लोहरदग्गा

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लोहरदग्गा
—  शहरity  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य झारखंड
ज़िला लोहरदग्गा
जनसंख्या 46,204 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 647 मीटर (2,123 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: lohardaga.nic.in

Erioll world.svgनिर्देशांक: 23°26′N 84°41′E / 23.43°N 84.68°E / 23.43; 84.68 लोहरदग्गा भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है।वनाच्छादित पहाड़ों, झरनों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्रकृति के अनमोल उपहारों से सजा लोहरदग्‍गा झारखंड में स्थित है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पहले यह लोहा गलाने का बड़ा केन्द्र था। इसलिए इसका नाम लोहरदग्‍गा रखा गया था। इसके पीछे उनका तर्क है कि लोहरदग्‍गा दो शब्दों लोहार और दग्‍गा से मिलकर बना है। लोहार का अर्थ होता है लोहे का व्यापारी और दग्‍गा का अर्थ होता है केन्द्र।

जैन पुराणों के अनुसार भगवान महावीर ने लोहरदग्‍गा की यात्रा की थी। जहां पर भगवान महावीर रूके थे उस स्थान को लोर-ए-यादगा के नाम से जाना जाता है। लोहरदग्‍गा का इतिहास काफी गौरवशाली है। इसके राजाओं ने यहां पर अनेक किलों और मन्दिरों का निर्माण कराया था। इनमें कोराम्बे, भान्द्रा और खुखरा-भाकसो के मन्दिर और किले प्रमुख हैं।

प्रमुख आकर्षण[संपादित करें]

रीति रिवाज[संपादित करें]

लोहरदग्‍गा की रीति-रिवाज और संस्कृति बहुत रंग-बिरंगी और अनूठी हैं। इसके रीति-रिवाजों के अनुसार लड़के की पहली शादी महुआ के वृक्ष के साथ और लड़की की पहली शादी आम के पेड़ के साथा कराई जाती है। इस रिवाज के संबंध के स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन वृक्षों से उनकी शादी कराई जाती है वह उन वृक्षों की जीवन पर्यन्त देखभाल करेंगे।

धरधारिया जलप्रपात[संपादित करें]

लोहरदग्‍गा के सेन्हा प्रखण्ड में धरधारिया जलप्रपात स्थित है। इसके आस-पास का नजारा भी काफी खूबसूरत है जो पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। झारखंड सरकार के अनुसार यहां पर पर्यटन उद्योग में असीमित संभावनाएं हैं। अत: सरकार वहां पर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाओं को शुरू कर रही है।

महादेव मंडा[संपादित करें]

धरधारिया जलप्रपात देखने के बाद पर्यटक महादेव मंडा घूमने जा सकते हैं। यह प्राकृतिक रूप से बहुत खूबसूरत है। अत्यंत खूबसूरत होने के बावजूद इसे अभी तक वह स्थान नहीं मिल पाया है जो इसे मिलना चाहिए था। महादेव मंडा के पास ही कंडरा और कोराम्बे घूमने जाया जा सकता है। यह दोनों पर्यटक स्थल महादेव मंडा की भांति ही खूबसूरत हैं और मंडा की अपेक्षा यहां पर पर्यटकों के लिए ज्यादा सुविधाएं हैं।

सरहुल[संपादित करें]

आदिवसियो का मुख्य पर्व

यह एक च्होत स सहर है । यह कि पर्किति बहुत शुन्दर है/

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

रांची हवाई अड्डा लोहरदग्‍गा के पास स्थित है। हवाई अड्डे से बसों व टैक्सियों द्वारा लोहरदग्‍गा तक पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग

लोहरदग्‍गा मीटर गेज रेलवे लाईन द्वारा रांची से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग

रांची और राउरकेला राज्य-राजमार्ग से पर्यटक आसानी से लोहरदग्‍गा तक पहुंच सकते हैं।


संदर्भ[संपादित करें]


बाहरी सूत्र[संपादित करें]