नारकंडा

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नारकंडा
Narkanda
नारकंडा की हिमाचल प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
नारकंडा
नारकंडा
हिमाचल प्रदेश में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: शिमला ज़िला
हिमाचल प्रदेश
Flag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011): 2,712
मुख्य भाषा(एँ): पहाड़ी, हिन्दी
निर्देशांक: 31°15′32″N 77°27′14″E / 31.259°N 77.454°E / 31.259; 77.454
हाटू शिखर से नारकुंडा का दृष्य

नारकंडा (Narkanda) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के शिमला ज़िले में स्थित एक नगर है। राष्ट्रीय राजमार्ग 5 यहाँ से गुज़रता है।[1]

नारकण्डा हिमालय की गोद में बसा एक छोटा शहर है जो अपनी प्राकृतिक सुन्दरता और भारत के सबसे पहले स्कीइंग स्थल के लिए जाना जाता है। नारकंडा समुद्र तल से 2,700 मीटर की ऊंचाई पर बसा है, जिसके चारों ओर पर्वत की शृंखला और हरियाली है। इस जगह को 'फलों का कटोरा' भी कहा जाता है। यहां पर आप स्कीइंग के साथ-साथ ट्रैकिंग का आनन्द भी ले सकते हैं। यहाँ जंगली ताड़ के पेड़, लैवेंडर के सफ़ेद फूल भी देखने को मिलते हैं। इसलिए नारकंडा पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहता है।

शिमला से नारकंडा 2 घंटे में पहुंच सकते हैं। शिमला से नारकंडा की दूरी केवल 65 किलोमीटर है। विमान से निकटतम एयरपोर्ट भुंतर पहुंच सकते हैं। भुंतर से नारकंडा की दूरी लगभग 82 कि.मी. है। रेलगाड़ी से पहुँचने के लिए सबसे निकट का रेलवे स्टेशन शिमला है।

वैसे तो पहाड़ों की सैर कभी भी किसी भी मौसम में की जा सकती है लेकिन यहां ज्यादातर लोग सर्दियों में आना पसंद करते हैं। सर्दियों में बर्फ के ढके होने के कारण यहाँ स्कीइंग की सुविधा उपलब्ध होती है। गर्मियों में भी यहां का मौसम काफी अनुकूल होता है क्योंकि तब सर्दियों के मुकाबले कम भीड़ होती है।

नारकंडा की सुन्दरता देखने के लिए शिमला से नारकंडा की दूरी सड़क से तय करें। यह आपको एक अनोखा और सुखद अनुभव देगा। नारकंडा की सड़कों पर आपको चेरी, सेब और देवदार के पेड़ देखने को मिल जाएंगे। साथ ही ठानेधार नामक स्थान सेब के बगीचों के लिए प्रसिद्ध है। जिन्हें बर्फ़ और पहाड़ों के बीच अच्छा लगता है वह कोटगढ़ घाटी को देखने आते हैं। कोटगढ़ और ठानेधार नारकंडा से 17 कि.मी. की दूरी पर हैं।

हाटू शिखर
आज का नारकण्डा

नारकंडा की सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है हाटू शिखर। इस जगह पर हाटू माता का मंदिर है। यह सबसे ऊंचाई पर स्थित है जो कि समुद्र तल से करीब 12,000 फुट ऊपर है। इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी हाटू माता की भक्त थीं और उन्होंने ही इस मंदिर को बनवाया था। यहां पर आप हिमालय की सभी दिशाओं का दर्शन कर सकते हैं। यह नारकंडा से 6 कि.मी. दूर है। इसके साथ ही इस जगह पर आप स्कीइंग का भी आनंद ले सकते हैं।

भीम का चूल्हा

हाटू शिखर के पास में ही भीम का चूल्हा भी है जो कि हाटू मंदिर से 500 मीटर आगे है। इनके बारे में कहा जाता है कि पांडवों को जब अज्ञातवास मिला था तो वह चलते-चलते इसी जगह पर रूके थे और खाना भी यहीं बनाया था।

नारकंडा का बाज़ार

नारकंडा के बाज़ार उतना ही है जितनी की एक सड़क। इस बाज़ार में छोटी-छोटी दुकानें हैं जिनमें छोले-पूरी से लेकर कीटनाशक दवाइयां मिलती हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Nahan Population Census 2011". Census2011. मूल से 24 जून 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 June 2016.