धनबाद जिला

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धनबाद भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है ।

जिले का मुख्यालय धनबाद है ।

क्षेत्रफल - 2509.5 वर्ग कि.मी.

जनसंख्या - 19,49,526 (1991 जनगणना)

साक्षरता - 66%

एस. टी. डी (STD) कोड - ०३२६

जिलाधिकारी - श्री अजय कुमार (अप्रैल 200९ में)

समुद्र तल से उचाई -

अक्षांश - 23*37'3" - 24*4' उत्तर

देशांतर - 86*6'30" - 86*50' पूर्व

औसत वर्षा - 1309 मि.मी.

"अशोक-चक्र" रणधीर वर्मा

धनबाद के जांबाज पुलिस अधीक्षक रणधीर वर्मा ३ जनवरी १९९१ की सुबह धनबाद शहर में बैंक ऑफ इंडिया की हीरापुर शाखा लूटने गए पंजाब के दुर्दांत आतंकवादियों से जूझते हुए शहीद हो गए थे। भारत के राष्ट्रपति ने २६ जनवरी १९९१ को मरणोपरांत उन्हें अशोक-चक्र से सम्मानित किया और सन् २००४ में भारतीय डाक विभाग ने उस अमर शहीद की याद में डाक टिकट जारी किया था। शहीद रणधीर वर्मा १९७४ बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे। शहीद रणधीर वर्मा का जन्म ३ फरवरी १९५२ को बिहार के सहरसा जिले में हुआ था। उनके पिता बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। शहीद वर्मा की शादी न्यायिक सेवा के अधिकारी जस्टिस रामनन्दन प्रसाद की द्वितीय पुत्री रीता वर्मा के साथ हुई थी। उनकी शहादत के बाद भाजपा ने रीता वर्मा को धनबाद संसदीय क्षेत्र से चुनावी दंगल मे उतारा था। रणधीर वर्मा की लोकप्रियता रंग लाई और रीता वर्मा १९९१ के मध्यावधि चुनाव में विजयी रहीं। लगातार चार बार सांसद निर्वाचित होने वाली रीता वर्मा भारत सरकार में मंत्री भी रहीं। शहीद रणधीर वर्मा के दो पुत्र हैं। प्रथम पुत्र दिल्ली आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद अमरीका स्थित मैकेंजी में सलाहकार हैं। द्वितीय पुत्र नेशनल लॉ स्कूल यूनिर्वसिटी, बंगलुरू से विधि स्नातक हैं और सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं।

रणधीर वर्मा स्टेडियम

रणधीर वर्मा की शहादत के बाद बिहार सरकार ने धनबाद स्थित गोल्फ ग्राउंड का नामकरण रणधीर वर्मा स्टेडियम कर दिया था। अब इस स्टेडियम को आधुनिक लुक दिया जा चुका है। धनबाद शहर का यह एकमात्र बड़ा स्टेडियम है।

रणधीर वर्मा चौक

रणधीर वर्मा चौक धनबाद शहर के बीचो-बीच जिला मुख्यालय से कोई ५०० गज की दूरी पर है। इसी चौक के पास बैंक ऑफ इंडिया में ३ जनवरी १९९१ में हुई आतंकवादी मुठभेड़ में रणधीर वर्मा शहीद हो गए थे। इस चौक पर शहीद रणधीर वर्मा की आदमकद प्रतिमा है, जहां प्रत्येक वर्ष श्रद्धांजलि साभा का आयोजन किया जाता है। यह प्रतिमा धनबाद शहर में आकर्षण का केंद्र है।

रणधीर वर्मा मेमोरियल सोसाइटी

रणधीर वर्मा की याद में झारखँड में एक गैर सरकारी संगठन संचालित है, जो मुख्य रूप से समाज के वंचित वर्ग के लोगों को अनौपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का काम करता है। इस संगठन का नाम है रणधीर वर्मा मेमोरियल सोसाइटी। इसके प्रमोटर हैं वरिष्ठ पत्रकार श्री किशोर कुमार। रणधीर वर्मा मेमोरियल सोसाइटी का कार्यक्षेत्र फिलहाल धनबाद, बोकारो और गिरिडीह है। धनबाद में उर्दू भाषी छात्र-छात्राओं के लिए सस्ती दरों पर कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था है, जिसे मान्यता दे रखी है नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज (एनसीपीयूएल) ने। यह भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय का स्वायत्तशासी संगठन है। बोकारो मे ३२ से ज्यादा ट्रेडों में अनौपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जो भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है।

बाहरी कड़ियां[संपादित करें]

http://dhanbad.nic.in/