नवगछिया
नवगछिया
Naugachia | |
|---|---|
| निर्देशांक: 25°23′N 87°06′E / 25.39°N 87.10°Eनिर्देशांक: 25°23′N 87°06′E / 25.39°N 87.10°E | |
| ज़िला | भागलपुर ज़िला |
| प्रान्त | बिहार |
| देश | |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 49,069 |
| भाषाएँ | |
| • प्रचलित | अंगिका, हिन्दी |
| पिनकोड | 853204 |
नवगछिया (Naugachia) बिहार राज्य के भागलपुर जिला में स्थित एक महत्वपूर्ण नगर और अनुमंडल मुख्यालय है। यह नगर गंगा नदी के उत्तरी तट के निकट स्थित है और इसके उत्तर में कोसी नदी का प्रभाव क्षेत्र है। अपनी भौगोलिक स्थिति, कृषि उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों के कारण नवगछिया क्षेत्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।[1][2]
इतिहास
[संपादित करें]नवगछिया का विकास गंगा नदी के उत्तरी तट पर बसे ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारिक केंद्र के रूप में हुआ। प्राचीन काल में यह क्षेत्र ऐतिहासिक अंग प्रदेश का हिस्सा था, जिसका प्रमुख केंद्र वर्तमान भागलपुर क्षेत्र था। समय के साथ आसपास के गाँवों और बस्तियों के बीच व्यापार और आवागमन बढ़ने लगा, जिसके कारण नवगछिया एक स्थानीय बाजार के रूप में विकसित हुआ।
ब्रिटिश काल में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस क्षेत्र में कई प्रशासनिक इकाइयाँ स्थापित की गईं और नवगछिया को भागलपुर जिले का एक महत्वपूर्ण अनुमंडल बनाया गया। धीरे-धीरे यह नगर व्यापार, शिक्षा और प्रशासन का प्रमुख केंद्र बन गया।
भूगोल
[संपादित करें]नवगछिया बिहार के पूर्वी भाग में स्थित है। इसके दक्षिण में गंगा नदी तथा उत्तर में कोसी नदी बहती है। इन दोनों नदियों के बीच स्थित होने के कारण यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ माना जाता है।
यह क्षेत्र गंगा के मैदानी भाग का हिस्सा है और यहाँ की भूमि सामान्यतः समतल तथा जलोढ़ मिट्टी से बनी होती है। मानसून के मौसम में कभी-कभी बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, विशेषकर कोसी नदी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में।
जनसंख्या
[संपादित करें]भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार नवगछिया नगर की कुल जनसंख्या लगभग 49,069 थी। यहाँ की साक्षरता दर लगभग 62% थी, जिसमें पुरुष साक्षरता लगभग 69% और महिला साक्षरता लगभग 55% थी।
इस क्षेत्र में मुख्य रूप से हिंदी और अंगिका भाषा बोली जाती है। अंगिका भाषा ऐतिहासिक अंग क्षेत्र की प्रमुख क्षेत्रीय भाषा मानी जाती है और भागलपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक रूप से प्रचलित है।
धर्म
[संपादित करें]2011 की जनगणना के अनुसार नवगछिया में विभिन्न धर्मों के लोग निवास करते हैं। यहाँ सबसे अधिक लोग हिंदू धर्म को मानते हैं, जबकि दूसरे स्थान पर इस्लाम के अनुयायी हैं। इसके अतिरिक्त ईसाई धर्म, सिख धर्म और जैन धर्म के अनुयायी भी अल्पसंख्या में पाए जाते हैं।
जनसंख्या के अनुसार लगभग 38,923 लोग (79.32%) हिंदू, 10,089 लोग (20.56%) मुस्लिम, 26 लोग (0.05%) ईसाई, 4 लोग (0.01%) सिख, और 3 लोग (0.01%) जैन धर्म के अनुयायी थे, जबकि कुछ लोगों ने अन्य धर्म बताया या अपना धर्म स्पष्ट नहीं किया।
नवगछिया में सभी धर्मों के लोग आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं और अपने-अपने त्योहार मनाते हैं।
अर्थव्यवस्था
[संपादित करें]नवगछिया की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और स्थानीय व्यापार पर आधारित है। यहाँ की उपजाऊ भूमि के कारण धान, गेहूँ, मक्का और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती की जाती है।
यह क्षेत्र विशेष रूप से केले की खेती के लिए भी जाना जाता है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी कृषि उपज को बेचने के लिए नवगछिया के बाजारों पर निर्भर रहते हैं।
परिवहन
[संपादित करें]नवगछिया सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ स्थित नवगछिया रेलवे स्टेशन बरौनी–कटिहार रेल मार्ग पर स्थित है और कई महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु नवगछिया क्षेत्र को भागलपुर शहर से जोड़ता है और इस क्षेत्र के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिक्षा
[संपादित करें]नवगछिया में कई सरकारी और निजी विद्यालय तथा महाविद्यालय स्थित हैं, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं। यहाँ स्थित बनारसी लाल सर्राफ कॉमर्स कॉलेज क्षेत्र का एक प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है, जो भागलपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
संस्कृति और त्योहार
[संपादित करें]नवगछिया में बिहार की पारंपरिक संस्कृति का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यहाँ के लोग छठ पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और होली जैसे प्रमुख त्योहारों को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं।नवगछिया क्षेत्र को स्थानीय लोक परंपराओं और मान्यताओं में मनसा देवी का जन्मस्थान भी माना जाता है। मनसा देवी हिंदू धर्म में सर्पों की देवी के रूप में पूजी जाती हैं और विशेष रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल तथा असम के क्षेत्रों में उनकी पूजा की परंपरा प्रचलित है।अंग क्षेत्र की लोककथाओं के अनुसार मनसा देवी का संबंध बिहुला और बाला लखिंदर की प्रसिद्ध कथा से भी जुड़ा हुआ है। इस कथा में सर्पदंश और मनसा देवी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
इसके अतिरिक्त मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा जैसे त्योहार मनाते हैं, जिससे इस क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सद्भाव देखने को मिलता है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect Archived 2017-01-18 at the वेबैक मशीन," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
- ↑ "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810