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तूमैन

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तूमैन
Tumen
तुमैन मानचित्र
तुमैन मानचित्र
तूमैन is located in मध्य प्रदेश
तूमैन
तूमैन
मध्य प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 24°29′17″N 77°42′43″E / 24.488°N 77.712°E / 24.488; 77.712
देश भारत
राज्यमध्य प्रदेश
ज़िलाअशोक नगर ज़िला
जनसंख्या (2011)
  कुल3,129
भाषा
  प्रचलितहिन्दी, बुंदेली
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)

तूमैन (Tumen) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के अशोक नगर ज़िले का एक ऐतिहासिक गाँव है। यह ज़िले के दक्षिणी भाग में स्थित है।[1][2]

मां विंध्यवासिनी पुजारी श्री लखनविहारी मिश्रा

यह गाँव प्राचीन इतिहास को समेटे हुए है। इस गाँव मे कई प्राचीन स्थल है। यह प्राचीन समय में राजा मोरध्वज की नगरी हुआ करती थी। इन्हीं के पुत्र ताम्रध्वज के समय पर इस नगरी का नाम 'ताम्रपर्णी' पड़ा । ताम्रध्वज के पुत्र तुम्बध्वज के समय इस नगरी का नाम 'तुम्वन' पड़ा । वर्तमान में इसे 'तूमैन' नाम से जाना जाता है। यहां खुदाई में कई प्राचीन सम्पदा के अवशेष प्राप्त होते रहते हैं। तूमैन में गुप्त संवत् 116 (= 435 ईस्वी) का लेख मिला है जो कुमारगुप्त के समय का है। इसमें कुमारगुप्त को शरदकालीन सूर्य की भाँति बताया गया है।

कविता के माध्यम से इतिहास-

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तुम्वन नगरी आय के, कर लीजे दो काम। प्रथम ञिवेणी स्नान कर, दूजे विंन्ध्यवासिनी धाम।। यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना। इसका नाम जगत में ऊॅचा, करके हमे दिखाना।। यहॉ मोरध्वज का राज्य हुआ, विक्रम की वाणी पड़ी सुनाई, ताम्रध्वज के शासन ने यहा नई झलक दिखलाई। मोरध्वज ने अपने जीवन में सत्य धर्म अपनाया।। विक्रम ने भी यहॉ से जा उज्जेन में राज्य बनाया। उन विक्रम के नव-रत्न आज भी करता याद जमाना।। यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना। चौसठ खम्ब विंध्यवासिनी का है मंदिर अति भारी फाटक पर बलदाऊ जी की मूरत वहुत प्यारी। भूतेश्वर का घाट मनोहर,है तोरन दरवाजा।। नदी बागो की शोभा न्यारी,जहाॅ मन्जह सकल समाजा।। ताम्रध्वज का किला मनोहर, जहॉ शिव सहस्त्र अस्थाना। यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना। जब तुम्बन के आस - पास कही पक्के भवन नही थे। बडे़ प्रेम से हम दृढ भवनो में रहते थे।। बने हुये थे चोका चारो, होज भवन अति सुन्दर, रहता था भण्डार कला का हरदम, इसके अंदर। बुद्धि कला कौशल का इसमें भरा हुआ था खजाना। । यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना। विप्र वंश के वेद मंत्र यहॉ गूंजे सबके कानो में। शिव लिंगों के ढे़र रहे त्रिवेणी के मैदानों में घाट वाट चौपाल बने खंधक है भारी। इन्द्र भवन सौ सजी सभी चौपाले सारी।। गन्धर्व सेन को तन भस्म भयो तब नगरी धूल समाना। । यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना। है लाखा बंजारे की बाखर की ताजी गाथा। बैठा देव ने किया नगरी का अब भी ऊचॉ माथा।। सुना रहे है अब रो-रोकर यह सांची सांची गाथा। सब नगरिन से यह नगरी का है, आज भी ऊचॉ माथा।। है देवी दरवार महा तुम दर्शन,,करने आना। यह तुम्बन नगरी मिश्र, इसका इतिहास पुराना।।

इन्हें भी देखें

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[3]== सन्दर्भ ==

  1. "Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh Archived 2019-07-03 at the वेबैक मशीन," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172
  2. "Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293
  3. https://www.facebook.com/share/19iqM8AUn5/. {{cite web}}: Missing or empty |title= (help)