मन्दोदरी

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मंदोदरी रामायण के पात्र, पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा गया है। मंदोदरी मयदानव की पुत्री थी। उसका विवाह लंकापति रावण के साथ हुआ था।

हेमा नामक अप्सरा से उत्पन्न रावण की पटरानी जो मेघनाथ की माता तथा मयासुर की कन्या थी। अतिकायअक्षयकुमार इसके अन्य पुत्र थे। रावण को सदा यह अच्छी सलाह देती थी और कहा जाता है कि अपने पति के मनोरंजनार्थ इसीने शतरंज के खेल का प्रारंभ किया था। इसकी गणना भी पंचकन्याओं में है, यद्यपि रावणवध के पश्चात् इसका विवाह विभीषण से हुआ था।

सिंघलदीप की राजकन्या और एक मातृका का भी नाम मंदोदरी था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

mandodari bahut hi gyanwaan aur dharmik mahila thi