देवनारायण

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देवनारायण
Shri Devnarayan BhagwanVeerGurjar.JPG
संबंध देव
अस्त्र तलवार, भाला
जीवनसाथी पीपल दे
माता-पिता
  • सवाई भोज (father)
  • साडू (mother)
Region राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
त्यौहार देवनारायण जयन्ती, मकर संक्रांति, देव एकादशी

देवनारायण राजस्थान के एक लोक देवता और एक योद्धा थे।[1] वे भगवान विष्णु के अवतार हैं। इनकी पूजा मुख्यत: राजस्थान, हरियाणा तथा मध्यप्रदेश में होती है। इनका भव्य मंदिर आसीन्द में है।

अवतार[संपादित करें]

देवनारायण का अवतार सम्वत ९६८ में साडू माता खटाणी तथा गुर्जर सवाई भोज चौहान बगड़ावत के घर में हुआ था। देवनारायण के पुर्वज २४ भाई थे। २४ बगडावत चौहान गोत्र के गुर्जर थे। इनके दादा बाघा चौहान गुर्जर थे उन्होंने 24 अलग-अलग जातियों की औरतों से शादी की। इस जाति बिगाड़ के कारण उनके वंशज बगड़ावत कहलाए। बागा चौहान गुर्जर की सबसे बड़ी रानी एक गुर्जर जाति की थी। जिससे सवाई भोज का जन्म हुआ और इन्हीं सवाई भोज के देवनारायण का जन्म हुआ।

बगडावत भारत[संपादित करें]

राणी जयमती (जैमति) को लेकर राण के राजा दुर्जनसाल से बगड़ावतों की जंग हुई। युद्ध से पूर्व बगडावतों तथा दुर्जनसाल की मित्रता थी तथा वे धर्म के भाई थे। ये युद्ध खारी नदी के किनारे हुआ था। बगड़ावतों ने अपना वचन रखते हुए राणी जैमति को सिर दान में दिये थे। बगड़ावतों के वीरगति प्राप्त होने के बाद देवनारायण का अवतार हुआ तथा उन्होंने राजा दुर्जनसाल का वध किया।

देवनारायण की ३ रानियां थीं- पीपलदे (धारा के गुर्जर परमार राजा की बेटी), नागकन्या तथा दैत्यकन्या।

देवनारायण के अन्य नाम[संपादित करें]

  • ११वी कला का असवार
  • लीला घोडा का असवार
  • त्रिलोकी का नाथ
  • देवजी
  • देव महाराज
  • देव धणी
  • साडू माता का लाल
  • उधा जी

सन्दर्भ[संपादित करें]