खोरठा भाषा
खोरठा (जिसे खोरथा या खोट्टा भी कहा जाता है) झारखंड राज्य की एक प्रमुख भाषा है। यह मुख्य रूप से राज्य के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल और संथाल परगना के 13 जिलों में बोली जाती है। खोरठा भाषा न केवल सदानों द्वारा बोली जाती है बल्कि आदिवासी समुदायों के बीच संपर्क भाषा के रूप में भी प्रयुक्त होती है। यह झारखंड की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जो विभिन्न समुदायों को एकजुट करती है।
| खोरठा | |
|---|---|
| मगही | |
| मूल स्थान | झारखण्ड |
| क्षेत्र | उतरी छोटानागपुर प्रमण्डल, संथाल परगना |
| समुदाय | सादान |
| देवनागरी | |
| आधिकारिक | |
आधिकारिक मान्यता | भारत |
| भाषा कोड | |
| ISO 639-3 | – |
भारत में खोरठा भाषा क्षेत्र | |
खोरठा भाषा झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर और संथाल परगना प्रमंडलों में मुख्य मातृभाषा है। इसके अलावा, यह झारखंड के 24 जिलों में से 15 जिलों में पूरी या आंशिक रूप से संपर्क भाषा के रूप में भी बोली जाती है
या
खोरठा भाषा झारखंड के दो प्रमंडलों (उत्तरी छोटानागपुर और संथाल परगना) के अधिकांश की मातृभाषा होने के साथ-साथ झारखंड के चौबीस जिलों मे से पंद्रह जिलों की पूणतः और अंशतः संपर्क भाषा है।