जेम्स पॅटिन्सन

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प्रारंभिक जीवन और कैरियर[संपादित करें]

जेम्स ली पैटिनसन विक्टोरिया और ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाला एक ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर है। वह ३ मई १९९० को पैदा हुआ था और पैटिनसन के बड़े भाई एक टेस्ट मैच में इंग्लैंड के लिए खेलता था। पैटिनसन ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट के तेज गेंदबाजी बिरादरी का एक सदस्य है। कच्चे गति और नियंत्रित स्विंग के साथ, पैटिनसन विक्टोरियन प्रीमियर क्रिकेट में खासकर टेस्ट के मैदान में, ऑस्ट्रेलियन समूह का एक महत्वपूर्ण सदस्य बन गया है। वे अपने शुरुआती दिनों के दौरान दन्देनोग क्रिकेट क्लब के लिए खेलते थे और इसके अलावा २००८ में वे ऑस्ट्रेलिया के लिए अंडर -१९ मलेशिया में विश्व कप के लिये खेले। २३ दिसम्बर २००९ को, जेम्स ने विक्टोरियन क्रिकेट के लिए रिकॉर्ड तोड़ दिया पर उनके प्रयासों के बावजूद,विकटोरिया, एन एस डब्ल्यू के खिलाफ हार गया। कुशल तेज गेंदबाज जेम्स पैटिनसन ने पान्च विकेट टेस्ट मैच में लेकर अपनी कुशलता प्रदर्शित की। व्ह्न अगले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे श्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हो जाएगा। राष्ट्रीय चयनकर्ताओंने जेम्स के प्रतिभा को देख क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में शामील किया ओर २०११ में श्रीलंका के टेस्ट मैच के दौरान उठाया

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कैरियर[संपादित करें]

पैटिनसन अप्रैल २०११ में बांग्लादेश के खिलाफ खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियन टीम में चुना गया था। उन्होंने तीसरे और अंतिम मैच में अपने वनडे करियर की शुरुआत की और इमरूल कायेस का विकेट लिया। पैटिनसन श्रीलंका में 2011 के दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में शामिल हो गए, लेकिन एक टेस्ट नहीं खेल पाए। लेकिन उनन्होने शुरु मैं दिवसीय क्रिकेट मैं ही अपनी संभावित दिखाई थी। २००८ में इंग्लैंड के लिए टेस्ट खेलने वाले डेरेन पैटिनसन, के छोटे भाई, जेम्स ने उनकी मेलबोर्न घर के पिछवाड़े में उन्के बड़े भाई के खिलाफ खेल्कर अपना कौशल आगे बडाया। डैरेन का ज्न्म इंगलैंड में हुअ था लेकिन् जेम्स के पास केवल एक ऑस्ट्रेलियन् पासपोर्ट है क्युन्कि उन्का परिवर जेम्स के ज्न्म के बाद विक्टोरिया में माइग्रेट हो गये।

टेस्ट कैरियर[संपादित करें]

पैटिनसन ने १ दिसम्बर २०११ को ब्रिस्बेन में पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पहली टेस्ट की दूसरी पारी में २७ रन पर पांच विकेट लिए और एक- नौ विकेट से ऑस्ट्रेलिया की जीत में मदद की, फिर दूसरे टेस्ट की पहली पारी में पांच विकेट लिए और मैन ऑफ द सीरीज कहलाए गये। पैटिनसन ने बॉक्सिंग डे मैच में भारत के खिलाफ जबरदस्त कुशलता प्रदर्शित की। सिडनी में दूसरे टेस्ट मैच में उन्होंने चार विकेट लिये। वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक बनकर् दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ६/१०८ और ५५ रनस और् उनके अगली टेस्ट में भारत के खिलाफ २०११ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में प्रभावशाली तरिके से खेलकर पुरुस्कार जीते। वे ऑस्ट्रेलिया के टी २० विश्व कप के लिये शामिल नहीं हो पाये। ऑस्ट्रेलिया ने जब २०१३ में भारत का दौरा किया तब शायद किसी का ध्यान नहीं था पर पैटिनसन ने ५/९६ का दावा किया था। मार्च २०१३ में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले, पैटिनसन को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ऑस्ट्रेलिया ने शेन वाटसन, मिशेल व पैटिनसन को हटा दिया था। माइकल क्लार्क, कप्तान, ने कहा कि यह अतिवादी कदम वाटसन के दोहराए गये उल्लंघन के कारण लिया गया जिस करन वह सेवानिवृत्ति पर विचार कर रहा था। पूर्व खिलाड़ियों ने टीम य्ह कठोर निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। यह निर्णय का वजह ऑस्ट्रेलिया के पिछले दो टेस्ट मैचों के हार का परिणाम था।

आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय खेल[संपादित करें]

वह तेज गेंदबाजी कर विकेट चटका रहा था, यह देखना शानदार था। इंडियन प्रीमियर लीग में उसे कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था, लेकिन क्योंकि कोलकाता पहले से ही एक सितारा जड़ित टीम थी और केवल चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलवाने के नियम ने उसके मौको को चोट पहुनचाई। वह ऑस्ट्रेलियाई टीम का खोज था। वह इंग्लैंड में २०१३ एशेज के दौरान घायल हो गया था। उसे २०१३ में कप्तान ने २०१४ जनवरी से एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए छोड़ दिया था क्युन्कि वह इंग्लैंड में वनडे मैच का विजेता टीम बनना चाहता था। उसे इस फरवरी दक्षिण अफ्रीकी श्रृंखला के लिए चयन किया। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे अच्छे तेज गेंदबाजी प्रतिभाओं में से एक है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने नए गेंदबाज जेम्स पैटिनसन की जमकर प्रशंसा की है।