पृथ्वीराज कपूर
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पृथ्वीराज कपूर (3 नवंबर 1906 - 29 मई 1972) भारतीय सिनेमा जगत एवं नाटकों की दुनिया में प्रारंभिक काम करने वाले प्रमुख हस्ती थे। इन्हीं से कपूर ख़ानदान की भी शुरुआत भारतीय सिनेमा जगत में होती है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें] व्यवसाय
पृथ्वीराज ने पेशावर पाकिस्तान के एडवर्ड कालेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने एक साल तक कानून की शिक्षा भी प्राप्त की जिसके बाद उनका थियेटर की दुनिया में प्रवेश हुआ। 1928 में उनका मुंबई आगमन हुआ।
कुछेक मूक फिल्म में काम करने के बाद उन्होंने भारत की पहली बोलनेवाली फिल्म आलम आरा में मुख्य भूमिका निभाई।
[संपादित करें] पृथ्वी थियेटर
[संपादित करें] पुरस्कारों की दुनिया
1972 में उनकी मृत्यु के पश्चात उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाज़ा गया। पृथ्वीराज कपूर को कला क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
[संपादित करें] विरासत
[संपादित करें] व्यक्तिगत जीवन
[संपादित करें] कुछ ख़ास फ़िल्में
- मुग़ले आज़म (1960)
- आवारा (1951)
- सिंकदरा (1941)
- आलम आरा (1931)
- विद्यापति (1937)
- कल आज और कल (1971)
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
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