दक्षिण गोवा जिला

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दक्षिण गोवा और इसके तालुकाओं (तहसीलों) को पीले वर्णों से दर्शाया गया है

दक्षिण गोवा जिला, भारतीय राज्य गोवा के दो जिलों में से एक है। जिले का क्षेत्रफल 1966 वर्ग किमी और 2001 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 586591 है। इस जिले के उत्तर में उत्तर गोवा जिला, दक्षिण और पूर्व में कर्नाटक राज्य का उत्तर कन्नड़ जिला और पश्चिम में अरब सागर स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

पुर्तगालियों ने 1510 में गोवा में एक उपनिवेश स्थापित किया था और 17 वीं और 18 वीं शताब्दियों के दौरान उन्होने इसका विस्तार कर, इसे इसकी वर्तमान सीमाओं तक पहुँचा दिया। भारत ने 19 दिसम्बर 1961 को गोवा को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया और गोवा तथा दो अन्य पूर्व पुर्तगाली अंत:क्षेत्रों को मिलाकर केन्द्र शासित प्रदेश गोवा का गठन किया। 1965 में दमन और दीव और गोवा को एक जिला बना दिया गया। 30 मई 1987 को गोवा को राज्य का दर्जा प्राप्त हो गया और इसका विभाजन दो जिलों उत्तर गोवा जिला और दक्षिण गोवा जिला में किया गया जबकि दमन और दीव को एक अलग केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया गया।

प्रशासन और भाषा[संपादित करें]

जिले का प्रशासनिक मुख्यालय मडगांव है। जिला कोंकण प्रदेश का एक हिस्सा भी है। जिले का विभाजन छ: तालुकों क्रमश: मुरगांव, साल्सेट (मडगांव), क्यूपेम, कानकोना (चाउड़ी), संगेम और धारबन्दोरा में किया जाता है।

दक्षिण गोवा के अधिकांश लोगों की मातृभाषा कोंकणी है, जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक से सटे इलाकों में क्रमश मराठी और कन्नड़ भाषा बोली जाती है। गोवा राज्य की अधिकांश शिक्षित जनता अंग्रेजी भाषा और लगभग समस्त जनता हिन्दी भाषा का ज्ञान रखती है। जनसंख्या का एक छोटा भाग पुर्तगाली भाषा का ज्ञान रखता है, पर यह संख्या निरंतर कम हो रही है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]