नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया

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नाभिकीय विखण्डन का एक सम्भावित चित्र

जब कोई नाभिकीय अभिक्रिया औसतन उसी तरह की एक या एक से अधिक अन्य नाभिकीय अभिक्रियाओं को सम्भव करती है तो इसे नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया (nuclear chain reaction) कहते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि यह अभिक्रिया स्वयंचालित (self-propagating) या स्वावलम्बी (self sustaining) हो जाती है। 235U आदि भारी नाभिकों का विखण्डन (fission) नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया का प्रमुख उदाहरण है। परमाणु बम एवं परमाणु भट्ठी इसी अभिक्रिया के परिणामस्वरूप कार्य करते हैं। इसी प्रकार दो हल्के नाभिकों जैसे 2H एवं 3H के संलयन (fusion) की अभिक्रिया भी एक नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया है। यही शृंखला अभिक्रिया सूर्य की गर्मी एवं उर्जा का कारण है।

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