उपनिवेशवाद
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किसी एक भौगोलिक क्षेत्र के लोगों द्वारा किसी दूसरे भौगोलिक क्षेत्र में उपनिवेश (कॉलोनी) स्थापित करना और यह मान्यता रखना कि यह एक अच्छा काम है, उपनिवेशवाद (Colonialism) कहलाता है।
इतिहास में प्राय: पन्द्रहवीँ शताब्दी से लेकर बीसवीं शताब्दी तक उपनिवेशवाद का काल रहा। इस काल में युरोप के लोलों ने विश्व के विभिन्न भागों में उपनिवेश बनाये। इस काल में उपनिवेशवाद में विश्वास के मुख्य कारण थे -
- लाभ कमाने की लालसा
- मातृदेश की शक्ति बढ़ाना
- मातृदेश में सजा से बचना
- स्थानीय लोगों का धर्म बदलवाकर उन्हें उपनिवेशी के धर्म में शामिल करना
कुछ उपनिवेशी यह भी सोचते थे कि स्थानीय लोगों को इसाई बनाकर तथा उन्हें "सभ्यता" का दर्शन कराकर वे उनकी सहायता कर रहे हैं। किन्तु वास्त्विकता में उपनिवेशवाद का अर्थ था - आधिपत्य (subjugation), विस्थापन एवं मृत्यु।
उपनिवेश, मातृदेश के साम्राज्य का भाग होता था; अत: उपनिवेशवाद का साम्राज्यवाद से घनिष्ट सम्बन्ध है।
[संपादित करें] इन्हें भी देखें
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- साहित्य पर औपनिवेशिक साया ! (ताप्तीलोक)
- Effects of Colonization on Indian Thought
- Liberal opposition to colonialism, imperialism and empire (pdf) - by professor Daniel Klein
- Globalization (and the metaphysics of control in a free market world) - an online video on globalization, colonialism, and control.
- आजाद तन गुलाम मन (भारतीय पक्ष)