कान्तो क्षेत्र

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कान्तो क्षेत्र
関東地方
क्षेत्र
जापान के मानचित्र में कान्तो क्षेत्र का स्थान
शेष जापान की तुलना में कान्तो क्षेत्र
जापान के कान्तो क्षेत्र के भीतर स्थित क्षेत्रों को दिखाने के लिए मानचित्र
कान्तो क्षेत्र का विस्तारित मानचित्र
क्षेत्रफल
 • कुल32423.90 किमी2 (12,518.94 वर्गमील)
जनसंख्या (1 अप्रैल, 2012)
 • कुल4,25,98,300
 • घनत्व1,300 किमी2 (3,400 वर्गमील)
सकल घरेलु उत्पाद (नाममात्र; 2012)[1][2]
 • कुल$2.5 खरब
 • प्रति व्यक्ति$60,000
समय मण्डलJST (यूटीसी+9)

कान्तो क्षेत्र या कांटो क्षेत्र (関東地方; Kantō region) जापान का सबसे बड़े द्वीप होन्शू का भौगोलिक क्षेत्र हैं।[3] इस क्षेत्र में ग्रेटर टोक्यो क्षेत्र शामिल हैं, और इसमें सात प्रांत शामिल हैं: गुनमा प्रांत, टोचिगी प्रांत, इबाराकी प्रांत, सैतमा प्रांत, टोक्यो प्रांत, चिबा प्रांत, और कानागावा प्रांत। इसकी सीमाओं के भीतर, भूमि क्षेत्र का 45% से अधिक हिस्सा कान्तो मैदान हैं। शेष क्षेत्र पहाड़ियों और पर्वतों के हैं, जो क्षेत्र की सीमाएं बनाती हैं। जापान सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 1 अक्टूबर, 2010 को एक आधिकारिक जनगणना के अधार पर, यहाँ की जनसंख्या 42,607,376 थी।[4] जोकि जापान की कुल आबादी का लगभग एक तिहाई हिस्सा थी।

इतिहास[संपादित करें]

सामंत काल में कामकुरा अवधि और फिर ईची अवधि के दौरान, कान्तो आधुनिक विकास का केंद्र बन गया। ग्रेटर टोक्यो क्षेत्र और विशेषकर टोक्यो-योकोहामा महानगरीय क्षेत्र के भीतर, कान्तो न केवल जापान की सरकार की सीट हैं, बल्कि देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थानों, सबसे बड़ी आबादी और एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र का भी हिस्सा हैं। हालांकि अधिकांश कांतो मैदान आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक निर्माण के लिए उपयोग किया गया हैं, फिर भी यहाँ अभी भी खेती की जाती हैं। यहाँ चावल मुख्य फसल हैं, हालांकि टोक्यो और योकोहामा के आसपास के क्षेत्र को महानगरीय बाजार के लिए प्राकृतिक उद्यान उत्पाद पैदा करने कि लिये विकसित किया गया हैं।

शहर[संपादित करें]

कान्तो क्षेत्र जापान का सबसे उच्च विकसित, शहरीकृत और औद्योगिक हिस्सा हैं। टोक्यो और योकोहामा में प्रकाश और भारी उद्योग केन्द्रित एक एकल औद्योगिक परिसर टोक्यो खाड़ी के पास निर्मित हैं। इस क्षेत्र के अन्य प्रमुख शहरों में कावासाकी (कानागावा प्रांत में); सैतामा (सैतामा प्रांत में); और चिबा (चिबा प्रांत में) हैं। 1991 में औसत जनसंख्या घनत्व 1,192 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया था।

उप-विभाजन[संपादित करें]

उत्तर और दक्षिण[संपादित करें]

क्षेत्र को सबसे अधिक उप-विभाजित किया जाता हैं तो वो है: "उत्तरी कान्तो" (北関東 किता-कांटो) जिसमें इबारकी, टोचिगी, और गुनमा प्रांत शामिल हैं, और "दक्षिणी कान्तो" (南関東 मिनमी-कान्तो), जिसमें सैतामा (कभी-कभी उत्तर में वर्गीकृत ), चिबा, टोक्यो महानगर (कभी-कभी अकेले), और कानागावा प्रांत शामिल हैं।

पूर्व और पश्चिम[संपादित करें]

यह विभाजन अक्सर उपयोग नहीं होता हैं, लेकिन कभी-कभी इस्तेमाल भी होता हैं:

  • पूर्वी कान्तो (東関東 हाशिशी-कांटो): इबाराकी, टोचिगी और चिबा प्रांत।
  • पश्चिमी कान्तो (西 関 東 निशी-कांटो): गुनमा, सैटामा, टोक्यो, कानागावा (और कभी कभी यमानाशी) प्रांत।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 मई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 नवंबर 2017.
  2. "Archived copy". मूल से 2015-03-16 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2015-11-01.सीएस1 रखरखाव: Archived copy as title (link)
  3. Nussbaum, Louis-Frédéric. (2005). "Kantō" in Japan Encyclopedia, pp. 478-479 at Google Books
  4. "政府統計の総合窓口". E-stat.go.jp. मूल से 4 अक्तूबर 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2012-12-31.