हाउस ऑफ कॉमन्स

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हाउस ऑफ़ कॉमन्स
आम सदन
House of Commons
५८ वां संसद
Coat of arms or logo
प्रकार
प्रकार
नेतृत्व
सभापति
लिंडसे हॉयल
4 नवम्बर 2019
चेयरमैन ऑफ़ वेज़ एंड मीन्स
दामे एलेनोर लैंग, कंज़र्वेटिव
8 जनवरी 2020
बोरिस जॉनसन, कंज़र्वेटिव पार्टी
24 जुलाई 2019
नेता सत्तापक्ष
जैकब रीस मॉग, कंज़र्वेटिव
24 जुलाई 2019
नेता विपक्ष
कीर स्टारमर, लेबर
4 अप्रैल 2020
Structure
सीटें 450
UK_House_of_Commons_2019.svg
Length of term
अधिकतम ५ वर्ष
चुनाव
फर्स्ट पास्ट दी पोस्ट
12 दिसम्बर 2019
मई 2024 से पूर्व
बैठक स्थान
House of Commons Chamber 1.png
पैलेस ऑफ़ वेस्टमिंस्टर, सिटी ऑफ़ वेस्टमिंस्टर, लन्दन, यूनाइटेड किंगडम
वेबसाइट
https://www.parliament.uk/business/commons/

हाउस ऑफ कॉमन्स ब्रिटेन की संसद का निचला सदन है। इसकी बैठकें वेस्टमिंस्टर, लंदन में होती है। हाउस ऑफ़ कॉमन्स, संसद का निम्नसदन है, कॉमन्स एक निर्वाचित निकाय है जिसमें 450 सदस्य होते हैं जिन्हें संसद के सदस्य (सांसद) के रूप में जाना जाता है। सदस्यों को फर्स्ट-पास्ट-दी-पोस्ट की व्यवस्था द्वारा विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाता है और संसद भंग होने तक अपनी सीट पर बने रहते हैं। इसके सदस्यों की संख्या 660 है

इतिहास[संपादित करें]

इस सदन का विकास इंग्लैंड की हाउस ऑफ कॉमन्स से हुआ, जिसने 13वीं और 14 वीं शताब्दी में विकसित होना शुरू किया था। यह 1707 में स्कॉटलैंड के साथ राजनीतिक विलय के बाद यह "ग्रेट ब्रिटेन का हाउस ऑफ़ कॉमन्स" बन गया, तथा 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में आयरलैंड के साथ राजनीतिक विलय के बाद इसने "ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का हाउस ऑफ कॉमन्स" का खिताब ग्रहण किया। "यूनाइटेड किंगडम" का उल्लेख यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड के रूप में 1800 से किया गया था, और 1922 में आयरिश मुक्त राज्य की स्वतंत्रता के बाद यह "ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम का हाउस ऑफ़ कॉमन्स" बन गया। तदानुसार, हाउस ऑफ कॉमन्स ने अपना वर्तमान शीर्षक ग्रहण कर लिया।

संसद अधिनियम 1911 और 1949 के तहत, हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स से किसी भी संसदीय विधेयक को अस्वीकार करने की शक्ति को छीन लिया गया और केवल विलंबित किये जाने की शक्ति तक घटा दिया गया था। अतः ब्रिटिश सरकार पूरी तरह से केवल हाउस ऑफ कॉमन्स के प्रति जवाबदेही रखती है और प्रधानमंत्री केवल तब तक पद पर रहते हैं जब तक कि वे बहुमत से कॉमन्स के विश्वास को बनाए रखें।[1]

कार्य व शक्तियाँ[संपादित करें]

विधायक कार्य[संपादित करें]

विधेयकों को किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, परंतु सामान्यतः महत्वपूर्ण विधेयकों की उत्पत्ति हाउस ऑफ कॉमन्स में ही होती है। विधायी मामलों में कॉमन्स की सर्वोच्चता को पार्लियामेंट अधिनियमों द्वारा आश्वासित किया गया है, जिसके तहत महारानी को शाही स्वीकृति के लिए हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सहमति के बिना भी कुछ प्रकार के बिल प्रस्तुत किए जा सकते हैं। लॉर्ड्स सदन एक महीने से अधिक के लिए किसी भी वित्तीय विधेयक (एक बिल, जो हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष के विचार में, केवल राष्ट्रीय कराधान या सार्वजनिक धन से सम्बंधित है) में देरी नहीं कर सकता है। इसके अलावा, लॉर्ड्स सदन दो से अधिक संसदीय सत्रों, या एक वर्ष से अधिक समय के लिए अन्य किसी भी सार्वजनिक विधेयक को टाल नहीं सकता। हालाँकि, ये प्रावधान केवल उन सार्वजनिक विधेयकों पर लागू होते हैं जो कॉमन्स सदन में उत्पन्न होते हैं। इसके अलावा, पांच साल से अधिक के संसदीय कार्यकाल का विस्तार करने वाले विधेयक को लॉर्ड्स की सहमति की आवश्यकता होनी अनिवार्य है।

पार्लियामेंट अधिनियमों के पारित होने से पूवर से प्रचलित प्रथा के तहत, केवल हाउस ऑफ कॉमन्स ही कराधान या आपूर्ति से संबंधित विधेयकों की उत्पत्ति कर सकते हैं। इसके अलावा, हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा पारित आपूर्ति बिल हाउस ऑफ लॉर्ड्स में संशोधन से पूर्णतः प्रतिरक्षा हैं। इसके अलावा, हाउस ऑफ लॉर्ड्स पर किसी भी विधेयक को इस प्रकार संशोधित करने से रोक है ताकि उसमे कराधान या आपूर्ति से संबंधित कोई प्रावधान सम्मिलित किया जा सके, हालाँकि हाउस ऑफ कॉमन्स अक्सर अपने इस विशेषाधिकार को माफ कर लॉर्ड्स को वित्तीय निहितार्थ के साथ संशोधन करने की अनुमति दे देता है। इसके अलावा, सैलिसबरी सभागम के तहत हाउस ऑफ लॉर्ड्स सरकार के चुनावी घोषणापत्र में वादा किए गए कानून का विरोध करने की मांग नहीं करता है। अतः चूंकि हाउस ऑफ लॉर्ड्स की शक्ति को क़ानून और व्यवस्था द्वारा गंभीर रूप से बंद कर दिया गया है, इसलिए हाउस ऑफ़ कॉमन्स स्पष्ट रूप से संसद का अधिक शक्तिशाली कक्ष है।[2]

सरकार की समीक्षा[संपादित करें]

हाउस ऑफ कॉमन्स औपचारिक रूप से अपनी समितियों और प्रधान मंत्री के प्रश्नों के माध्यम से सरकार के कार्यों की समीक्षा करते हैं, जब सदस्य प्रधानमंत्री के प्रश्न पूछते हैं; अन्य कैबिनेट मंत्रियों से सवाल करने के लिए सदन अन्य अवसर देता है। प्रधानमंत्री के प्रश्न साप्ताहिक होते हैं, सामान्य रूप से प्रत्येक बुधवार को आधे घंटे के लिए। प्रश्न, उत्तर देने वाले मंत्री की सरकारी गतिविधियों से संबंधित होना चाहिए, न कि पार्टी के नेता या सांसद के रूप में उनकी गतिविधियों के लिए। परंपरानुसार, यह प्रश्नोत्तर का सिलसिला सत्तारूढ़ दल/गठबंधन और विपक्ष के बीच, बारी-बारी से चलता है। वैकल्पिक तौरपर सदस्यगण लिखित रूप में भी प्रश्न पूछ सकते हैं।

हाउस ऑफ कॉमन्स तकनीकी रूप से मुकुट के मंत्रियों (या सार्वजनिक अधिकारी, या किसी भी अन्य शासनाधीन नागरिक) के अपराधों के लिए महाभियोग चलाने की शक्ति भी रखता है। महाभियोग प्रस्ताव का परिक्षण लॉर्ड्स द्वारा किया जाता है, जहां दोषी साबित करने के लिए लॉर्ड्स की साधारण बहुमत की आवश्यक होती है। लेकिन यह प्रक्रिया आजकल अप्रचलित पड़ गई है: हाउस ऑफ कॉमन्स सामान्यतः अन्य माध्यमों से सरकार पर अपनी समीक्षा करता है, जैसे अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिये; गतकाल में अंतिम महाभियोग 1806 में हेनरी डंडस, मेलविले के प्रथम विसकाउंट का किया गया था।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "The Parliament Acts". Parliament of the United Kingdom. मूल से 5 नवंबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 May 2013.
  2. "The Parliament Acts". Parliament of the United Kingdom. मूल से 5 नवंबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 May 2013.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]