क्रिस्टल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
क्रिस्टलीय, बहुक्रिस्टलीय तथा अक्रिस्टलीय पदार्थों की सूक्ष्म संरचना
स्फटिक, इस बहुमणिभीय खनिज की पर्तें स्पष्ट पारदर्शी होतीं हैं
बिस्मथ का क्रिस्टल
इन्सुलिन का क्रिस्टल
गैलियम, जिसकी वृहत एकपर्त होती हैं

रसायन शास्त्र, खनिज शास्त्र एवं पदार्थ विज्ञान में क्रिस्टल उन ठोसों को कहते हैं जिनके अणु, परमाणु या आयन, एक व्यवस्थित क्रम में लगे होते हैं तथा यही क्रम सभी तरफ दोहराया जाता है। प्रतिदिन के प्रयोग के अधिकतर पदार्थ बहुक्रिस्टलीय (पॉलीक्रिटलाइन) होते हैं।

क्रिस्टलों तथा क्रिस्टल निर्माण के वैज्ञानिक अध्ययन को क्रिस्टलकी (crystallography) कहते हैं। क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया को क्रिस्टलन या क्रिस्टलीकरण (crystallization या solidification) कहते हैं।[1]

इन्हें भी देखें[स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[स्रोत सम्पादित करें]

  1. "Microcrystaline and Nanocrystalline Semiconductors - 2000," Volume 638, Materials Research Society symposia proceedings; J. M. Buriak, L. T. Canham, P. M. Fauchet, B. E. White, Jr, N. Koshida; Materials Research Society, 2001