [9][10]

पासियो का अंतिम राजा लहरी पासी था जिसने 1398 से 1416 ईस्वी में तुर्को से अपनी राज छीन कर आज़ाद करा के 18 वर्षों तक स्वतंत्र रखा तुगलकों के नाम पर बसे तुगलकाबाद का नाम बदल कर लहरपुर रख दिया जो शहर आज भी है

जो बाद के बहुत बड़े युद्ध में राजा लहरी वीरगति हुवे और उनके बाद पासियो की स्थति पहले से भिन्न हो गयी। पासी मुख्या भूमि से बेदखल हो गए और जंगलो के बड़े भू भाग को साफ करके अपनी सरदार के रूप में राज करते रहे । [11] Adolf bijili (वार्ता) 10:36, 2 अप्रैल 2019 (UTC)

Adolf bijili congrats dear.... Vishal Passi (वार्ता) 05:36, 20 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी जाति[संपादित करें]

श्री मन जी प्रामाणिक जानकारी देने के लिए धन्यवाद।ये बात बिल्कुल सही है कि नागवंश बहुत बड़ा वंश है जिस पर कोई जाति अकेले नाग होने का दावा नही कर सकती। नागवंशी होने का दावा जितना यादव,महार, बाल्मीकि ,मीणा या भर करते है उतना पासी भी करते है।आपका प्रयास बहुत सराहनीय है। Ravi bhar (वार्ता) 11:26, 9 अप्रैल 2019 (UTC)

बिलकुल सही Rajeshpasi1979 (वार्ता) 17:22, 9 अप्रैल 2019 (UTC)

बिलकुल सही कहा आप लोगो ने ये विकिपीडीया वाले दोनों समाज लो लड़ा बैठाएंगे इसलये दोनों समाज एक है और इन जैसे लोगों का मिलकर विरोध करेंगे Adolf bijili (वार्ता) 18:08, 9 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी जाती में बदलाव![संपादित करें]

पिछले कुछ दिनो से विकीपीडिया पर पासी समाज के बारे में उपलब्ध जानकरियों को अनधिकृत तरीक़े से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बदलाव किया जा रहा है । यह बदलाव जानबूझकर पासी समाज को नीचा दिखाने के लिए किया जा रहा है ।

पासी समाज का गौरव शाली इतिहास रहा है । महाराजा बिजली पासी का क़िला आज भी लखनऊ में स्थित है । लखनऊ शहर के निर्माता लाखन पासी की मूर्तियाँ शहर में लगी है । सन 1857 की क्रांति में ऊदा देवी पासी ने 36 अंग्रेजो को मार कर शहीद हुई थी । उनकी मूर्ति लखनऊ शहर के बीच में लगी है ।

पासी जाती एक योद्धा जाती है । पासी शब्द ही बना है संस्कृत के पा+आसी शब्दों से मिलकर जिसका मतलब होता है -पा= पंजा, आसी = तलवार । तलवार चलाने वाला ।

विकीपीडिया प्रबंधन से अनुरोध है कृपया इस पर ध्यान दे, और अनधिकृत बदलाव और पासी समाज को नीचा दिखाने वाले बदलाव को दुरुस्त किया जाय और जो लोग यह अनधिकृत बदलाव जान बूझकर पासी समाज को नीचा दिखाने के लिए कर रहे है । उन पर करवाई की जाय। Rajeshpasi1979 (वार्ता) 13:38, 9 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी जाती में बदलाव गलत ढंग से न करे प्रबन्धक महोदय[संपादित करें]

पासी जाती में उचित बदलाव करने दिजीये Adolf bijili (वार्ता) 13:48, 9 अप्रैल 2019 (UTC)

पासी समुदाय के विषय में परिवर्तन[संपादित करें]

कुछ लोग जान बूझकर पासियों के इतिहास में हस्तक्षेप कर रहे हैं और पासी समुदाय के बारे में गलत जानकारी और सन्देश फैला रहे हैं। Adolf Bijili द्वारा दी गयी जानकारी सही है और साक्ष के साथ है माननीय प्रबंधक जी आपसे अनुरोध है की इसका संज्ञान ले और लोगो तक उचित जानकारी का प्रवाह करें।

सबूत[संपादित करें]

बदला नहीं जाना चाहये Adolf bijili (वार्ता) 13:02, 22 मई 2019 (UTC)

हिंदुसतान वासी[संपादित करें]

आपने जानकारी मिटाई उसका कारण बातये Adolf bijili (वार्ता) 06:48, 17 जून 2019 (UTC)

हिंदुस्तान वासी[संपादित करें]

जानकारी क्यों हटाई गई आपके द्वारा जवाब दें Sandeep Rajpasi (वार्ता) 09:12, 17 जून 2019 (UTC)

@Sandeep Rajpasi: जी आपके सम्पादन स्रोतहीन हैं, इसीलिए आपके सम्पादन पूर्वरत किए गए हैं। --अशोक Ashoka Chakra.svg वार्ता 10:53, 17 जून 2019 (UTC)

RAJPASI SWABHIMAN[संपादित करें]

PLEASE TRY TO UNDERSTAND THIS IS NOT THE REALITY OF MY CASTE SO PLEASE CHANGE THIS STATEMENT. Rajpasi Raja kansa (वार्ता) 15:45, 17 जून 2019 (UTC)

THIS IS NOT THE REALITY OF MY CASTE SO PLEASE CHANGE THIS CONTENT[संपादित करें]

RAJ RAHEGA Rajpasi Raja kansa (वार्ता) 15:49, 17 जून 2019 (UTC)

  1. डॉ नवल वियोगी और मो. अनवर अंसारी द्वारा संपादित पुस्तक ( उत्तरापथ के नाग शासक और शिल्पकार आंदोलन का इतिहास=पेज न•86
  2. H.M.eliat the the history of india a age told by its one histroians (book) gazetter of lucknow page no .26
  3. census report 1961
  4. [[|url=https://books.google.com/books/about/Census_of_India_1971_no_17_of_1961_serie.html?id=LCbjAAAAMAAJ ]] डॉ नवल वियोगी और मो. अनवर अंसारी द्वारा संपादित पुस्तक ( उत्तरापथ के नाग शासक और शिल्पकार आंदोलन का इतिहास=पेज न•86
  5. https://books.google.com/books/about/Census_of_India_1971_no_17_of_1961_serie.html?id=LCbjAAAAMAAJ
  6. census report 1961
  7. डॉ नवल वियोगी और मो. अनवर अंसारी द्वारा संपादित पुस्तक, के नाग शासक और शिल्पकार आंदोलन का इतिहास पेज=86
  8. रामदयाल वर्मा द्वारा संपादित पुस्तक बिखरा राजवंश पेज=41,42
  9. {{Kheri: A Gazetteer Volume Xlii Of The District Gazetteers Of The United Provinces Of Agra And Oudh=175,179 |url=[[1]]
  10. http://pasi.in/his.php
  11. {{ |first=B.V |last=bhanu |AuthorLink= B.V bhanu |Year=2004 |ISBN=81-7991-102-0 |Url=https://books.google.com/books/about/People_of_India.html?id=4bfmnmsBfQ4C |Publisher=popular prakashan.pvt.ltd. |Page=1683 }}