धातु हाइड्रोजन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
बृहस्पति जैसे कुछ गैस दानव ग्रहों के केन्द्रों में धातु हाइड्रोजन है

धातु हाइड्रोजन (metallic hydrogen) हाइड्रोजन की ऐसी अवस्था को कहते हैं जब वह भयंकर दबाव में कुचली जाकर अवस्था परिवर्तन (phase transition) करके विकृत हो जाए।[1] भौतिकशास्त्रियों का मानना है कि ठोस (सॉलिड) धातु हाइड्रोजन में हाइड्रोजन के नाभिक (न्यूक्लियस) एक क्रिस्टल ढाँचे में सुसज्जित हो जाते हैं जिसमें एक नाभिक से दूसरी की दूरी बोर त्रिज्या (साधारण कमतरीन ऊर्जा वाले हाइड्रोजन परमाणु में उसके नाभिक और इकलौते इलेक्ट्रॉन) से भी कम हो जाती है। हाइड्रोजन परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन अलग होकर इस ढाँचे के रिक्त स्थानों में आज़ादी से घूम सकते हैं, बिलकुल जैसा किसी धातु में देखा जाता है। और धातु ही की तरह धातु हाइड्रोजन विद्युत् की अच्छी वाहक (कंडकटर) भी होती है। द्रव (लिक्विड) धातु हाइड्रोजन में ऐसा क्रिस्टल ढांचा नहीं होता लेकिन प्रोटॉनों और ऍलॅक्ट्रॉनों का एक विद्युत्-वाहक धातु-द्रव होता है।

प्रयोगशाला में[संपादित करें]

भौतिकीवैज्ञानिकों की कोशिश रही है कि किसी तरह प्रयोगशाला में धातु हाइड्रोजन बनाकर उसका अध्ययन किया जा सके लेकिन वह उसे बनाने के लिए आवश्यक भयंकर दबाव की स्थिति उत्पन्न करने में विफल रहे हैं। मार्च १९९६ में अमेरिका की लॉरेन्स लिवरमोर राष्ट्रीय प्रयोगशाला के कुछ वैज्ञानिकों ने घोषणा की के उन्होंने कई हज़ार कैल्विन के तापमान पर संयोगवश एक माइक्रोसैकिंड के लिए कुछ मात्रा में धातु हाइड्रोजन बना ली थी। उन्होंने एक नन्ही सी डिब्बी में बहुत ऊंचे दबाव पर बंद द्रव हाइड्रोजन में एक विशेष बंदूक बहुत ही तेज़ रफ़्तार से गोली दे मारी। इस चोट से उस डिब्बी में भयंकर दबाव पैदा हुआ और मापने वाले यंत्रों ने दिखाया कि अन्दर की हाइड्रोजन एक क्षण के लिए एक अच्छी विद्युत-वाहक बन गई।[2]

ग्रहों-तारों में[संपादित करें]

खगोलशास्त्रियों का मानना है कि हमारे सौर मंडल के भीमकाय बृहस्पति और शनि ग्रहों, और कुछ ग़ैर-सौरीय गैस दानव ग्रहों के अन्दर हाइड्रोजन भयंकर दबाव से धातु हाइड्रोजन के रूप में मौजूद है। बृहस्पति का चुम्बकीय गोला (मग्नेटिक फ़ील्ड) हमे सौर मंडल के किसी भी अन्य ग्रह से अधिक शक्तिशाली है और वैज्ञानिक कहते हैं कि इसकी वजह बृहस्पति के अन्दर की धातु हाइड्रोजन है।[3][4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Strongly coupled coulomb systems, Gabor Kalman, J. Martin Rommel, Krastan Blagoev, Kastan Blagoev, Springer, 1998, ISBN 978-0-306-46031-9, ... at metallization metallic fluid hydrogen is degenerate, highly condensed matter ...
  2. Hydrogen and fuel cells: a comprehensive guide, Rebecca L. Busby, PennWell Books, 2005, ISBN 978-1-59370-043-0, ... A few years later, scientists at Lawrence Livermore National Laboratory created liquid metallic hydrogen for less than a microsecond, using high temperatures and pressures. But solid metallic hydrogen still remains more of a laboratory curiosity than a practical reality ...
  3. Encyclopedia of the solar system, Paul Robert Weissman, Torrence V. Johnson, Academic Press, 2007, ISBN 978-0-12-088589-3, ... Hydrogen and helium compose about 90% of Jupiter's mass. Most of the hydrogen exists in the form of metallic hydrogen. Jupiter is the largest reservoir of this materialin the solar system. Convection in the metallic hydrogen interior is likely responsible for the generation of Jupiter's magnetic field ...
  4. The new solar system, J. Kelly Beatty, Carolyn Collins Petersen, Cambridge University Press, 1999, ISBN 978-0-521-64587-4, ... Saturn is less massive than Jupiter, so its internal pressures are not as great. Even so, Saturn should also possess liquid metallic hydrogen in its deep interior ...