दिक्चालन

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भूगोल, जलविज्ञान और दिक्चालन की सारणी, सन 1728 से साय्क्लोपीडिया.

दिक्चालन किसी वाहन की एक स्थान से दूसरे स्थान पर गति की योजना, अध्ययन एवं उस पर नियंत्रण को कहते हैं।[1] इसका अंग्रेजी शब्द navigate अपने लैटिन मूल navis अर्थात नौका से निकला है। इसी प्रकार इसका हिंदी में मूल शब्द है नौवहन या नौसंचालन जिसका अर्थ भी वही है। सभी दिक्चालन तकनीकों में दिक्चालक की स्थिति को किन्हीं पूर्व ज्ञात सन्दर्भों की अपेक्षा से निकाली जाती है।

मूल सिद्धांत[संपादित करें]

World map longlat.svg
पृथ्वी का नक्शा
रेखांश (λ)
रेखांश की रेखाएं इस प्रक्षेप में वक्रीय प्रतीत होती हैं, परंतु ध्रुववृत्तों की आधी होती हैं।
अक्षांश (φ)
अक्षांश की रेखाएं इस प्रक्षेप में क्षैतिज एवं सीधी प्रतीत होती हैं, परंतु वे भिन्न अर्धव्यासों सहित वृत्तीय होती हैं। एक अक्षांश पर दी गईं सभी स्थान एकसाथ जुड़कर अक्षांश का वृत्त बनाते हैं।
भूमध्य रेखा पृथ्वी को उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध में बांटती है, और इसका अक्षांश शून्य अंश यानि 0° होता है। World map with equator.svg
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अक्षांश रेखा[संपादित करें]

रेखांश रेखा[संपादित करें]

आधुनिक तकनीक[संपादित करें]

देखें[संपादित करें]

टिप्पणी[संपादित करें]

  1. Bowditch, 2003:799.

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कडि़यां[संपादित करें]