काकेशस पर्वत शृंखला
| कॉकेशस पर्वतमाला | |
|---|---|
| उच्चतम बिंदु | |
| शिखर | एल्ब्रुस पर्वत |
| ऊँचाई | 5,642 मी॰ (18,510 फीट) [1] |
| सूचीयन | सप्तचोटी |
| निर्देशांक | 43°21′18″N 42°26′31″E / 43.35500°N 42.44194°E |
| माप और विस्तार | |
| लंबाई | 1,200 kमी॰ (750 मील) |
| चौड़ाई | 160 kमी॰ (99 मील) |
| भूगोल | |
| देश | |
| निर्देशांक परास | 42°30′N 45°00′E / 42.5°N 45°Eनिर्देशांक: 42°30′N 45°00′E / 42.5°N 45°E |
कॉकेशस पर्वतमाला यूरोप और एशिया की सीमा पर स्थित एक पर्वतमाला है। इसकी ऊंचाई 5642 मीटर है तथा काले सागर और कैस्पियन सागर के दरमियान के कॉकस क्षेत्र की एक नदी है, जिसमें यूरोप का सब से ऊंचा पहाड़, एल्ब्रुस पर्वत, भी शामिल है। कॉकस पर्वतों के दो मुख्य भाग हैं - महाकॉकस पर्वतमाला और हीनकॉकस पर्वतमाला। महाकॉकस पर्वत कृष्ण सागर के उत्तरपूर्वी छोर पर बसे रूस के सोची शहर से शुरू होकर पूर्व के ओर कैस्पियन सागर पर बसी अज़रबैजान की राजधानी बाकू तक पहुँचते हैं। हीनकॉकस इनके दक्षिण में १०० किमी की दूरी पर साथ-साथ चलते हैं। जॉर्जिया की मेसख़ेती पर्वतमाला हीनकॉकस का ही एक हिस्सा हैं।
अन्य भाषाओँ में
[संपादित करें]- रूसी में इसे कवकाज़्स्की गोरयि (Кавказские горы) कहा जाता है।
- आर्मीनियाई भाषा में इसे कॉवकस्यान लेरनेर (Կովկասյան լեռներ) कहा जाता है।
- जॉर्जियाई भाषा में इसे (კავკასიონი) कहा जाता है।
- अज़रबैजानी भाषा में इसे क़ाफ़क़ाज़ दाग़लारी (Qafqaz dağları) कहा जाता है।
भूवैज्ञानिक जानकारी
[संपादित करें]महान कॉकेशस पर्वतमाला प्लेट विवर्तनिकी से बनी, जब दक्षिण की ओर से आया अरबी प्लेट उत्तर में टिके हुए यूरेशियाई प्लेट से जा टकराया।[2] यह टकराव लाखों सालों से चल रहा है और अभी भी जारी है, जिस वजह से इस क्षेत्र में ज़ोर के भूकंप समय-समय पर होते रहते हैं। हीन कॉकेशस पर्वत श्रेणियों की कहानी इस से थोड़ी अलग है - इनमें से बहुत से पर्वत ज्वालामुखियों की वजह से बने हैं। जॉर्जिया में एक जावाख़ेती पठार नाम का पठार है जो इन ज्वालामुखियों और उनके युगों पहले उगले हुए लावा जमने से बना है।
इस पूरे इलाक़े में ज़मीन के नीचे बहुत पेट्रोल और गैस जमा है, ख़ासकर इसके कैस्पियन सागर के पास वाले क्षेत्र में।
इन्हें भी देखिये
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ साँचा:Cite opentopomap
- ↑ Armenia: The Bradt Travel Guide Archived 2016-07-02 at the वेबैक मशीन, Nicholas Holding, pp. 3, Bradt Travel Guides, 2011, ISBN 978-1-84162-345-0, ... Armenia is on the line where the Arabian plate, moving at about 2.5cm per annum, is colliding with the larger Eurasian plate and it is consequently very prone to earthquakes. About 25 million years ago the Caucasus Mountains themselves were formed as a consequence of this collision ...
