हरमन हेस

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हेरमान हेस्से
जन्म 2 जुलाई 1877
Calw, Kingdom of Württemberg, German Empire
मृत्यु 9 अगस्त 1962(1962-08-09) (उम्र 85)
Montagnola, Ticino, Switzerland
उपजीविका उपन्यासकार, लेखक, निबंधकार, कवि, चित्रकार
राष्ट्रीयता जर्मन
अवधि 1904–1953
शैलियाँ Fiction
प्रमुख कार्य The Glass Bead Game, Demian, Steppenwolf, Siddhartha

हरमन हेस या हेरमान हेस्से (२ जुलाई १८७७ – ९ अगस्त १९६२) एक जर्मन उपन्यासकार, कहानीकार और कवि थे।[1][2]नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन साहित्यकार हरमन हेस मुख्य रूप से अपने तीन उपन्यासों सिद्धार्थ, स्टेपेनवौल्फ़ और मागिस्टर लुडी के लिये जाने जाते हैं। उन्होनें कविताएँ भी लिखीं और पेंटिंग्स भी बनाईं है। उन्हें १९४६ में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया। हरमन हेस के सृजन में जो अन्तर्बोध और पूर्वी रहस्यवाद की व्यापक धारा बहती है, उसने उन्हें अपनी मृत्यु के बाद यूरोप में युवा वर्ग के बीच अत्यंत लोकप्रिय बना दिया।[3]

प्रमुख कृतियाँ[संपादित करें]

  • सिद्धार्थ
  • स्टेपेनवौल्फ़
  • मागिस्टर लुडी

मैं मर चुका हूँ सारी मौतें
और मरूँगा सारी मौतें एक बार फिर
पेड़ के भीतर लकड़ी की मौत
पहाड़ के भीतर पत्थर की मौत
मिट्टी की मौत रेत के भीतर
पत्तों के भीतर गर्मियों की चटकती घास की मौत
और खून से लथपथ बेचारे आदमी की मौत

मैं फिर जन्म लूँगा फूल बनकर
पेड़ और घास बनकर फिर जन्म लूँगा
मछली और हिरण, चिड़िया और तितली,
और हर रूप में
इच्छा ले जाएगी मुझे
उस अंतिम पीड़ा तक
मानव की पीड़ा तक

ओ कंपित तने हुए धनु
लालसा की प्रचंडता जब
जीवन के दोनों धुरों को
खींचेगी एक-दूसरे की ओर
फिर एक बार और कई कई बार
ढूँढ निकालोगे तुम मुझे मृत्यु से लेकर जन्म तक
स्रष्टि के पीड़ादायी पथ पर,
स्रष्टि के वैभवशाली पथ पर।

हरमन हेस की एक कविता का हिंदी में अनुवाद

चित्र दीर्घा[संपादित करें]


सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Lajos Kovács. "Erziehung in Hermann Hesses "Glasperlenspiel" – Diplomarbeit". GRIN. http://www.grin.com/e-book/53936/erziehung-in-hermann-hesses-glasperlenspiel. 
  2. German Wikipedia, other sources.
  3. वागर्थ (पत्रिका). कोलकाता: भारतीय भाषा परिषद प्रकाशन. सितम्बर-अक्टूबर २०००. प॰ ८२. 

विविध[संपादित करें]

  • Freedman, Ralph, Hermann Hesse: Pilgrim of Crisis: A Biography, Pantheon Books, NY 1978
  • Prinz, Alois, Und jedem Anfang wohnt ein Zauber inne. Die Lebensgeschichte des Hermann Hesse, Suhrkamp Verlag, Frankfurt am Main, 2006. ISBN 9783518457429.
  • Zeller, Bernhard: Hermann Hesse, Rowohlt Taschenbuch Verlag, Reinbek bei Hamburg, 2005. ISBN 3499506769.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]