धर्मराय स्वामी मंदिर
| धर्मराय स्वामी मंदिर | |
|---|---|
| धर्म | |
| संबंधन | हिन्दू धर्म |
| ज़िला | बेंगलुरु नगर ज़िला |
| देवता | द्रौपदी, पांडव, कृष्ण |
| त्यौहार | करगा |
| अवस्थिति | |
| राज्य | कर्नाटक |
| देश | |
| निर्देशांक | 12°57′55″N 77°35′00″E / 12.9654°N 77.5834°E |
| वास्तुकला | |
| प्रकार | हिन्दू वास्तुकला |
धर्मराय स्वामी मंदिर भारत के कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु शहर के सबसे पुराने एंव प्रसिद्ध मंदिरों मे से एक है।[1]
इतिहास
[संपादित करें]धर्मराय स्वामी मंदिर का निर्माण लगभग 800 वर्ष पहले तिगल लोगों द्वारा कराया गया था। तिगल इस क्षेत्र के सबसे पुराने सामाजिक समूहों में से एक हैं। ये एक कृषि समुदाय हैं जो सब्ज़ियाँ एवं फल-फूल उगाते हैं।[2]
वास्तुकला
[संपादित करें]यह मंदिर पश्चिमी गंग वंश, पल्लव वंश एवं विजयनगर साम्राज्य की इमारतों की स्थापत्य विशेषताओं को प्रदर्शित करता है। यह मंदिर अनुमानतः 800 वर्षों से अधिक पुराना है। माना जाता है कि यह केम्पेगौड़ा प्रथम द्वारा निर्मित बेंगलुरु क़िले से भी पुराना है।[3] मंदिर द्रविड़ स्थापत्य शैली में बनाया गया है, जिसमें एक गोपुरम और एक अलंकृत स्मारक प्रवेश द्वार है। यहाँ पूजा की जाने वाली देवताओं में धर्मराय, कृष्ण, अर्जुन, द्रौपदी, नकुल, सहदेव और भीम शामिल हैं। यहाँ प्रसिद्ध करगा त्योहार मार्च और अप्रैल के महीनों के दौरान मनाया जाता है।[2]
गैलरी
[संपादित करें]- मनोरंजन के समय मंदिर।
- पांडवों के साथ कृष्ण।
- मंदिर की वास्तुकला।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Sri Dharmaraya Swamy Temple, Bengaluru – A Temple For Pandavas". Karnataka.com (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). 2020-04-13. अभिगमन तिथि: 2021-11-21.
- 1 2 शेखर, दिव्या (16 जून 2016). "This 800-year-old temple in Bengaluru was built for Draupadi but named after Yudhishtira". द इकोनामिक्स टाईम्स (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 9 जनवरी 2021.
- ↑ Shekhar, Divya (16 June 2016). "This 800-year-old temple in Bengaluru was built for Draupadi but named after Yudhishtira". The Economic Times. अभिगमन तिथि: 29 January 2020.