तर्कशास्त्र का इतिहास

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अनेकों संस्कृतियों ने तर्क करने की सूक्ष्मतिसूक्ष्म प्रणाली अपनायी तथा मानव के सम्पूर्ण चिन्तन में तर्क उपस्थित रहा है। किन्तु तर्क करने की स्पष्ट और विधिवत प्रणाली मुख्यत: और मूलत: भारत, चीन और यूनान में ही विकसित हुई। इनमें से केवल भारतीय और यूनानी तर्क परिपाटी ही आधुनिक काल तक बिना व्यवधान के विकास करती रही।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]