नुआपाड़ा
| नुआपाड़ा | |||||
| — town — | |||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||
| देश | |||||
| राज्य | उड़ीसा | ||||
| ज़िला | नुआपाड़ा | ||||
| जिलाधीश | श्री.विष्णु प्रसाद पांडा | ||||
| जनसंख्या | 26,239 (2001 के अनुसार [update]) | ||||
| लिंगानुपात | 1007 ♂/♀ | ||||
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विभिन्न कोड
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| आधिकारिक जालस्थल: nuapada.nic.in/ | |||||
निर्देशांक: नुआपाड़ा भारत के उड़ीसा प्रान्त का एक शहर है।यह नुआपाड़ा जिला मुख्यालय है। पश्चिमी उड़ीसा का नौपाडा जिला मध्य प्रदेश के रायपुर और उड़ीसा के बारगढ़, बालंगीर व कालाहांडी जिलों से घिरा हुआ है। 3407.05 वर्ग किमी. में फैला यह जिला 1993 तक कालाहांटी का हिस्सा था, लेकिन प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से इसे कालाहांडी से अलग एक नए जिले के रूप में गठित कर दिया गया। पटोरा जोगेश्वर मंदिर, राजीव उद्यान, पातालगंगा, योगीमठ, बूढ़ीकोमना, खरियर, गोधू जलप्रताप आदि यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
अनुक्रम |
प्रमुख आकर्षण [संपादित करें]
पटोरा जोगेश्वर मंदिर [संपादित करें]
यह पश्चिमी उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय शिव पीठों में एक है। मरगुडा घाटी के मरगुडा गांव में स्थित इस मंदिर में 6 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है। इसके निकट ही राम मंदिर भी बना हुआ है। 40 फीट ऊंची हनुमान की मूर्ति यहां का मुख्य आकर्षण है।
पातालगंगा [संपादित करें]
हिन्दुओं का यह पवित्र तीर्थस्थान खरियर से 41 किमी. और बोदेन से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इसके गर्म जल में स्नान करता है, उसे मुक्ति मिलती है। पातालगंगा में स्नान करने को पवित्र गंगा नदी में स्नान करने के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि जब भगवान राम अपने वनवास के दौरान इस क्षेत्र से गुजर रहे तो सीता को प्यास लगी है। सीता की प्यास बुझाने के लिए राम ने धरती पर बाण चलाया और पातालगंगा की उत्पत्ति हुई।
योगीमठ [संपादित करें]
योगीमठ लोकप्रिय प्रागैतिहासिक कालीन गुफा है। इस गुफा में पुरापाषाण काल के अनेक चित्र पत्थरों पर बने हुए हैं। यहां बनी सांड की आकृति काफी आकर्षक है। कृषि और पशुओं के चित्र आज भी उस काल के जीवन आंखों के सामने उपस्थित कर देते हैं।
बूढ़ीकोमना [संपादित करें]
बूढ़ीकोमना खरियर से 73 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस स्थान की लोकप्रियता यहां बने भगवान पातालेश्वर शिव के मंदिर के कारण है। त्रिरथ शैली में बने इस मंदिर के निर्माण में ईंटों का प्रयोग किया गया है। वर्तमान में यह मंदिर क्षतिग्रस्त अवस्था में है।
खरियर [संपादित करें]
खरियर नगर के बीचों बीच बना प्राचीन दधीबामन मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर को स्थानीय लोग बडागुडी नाम से भी पुकारते हैं। इसके अलावा भगवान जगन्नाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, देवी लक्ष्मी मंदिर और रक्तांबरी मंदिर यहां के अन्य लोकप्रिय आकर्षण हैं। खरियर में अमेरिकन इवेन्जलिकल मिशन की गतिविधियों होती रहती हैं।
गोधू जलप्रपात [संपादित करें]
नौपाडा से 30 किमी. दूर स्थित इस जलप्रपात की कुल ऊंचाई 30 मीटर है। यह झरना गर्मियों के दिनों में सूख जाता है। इसके निकट ही भगवान शिव का मंदिर देखा जा सकता है। बैसाखी पर्व के मौके पर यहां दूर-दूर से भक्तों का आगमन होता है।
सुनादेब वन्यजीव अभ्यारण्य [संपादित करें]
600 वर्ग किमी. में फैला यह अभ्यारण्य नौपाडा जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित है। इसे बारहसिंहा का आदर्श स्थान माना जाता है। साथ ही टाईगर, तेंदुए, हेना, बार्किंग डीयर, चीतल, गौर, स्लोथ बीयर और पक्षियों की विविध प्रजातियां देखी जा सकती हैं।
आवागमन [संपादित करें]
- वायु मार्ग
नौपाडा का नजदीकी एयरपोर्ट रायपुर विमानक्षेत्र में है। यह एयरपोर्ट 120 किमी. की दूरी पर है और देश के अनेक बड़े शहरों से वायुमार्ग द्वारा जुड़ा है।
- रेल मार्ग
नौपाडा रोड रेलवे स्टेशन यहां का करीबी रेलवे स्टेशन है, जो नौपाडा नगर से 3 किमी. दूर है। यह रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे के विजाग-रायपुर रेल लाइन पर स्थित है।
- सड़क मार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग 217 और राज्य राजमार्ग 3 नौपाडा को अन्य शहरों से जोड़ता है। राज्य परिवहन की अनेक बसें नौपाडा के लिए चलती रहती हैं।