जीवविज्ञान का इतिहास

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  • c. ७०० BCE - सुश्रुत ने सुश्रुत संहिता की रचना की जिसमें शल्यचिकित्सा में प्रयुक्त १२० से अधिक उपकरणों का विवरण है। इसमें शल्यचिकित्सा की ३०० प्रक्रियाओं का भी वर्णन है। इसमें मानव की शल्यचिकित्सा को ८ श्रेणीयों में बांटा गया है। सुश्रुत प्रथम सौंदर्यचिकित्सक (cosmetic surgeon) थे।
  • c. ३५० BCE - अरस्तू ने जीवों के समग्र वर्गीकरण की कोशिश की।
  • c. ३०० BCE - डायोक्लीज ने शरीररचना पर प्रथम ज्ञात पुस्तक लिखी।
  • १६७६ - एंटन वॉन ल्युवेनहुक (Anton van Leeuwenhoek) ने प्रोटोजोवा एवं कोशिकाओं को देखा और उन्हें 'एनिमलक्युल' (animalcules) नाम दिया।
  • १८२८ - फ्रेडरिक वुहलर (Friedrich Woehler) ने यूरिया का संश्लेषण किया। यह किसी कार्बनिक यौगिक का प्रथम संश्लेषण था।
  • १८६५ - ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel) ने मटर के पौधों में किये संकरण (crossbreeding) के प्रयोगों को प्रकाशित किया।
  • १९५३ - जेम्स वाटसन (James Watson) तथा फ्रांसिस क्रिक (Francis Crick) ने डीएनए का 'डबल हेलिक्स मॉडल' प्रस्तुत किया।
  • १९६० - रॉर्बर्ट वुडवर्ड (Robert Woodward) ने पर्णहरित का सम्श्लेषण किया।
  • १९६७ - जॉन गर्डन (John Gurden) नाभिकीय ट्रांसप्लांटेशन का उपयोग करके मेढ़क का क्लोन बनाया जो कशेरूकधारियों का पहला क्लोन था।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]