कोडरमा

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कोडरमा
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य झारखंड
ज़िला कोडरमा
उपायुक्त श्री कन्हैया पांडे
जनसंख्या 17,160 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 375 मीटर (1,230 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: koderma.nic.in

Erioll world.svgनिर्देशांक: 24°28′N 85°36′E / 24.47, 85.6 कोडरमा भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। यह भारत के अभ्रक जिला के रूप मे जाना जाता है। इसे झारखंड का प्रवेशद्वार के नाम से भी जाना जाता है। झारखण्ड का कोडरमा जिला शहरी क्षेत्र है जो अपनी “अभ्रक नगरी” के सग्रह के रूप मे जाना जाता है। यह जिला अर्धविकसित, क्षीण जनसंख्या वाला है जबकि सीमित प्राकृतिक संसाधन मौजूद है। 717 गाँवों वाले इस जिले का निर्माण हजारीबाग जिले को विभाजित कर 10 अप्रैल 1994 को किया गया । इस जिले में सिर्फ़ दो शहर कोडरमा और झुमरी तिलैया हैं। कोडरमा जिले की सीमायें बिहार में गया और नवादा तथा झारखंड में गिरिडीह था हजारीबाग के साथ लगती हैं । इस जिला मे पाच प्रखण्ड कोडरमा, जयनगर, मरकच्चौ, सतगांवा एंव चंदवारा है। इस जिले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विश्व के पूरे माइका का 90% उत्पादन यहीं होता है।

भूगोल[संपादित करें]

कोडरमा की स्थिति 24°28′N 85°36′E / 24.47, 85.6[1] पर है। यहां की औसत ऊंचाई 375 मीटर (1230 फीट) है।

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

शक्तिपीठ[संपादित करें]

शक्तिपीठ मां चंचला देवी के लिए कोडरमा प्रसिद्ध है। यह शक्तिपीठ दुर्गा मां को समर्पित है। प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को यहां पर भक्तों की भारी भीड़ देखी जा सकती है। शक्तिपीठ के अलावा इसे अभ्रक की खदानों के लिए भी पूरे विश्व में जाना जाता है। यहां पर अभ्रक की इतनी खदानें हैं कि इसे अभ्रक नगरी के नाम से भी पुकारा जाता है। शक्तिपीठ और खदानों के अलावा भी यहां देखने के लिए बहुत कुछ है। उरवन टूरिस्ट कॉम्पलैक्स, ध्वजागिरि पहाड़ी और सतगांवा पैट्रो झरने इसके प्रमुख पर्यटक स्थल हैं।


ति‍लैया बांध[संपादित करें]

कोडरमा में पर्यटक ति‍लैया बांध देख सकते हैं। यह बांध दामोदर घाटी में बड़ाकर नदी पर बना हुआ है। आकार में यह लगभग 1200 फीट लंबा और 99 फीट ऊंचा है। बांध के आस-पास का क्षेत्र काफी मनोरहारी है और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। इसके अलावा यहां पर एक विशाल जलाशय के किनारे पिकनिक का आनंद भी लिया जा सकता है। यह जलाशय बहुत विशाल है और लगभग 36 वर्ग कि.मी. में फैला हुआ है। जलाशय के पास खूबसूरत पहाड़ियां भी हैं जो पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती हैं।

उरवन टूरिस्ट कॉम्पलैक्स[संपादित करें]

ति‍लैया बांध से कुछ ही दूरी पर उरवन टूरिस्ट कॉम्पलैक्स है। यहां पर पर्यटक बेहतरीन पिकनिक मना सकते हैं। पिकनिक मनाने के अलावा यहां पर बोटिंग और वाटर स्पोर्टस का आनंद भी लिया जा सकता है। उरवन में घूमने के बाद बागोधर के हरि हर धाम के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां पर भगवान शिव को समर्पित 52 फीट ऊंचा शिवलिंग है। कहा जाता है कि यह शिवलिंग पूरे विश्व में सबसे विशाल है और इसके बनने में 30 वर्ष लगे थे।

सतगांवा पैट्रो झरने[संपादित करें]

प्रकृति की गोद में बसे ककोलत में सतगांवा पैट्रो झरने के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। यह झरने घने जंगलों में स्थित हैं और बहुत खूबसूरत हैं। इन झरनों के आस-पास का क्षेत्र भी काफी मनोहारी हैं। पर्यटक चाहें तो इन जंगलों की सैर पर जा सकते हैं और वन्य जीवों व पेड़-पौधों की आकर्षक छटा देख सकते हैं। लेकिन यह बात ध्यान देने योग्य है कि यहां तक पहुंचना काफी मुश्किल है।

शक्तिपीठ मां चंचला देवी[संपादित करें]

कोडरमा-गिरिडीह हाईवे से 33 कि.मी. की दूरी पर मां चंचला देवी शक्तिपीठ स्थित है। यह पीठ मां दुर्गा को समर्पित है और 400 फीट की ऊंचाई पर बनी हुई है। मंगलवार और शनिवार को इस शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा सकती है। शक्तिपीठ के पास एक पहाड़ी पर गुफा बनी हुई है। इस गुफा में मां दुर्गा की चार मुद्राओं के चित्र देखे जा सकते हैं। मां दुर्गा को समर्पित यह गुफा बहुत खूबसूरत है लेकिन इसका प्रवेश द्वार काफी छोटा है।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

कोडरमा के सबसे नजदीक रांची विमानक्षेत्र है। यहां से पर्यटक आसानी से कोडरमा तक पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग

देश के प्रमुख भागों से कोडरमा के लिए कई रेलगाड़ियां हैं। इन रेलगाडियों से पर्यटक आसानी से कोडरमा तक पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग

पटना-रांची रोड से बसों व निजी वाहन द्वारा कोडरमा तक पहुंचा जा सकता है।


यह भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Falling Rain Genomics, Inc - Kodarma

बाहरी सूत्र[संपादित करें]