मुलायम सिंह यादव
| मुलायम सिंह यादव | |
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| In office 5 दिसम्बर 1989 - 24 जून 1991 5 दिसम्बर 1993 - 3 जून 1995 29 अगस्त 2003 - 11 मई 2007 |
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| Constituency | गन्नौर विधानसभा क्षेत्र, बदायूँ |
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| Born | 22 नवम्बर 1939 ग्राम सैफई, इटावा, उत्तर प्रदेश |
| Political party | समाजवादी पार्टी |
| Spouse | साधना गुप्ता, स्व० मालती देवी (प्रथम पत्नी) |
| Children | अखिलेश यादव, प्रतीक यादव |
| Residence | इटावा |
| Religion | हिंदू |
| Website | समाजवादी पार्टी |
| स्रोत:[1] | |
मुलायम सिंह यादव (जन्म: २२ नवम्बर १९३९) एक भारतीय राजनेता हैं, जो उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री व केंन्द्र सरकार में एक बार रक्षा मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में यह भारत की समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष है।
अनुक्रम |
व्यक्तिगत जीवन [संपादित करें]
मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ती देवी व सुघर सिंह के किसान परिवार में हुआ था। मुलायम सिंह अपने पाँच भाई-बहनों में रतनसिंह से छोटे व अभयराम सिंह, शिवपाल सिंह यादव , रामगोपाल सिंह यादव और कमला देवी से बड़े हैं। पिता सुघर सिंह उन्हें पहलवान बनाना चाहते थे किन्तु पहलवानी में अपने राजनीतिक गुरु नत्थूसिंह को मैनपुरी में आयोजित एक कुश्ती-प्रतियोगिता में प्रभावित करने के पश्चात उन्होंने नत्थूसिंह के परम्परागत विधान सभा क्षेत्र जसवन्त नगर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया।
राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (एम०ए०) एवं जैन इन्टर कालेज करहल (मैनपुरी) से बी० टी० करने के बाद कुछ दिनों तक इन्टर कालेज में अध्यापन कार्य भी कर चुके हैं।
सन् १९६० में जैन इण्टर कालेज, करहल (मैनपुरी) में आयोजित एक कवि सम्मेलन में उस समय के विख्यात कवि दामोदर स्वरूप 'विद्रोही' ने अपनी चर्चित रचना दिल्ली की गद्दी सावधान! सुनायी तो पुलिस का एक दरोगा मंच पर चढ़ आया और विद्रोही जी से माइक छीन कर बोला-"बन्द करो ऐसी कवितायेँ जो शासन के खिलाफ हैं।" उसी समय कसे (गठे) शरीर का एक लड़का बड़ी फुर्ती से वहाँ पहुँचा और उसने उस दरोगा को मंच पर ही उठाकर दे मारा[2]। विद्रोही जी ने मंच पर बैठे कवि उदय प्रताप सिंह से पूछा ये नौजवान कौन है तो पता चला कि यह मुलायम सिंह यादव है। उस समय मुलायम सिंह उस कालेज के छात्र थे और उदय प्रताप सिंह वहाँ प्राध्यापक थे।
बाद में यही मुलायम सिंह यादव जब उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री बने तो उन्होंने विद्रोही जी को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्य भूषण सम्मान प्रदान किया।
राजनीतिक जीवन [संपादित करें]
मुलायम सिंह 1967 में पहली बार विधान सभा के सदस्य चुने गये और मन्त्री बने. 1992में उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई वे तीन बार क्रमशः 5 दिसम्बर 1989 से 24 जनवरी 1991 तक, 5 दिसम्बर 1993 से 3 जून 1995 तक और 29 अगस्त 2003 से 11 मई 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री रहे. इसके अतिरिक्त वे भारत सरकार में रक्षा मन्त्री भी रह चुके हैं.
मुलायम सिंह पर पुस्तकें [संपादित करें]
मुलायम सिंह पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं। इनमे पहला नाम "मुलायम सिंह यादव- चिन्तन और विचार" का है जिसे अशोक कुमार शर्मा ने सम्पादित किया था . [3] इसके अतिरिक्त राम सिंह तथा अंशुमान यादव द्वारा लिखी गयी "मुलायम सिंह: ए पोलिटिकल बायोग्राफी" अब उनकी प्रमाणिक जीवनी है.[4] लखनऊ की पत्रकार डॉ नूतन ठाकुर ने भी मुलायम सिंह के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक महत्व को रेखांकित करते हुए एक पुस्तक लिखने का कार्य किया है. [5]
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ http://www.samajwadiparty.in
- ↑ दीवार के साये में (आत्मकथा दामोदर स्वरूप 'विद्रोही') पृष्ठ ६९
- ↑ http://www.flipkart.com/mulayam-singh-yadav-chintan-aur-book-8128811703
- ↑ http://catalogue.nla.gov.au/Record/1620317
- ↑ http://bhadas4media.com/vividh/7256-2010-11-07-10-42-15.html "म" से मुलायम, "म" से मायावती, "क" से किताब