केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन

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केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन
सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ऑर्गैनाइज़ेशन
सी.एस.ओ
संस्था अवलोकन
मातृ संस्था सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार
वेबसाइट
www.mospi.gov.in/cso_test1.htm

केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन (अंग्रेज़ी:सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ऑर्गैनाइज़ेशन) भारत में सांख्यिकीय गतिविधियों के समन्वय एवं सांख्यिकीय मानकों के विकास एवं अनुरक्षण हेतु उत्तरदायी संगठन है। इसके संग एक सुव्यवस्थित ग्राफ़िकल इकाई भी सहायक है। इस संगठन का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह संगठन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत्त कार्य करता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

स्‍वतंत्रता के बाद आर्थिक योजना तथा सांख्‍यिकीय विकास के क्षेत्र में प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस द्वारा किए गए उल्‍लेखनीय योगदान को ध्‍यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रतिवर्ष उनके जन्‍मदिवस 29 जून को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर विशेष दिवस की श्रेणी के अंतर्गत सांख्‍यिकी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है । इस आशय की अधिसूचना दिनांक 5 जून, 2007 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित की गई थी । यह दिवस राष्‍ट्रीय विकास में सरकारी सांख्‍यिकी के महत्‍व को उजागर करने के लिए संगोष्‍ठियों, चर्चाओं तथा प्रतियोगिताओं को आयोजित करके मनाया जाता है । राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) की पृष्ठभूमि डा.सी. रंगराजन की अध्यक्षता में जनवरी,2000 में सरकार द्वारा गठित आयोग द्वारा देश में सांख्यिकीय प्रणाली तथा सरकारी सांख्यिकी के समस्त कार्यक्षेत्र की समीक्षा की गई । रंगराजन आयोग ने अगस्त,2001 में सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की । इस आयोग की प्रमुख सिफारिशों में से एक सिफारिश देश के सभी कोर सांख्यिकीय कार्यकलापों हेतु एक नोडल तथा शक्ति प्रदत्त निकाय के रूप में सांख्यिकीय संबंधी एक स्थायी राष्ट्रीय आयोग स्थापित करने के बारे में थी ताकि सांख्यिकीय प्राथमिकताओं तथा मानकों का विकास, प्रबोधन एवं प्रवर्तन किया जा सके और सांख्यिकी से जुड़े विभिन्न अभिकरणों के बीच सांख्यिकीय समन्वय सुनिश्चित हो सके । रंगराजन आयोग ने यह भी सिफारिश की थी कि शुरुआती तौर पर आयोग का गठन सरकारी आदेश के माध्यम से किया जाए ।


रंगराजन आयोग के सिफारिशों के अनुसरण में, 1 जून,2005 को, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग स्थापित करने का निर्णय लिया । आयोग में एक अंशकालिक अध्यक्ष, चार अंश कालिक सदस्य तथा एक पदेन सदस्य हैं । भारत के मुख्य सांख्यिकीविद् का पद विशेष रूप से राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अध्यक्ष के तौर पर सृजित किया गया है । राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के लिए विशेष रूप से सृजित भारत के मुख्य सांख्यिकीविद् का पद आयोग के सचिव हैं । वे भारत सरकार में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव भी हैं ।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) राष्ट्रीय सांख्यिकीय संगठन (एनएसओ) के दो स्कंधों में से एक है जो देश में सांख्यिकीय कार्यकलापों का समन्वय करता है तथा सांख्यिकीय मानकों का विकास और उसका अनुरक्षण करता है । इसके कार्यकलापों में राष्ट्रीय लेखा के संकलन, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का संकलन, उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण और आर्थिक गणना का आयोजन तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन भी शामिल है । यह विभिन्न सामाजिक सांख्यिकी, प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय समन्वय, औद्योगिक वर्गीकरण इत्यादि का काम भी देखता है ।

केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय का प्रमुख महानिदेशक होता है जिसकी सहायतार्थ 5 अपर महानिदेशक होते हैं जो राष्ट्रीय लेखा प्रभाग, सामाजिक सांख्यिकी प्रभाग, अर्थ-सांख्यिकी प्रभाग, प्रशिक्षण प्रभाग और समन्वय एवं प्रकाशन प्रभाग का कार्य देखते हैं ।

केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, सरदार पटेल भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है । सीएसओ का औद्योगिक सांख्यिकी स्कंध कोलकाता में स्थित है । संगणक केंद्र भी सीएसओ के अंतर्गत आता है जो आर.के. पुरम, नई दिल्ली में स्थित है ।


संबंधित तथ्य

29 मई, 2015 को केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन द्वारा वार्षिक राष्ट्रीय आय, 2014-15 के अनंतिम अनुमान जारी किए गए। वार्षिक राष्ट्रीय आय, 2014-15 के अनंतिम अनुमान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर जीडीपी वृद्धि दर 7.3% रहेगी। वर्ष 2014-15 में वास्तविक जीवीए स्थिर मूल्यों (2011-12) पर 98.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि स्थिर मूल्यों (2011-12) पर सकल राष्ट्रीय आय वर्ष 2013-14 के 6.8% की तुलना में वर्ष 2014-15 में 7.3% की दर से बढ़ने का अनुमान है। स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2014-15 में सकल राष्ट्रीय आय 105.13 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। प्रतिव्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 के 69959 रु. की तुलना में वर्ष 2014-15 में 74104 रुपये रहने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि चालू मूल्यों पर जीडीपी वर्ष 2013-14 के 113.45 लाख करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2014-15 में 125.41 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। चालू मूल्यों पर सकल राष्ट्रीय आय वर्ष 2013-14 के 112.05 लाख करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2014-15 में 123.84 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि चालू मूल्यों पर वित्तीय वर्ष 2014-15 में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 10.5% रहेगी। ध्यातव्य है कि वर्ष 2014-15 में चालू मूल्यों पर सकल राष्ट्रीय आय में गत वर्ष की तुलना में 10.5% की वृद्धि की संभावना है। प्रतिव्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय चालू मूल्यों पर वर्ष 2013-14 के 80388 रुपये की तुलना में वर्ष 2014-15 में 87748 रुपये होने का अनुमान है। चालू मूल्यों पर प्रतिव्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय में वर्ष 2014-15 में गत वर्ष की तुलना में 9.2% की वृद्धि की संभावना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014-15 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और बिजली की वृद्धि दर क्रमशः 6.1%, 2.4% और 5.7% रही है। वर्ष 2014-15 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 6.4% की वृद्धि दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014-15 में कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 0.2 % वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2014-15 में कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन में चालू मूल्यों पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 4.4% की वृद्धि का अनुमान है। खनन और उत्खनन में वर्ष 2014-15 में स्थिर मूल्यों पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 2.4% की वृद्धि का अनुमान है। चालू मूल्यों पर खनन और उत्खनन में वर्ष 2014-15 में वर्ष 2013-14 की तुलना में 7.6 % की ऋणात्मक वृद्धि की संभावना है। वर्ष 2014-15 में विनिर्माण में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 7.1% की वृद्धि और चालू मूल्यों पर 9.7% की वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2014-15 में बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 7.9% की और चालू मूल्यों पर 14.1% की वृद्धि की संभावना है। वर्ष 2014-15 में निर्माण क्षेत्र में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 4.8% की और चालू मूल्यों पर 6.9% की वृद्धि का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण सेवा के क्षेत्र में वर्ष 2014-15 में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 10.7% की और चालू मूल्यों पर 13.3% वृद्धि का अनुमान है। वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाओं के क्षेत्र में वर्ष 2014-15 में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 11.5% की और चालू मूल्यों पर 14.3% की वृद्धि की संभावना है। लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं ने वर्ष 2014-15 में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2013-14 की तुलना में 7.2% की और चालू मूल्यों पर 13.7% की वृद्धि का अनुमान है।