प्रदूषण
मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
वातावरण में दूशकों का घुलने के कारण प्राकृतिक संतुलन में जो दोष पैदा होता है, उसे प्रदूषण कहते हैं। प्रदूषक वातावरण और जीव-जन्तुओ को नुकसान पहुंचाते हैं।
प्रदूषण के प्रकार[संपादित करें]
प्रदुषण के कुछ मुख्य प्रकार हैं-
- वायु प्रदुषण:-वातावरण में रसायन तथा अन्य सुक्ष्म कणों की मुक्ति को वायु प्रदुषण कहते हैं। आम गैसीय प्रदूषण कार्बन मोनोआक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) और उद्योग और मोटर वाहनों से निकलने वाले नाइट्रोजन आक्साइड जैसे प्रदूषको से होता है । धुआँसा वायु प्रदुषण का परिणाम है। धूल और मिट्टी के सूक्ष्म कण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचकर कई बीमारियाँ पैदा कर सकते हैं।
- जल प्रदूषण:-जल में अनुपचारित घरेलू सीवेज के निर्वहन, और क्लोरीन जैसे रासायनिक प्रदूषकों के मिलने से जल प्रदूषण फैलता है। जल प्रदूषण पौधों और पानी में रहने वाले जीवों के लिए हानिकारक होता है।
- भूमि प्रदूषण:- ठोस कचरे के फैलने और रासायनिक पदार्थों के रिसाव के कारण भूमि में प्रदूषण फैलता है।
- प्रकाश प्रदूषण:-यह अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश के कारण होता है।
- ध्वनि प्रदूषण:-अत्यधिक शोर जिससे हमारी दिनचर्या को बाधित करे, और सुनने में अप्रिय लगे, ध्वनि प्रदूषण कहलाता है।
- रेडियोधर्मी प्रदूषण:-परमाणु उर्जा उत्पादन और परमाणु हथियारों के अनुसंधान, निर्माण और तैनाती के दौरान उत्पन्न होता है।