अरुण के प्राकृतिक उपग्रह

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
अरुण और उसके छह सबसे बड़े चन्द्रमा - (बाएँ से दाएँ) पक, मिरैन्डा, ऍरिअल, अम्ब्रिअल, टाइटेनिआ और ओबेरॉन

हमारे सौर मण्डल के सातवे ग्रह अरुण (युरेनस) के २७ ज्ञात प्राकृतिक उपग्रह हैं।[1] इनमें से पांच सब से बड़े चन्द्रमा अपने ही गुरुत्वाकर्षण के खिचाव से गोल हो चुके हैं जबकि बाक़ियों के अकार बेढंगे हैं, जैसा की प्राकृतिक उपग्रहों में आम देखा जाता है। इन सब चंद्रमाओं के नाम अंग्रेज़ी नाटककार विलियम शेक्सपीयर और लेखक अलेक्ज़ंडर पोप की कहानियों के पात्रों पर रखे गए हैं। सब से पहले ब्रिटिश वैज्ञानिक विलियम हरशॅल ने १७८७ में अरुण के सब से बड़े दो चंद्रमाओं - टाइटेनिआ और ओबेरॉन - की पाए जाने की घोषणा की थी। बाक़ी तीन गोलाकार चंद्रमाओं में से ऍरिअल और अम्ब्रिअल १८५१ में विलियम लैसॅल द्वारा और मिरैन्डा १९४८ में जॅरार्ड काइपर द्वारा खोजे गए थे। बाक़ी चन्द्रमा या तो वॉयेजर द्वितीय यान के अरुण के पास से गुज़रने पर या पृथ्वी पर स्थित ताक़तवर दूरबीनों से १९८५ के बाद पाए गए।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "अरुण के अनियमित उपग्रहों के लिए एक अत्यंत गहरी खोज: पूर्णता की सीमाएँ" (ऐन अल्ट्राडीप सर्वे फॉर इर्रेग्युलर सैटलाइट्स ऑफ़ युरेनस: लिमिट्स टू कम्पलीट्नॅस, अंग्रेज़ी में), ऍस ऍस शॅपर्ड, डेविड जॅविट, क्लेना जॅविट (२००५), खगोलशास्त्रिय पत्रिका (एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल) १२९, पृष्ठ ५१८-५२५, Bibcode 2005AJ....129..518S. doi:10.1086/426329