डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली

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डेटाबेस प्रबन्धन तन्त्र (database management system (DBMS)) एक सॉफ्टवेयर है जो डेटा के प्रबन्धन एवं उसके दक्षतापूर्वक उपयोग के लिये निर्मित किया जाता है। इसका मुख्या उपयोग डाटा विश्लेषण, रचना, क्वेरी, अद्यतन, डेटाबेस के प्रशासन की अनुमति और डाटा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। डेटाबेस में डाटा को इस प्रकार रखा जाता है की उस तक कभी पहुंचा जा सकता है और उसे कभी भी किसी भी अनुप्रयोग के द्वारा खोला भी जा सकता है। एक डेटाबेस विभिन्न डीबीएमएस भर में आम तौर पर पोर्टेबल नहीं होता है, लेकिन विभिन्न डेटाबेस प्रबन्धन तन्त्र में एक से अधिक डेटाबेस के साथ काम करने के लिए एसक्यूएल और ODBC या JDBC जैसे मानकों का उपयोग कर सकते हैं।

प्रकार[संपादित करें]

डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली (DBMS) को मुख्या रूप से चार प्रकार में बाँटा गया है।

  1. Network Database
  2. Relational Database
  3. Object-oriented Database
  4. Hierarchical Database


प्रमुख विशेषताएँ[संपादित करें]

  • DBMS डाटा को संग्रहीत करने की सबसे सुरक्षित प्रणाली है। इसमें डेटाबेस की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासक की होती है। प्रशासक ही यह नियंत्रित करता है की डेटाबेस में किस यूजर को कितना क्षेत्र प्रदान करना है।
  • डिवाइस में वायरस आ जाने की स्थिति में या किसी कारणवश डिवाइस के फैल हो जाने की स्थिति में डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली के जरिये डाटा की रिकवरी कर उसे पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
  • DBMS डाटा स्थिरता प्रदान करती है। यह प्रणाली डेटाबेस में एक ही डाटा की बार-बार कॉपी बनाने से रोकती है।

डेटाबेस प्रबन्धन तंत्रों की सूची[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]